महिला-जगत स्त्री विमर्श और डॉ. लोहिया August 7, 2010 / December 22, 2011 | 6 Comments on स्त्री विमर्श और डॉ. लोहिया – डॉ. सुमन सिंह भारतीय सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में जन्में डॉ0 राममनोहर लोहिया अनिश्वरवादी थे। वह हिन्दू होते हुए भी हिन्दू धर्म की मूल-मान्यताओं के कट्टर विरोधी थे। व धर्म को ईश्वर से न जोड़कर, मानव प्राणियों की भलाई के एक साधन के रूप में मानते थे। वे वर्णाश्रम व्यवस्था को भारतीय समाज में कोढ़ मानते […] Read more » Woman नारी राममनोहर लोहिया
आर्थिकी समग्र विकास के लिए हितधारक भागीदारी संवर्धन एवं भारतीय कोरपोरेट क्षेत्र का विकास August 7, 2010 / December 22, 2011 | Leave a Comment -आर बंदोपाध्याय आर्थिक सुधार, जो 1980 के दशक में शुरू किया गया और मौजूदा दशक में जिसे नयी दिशा दी गयी, के साथ भारतीय कोरपोरेट क्षेत्र लगातार विकास कर रहा है और लगातार वैश्विक अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है। जहां पिछली सहस्राब्दि के अंतिम दशक में विदेशी कंपनियों ने भारत में खूब […] Read more » Corporate भारतीय कोरपोरेट क्षेत्र
पर्यावरण हिंद महासागर पूर्वानुमान प्रणाली August 7, 2010 / December 22, 2011 | Leave a Comment पेशकश : असलम ख़ान विभिन्न समयमान के संदर्भ में पूर्वानुमान समुद्री विज्ञानी मापदण्ड (स्तल और अधस्तल) मौसम विज्ञानियों से लेकर मछुआरों और जलसेना से लेकर अपतटीय उद्योगों के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। इस समय भारतीय राष्ट्रीय समुद्र सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) भारतीय समुद्री सीमाओं और पूरे हिंद महासागर में लहरों के बारे में पूर्वानुमान करने […] Read more » Hind Mahasagar हिंद महासागर
आर्थिकी कहां और कैसा विकास August 6, 2010 / December 22, 2011 | 7 Comments on कहां और कैसा विकास -चन्द्रकांत सारास्वत केन्द्र में जब वाजपेयी की सरकार थी तब उन्होंने ‘भारत उदय’ की बात की थी। उसके बाद आई कांग्रेस सरकार के मंत्री भी बार-बार ये दोहराते रहते हैं कि भारत विकास कर रहा है। सरकार आम आदमी का विकास कर रही है। सरकारों के इस राग में मीडिया भी ताल दे रहा है। […] Read more » Developement विकास
प्रवक्ता न्यूज़ मीडिया संजय द्विवेदी को प्रज्ञारत्न सम्मान August 6, 2010 / December 22, 2011 | 9 Comments on संजय द्विवेदी को प्रज्ञारत्न सम्मान बिलासपुर। पत्रकार एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी को प्रज्ञारत्न सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया। पिछले दिनों बिलासपुर के राधवेंद्र राव सभा भवन में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष धरमलाल […] Read more » Sanjy Dwivedi संजय द्विवेदी
समाज दधीचि देहदान समिति के माध्यम से मृत देह भी अमर हो रही है August 5, 2010 / December 22, 2011 | 3 Comments on दधीचि देहदान समिति के माध्यम से मृत देह भी अमर हो रही है -अरुण कुमार सिंह क्या आप अपनी मृत्यु के बाद भी अपनी आंखों से इस दुनिया को देखना चाहते हैं? क्या आप यह चाहते हैं कि मृत्यु के बाद भी आपका हृदय किसी दूसरे के शरीर को धड़काए? क्या आपकी यह इच्छा है कि देहावसान के पश्चात् आपकी कोई हड्डी किसी के काम आए? यदि हां, […] Read more » samiti दधीचि देहदान समिति
समाज स्वतंत्रता बनाम उच्छृंखलता August 5, 2010 / December 22, 2011 | 5 Comments on स्वतंत्रता बनाम उच्छृंखलता -प्रवीण कुमार किसी भी सभ्य समाज में जिसको किसी भी प्रकार के मसल पवार का उपयोग निंदनीय है खासकर यदि वह महिलाओं के विरोध में हो तो शर्मनाक भी है। परन्तु सामाजिक मापदण्डों को स्वतंत्रता के नाम पर तोड़ना भी निंदनीय है। बेलेटाईन डे या फ्रेडशिप डे के नाम पर हम जिस समाज की रचना […] Read more » independence उच्छृंखलता
धर्म-अध्यात्म भारत प्रार्थना विज्ञान की प्रथम भूमि August 3, 2010 / December 22, 2011 | 1 Comment on भारत प्रार्थना विज्ञान की प्रथम भूमि – हृदयनारायण दीक्षित भारतीय संस्कृति प्रार्थना मूलक है। समूचा ऋग्वेद प्रार्थना मूलक है, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद और उपनिषद् प्रार्थना मंत्र हैं। प्रार्थना हृदय से हृदय का संवाद है, अंतर्भाव का निवेदन है। शून्य से विराट् की वार्ता है। प्रार्थना विचार रहित वाक्य है। निर्विचार वाणी है। हृदयतंत्री का स्वर है। मौन का संगीत है म्युजिस […] Read more » Pray प्रार्थना
धर्म-अध्यात्म योगेश्वर कृष्ण की ऐतिहासिकता July 30, 2010 / December 22, 2011 | 3 Comments on योगेश्वर कृष्ण की ऐतिहासिकता – हरिकृष्ण निगम क्या गीता को हमारे देश में अधिकाधिक रूप से राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जा सकता है? हम गीता क्यों पढ़ें? क्या योगिराज श्री कृष्ण का हमारी संस्कृति में इतना महत्वपूर्ण स्थान है कि उनका आदर्श हम सब के लिए अनुकरणीय है? क्या वर्तमान समय में उनके जीवन की विद्वता, वीरता, कुटनीति, योगी […] Read more » Krishna कृष्ण
विविधा धन्यवाद को धन्यवाद July 30, 2010 / December 22, 2011 | 1 Comment on धन्यवाद को धन्यवाद – हृदयनारायण दीक्षित प्रकृति रहस्यपूर्ण है। मनुष्य प्रकृति का हिस्सा है। मनुष्य और भी रहस्यपूर्ण है। प्रकृति की गतिविधि में अनंत प्रपंच हैं। हम अपनी 5 इंद्रियों के जरिए संसार से जुड़ते हैं। पांचों इंद्रियों से प्राप्त संकेतों का साझा बोध ही हमारी बुद्धि है। बुद्धि की सीमा है। इंद्रिय बोध ही एकमेव सहारा है। […] Read more » thanks धन्यवाद
राजनीति पाटलीपुत्र में इतिहास की पुनरावृत्ति की आहट July 29, 2010 / December 23, 2011 | 5 Comments on पाटलीपुत्र में इतिहास की पुनरावृत्ति की आहट – डॉ. विनोद बब्बर इतिहास केवल सजावट की वस्तु नहीं होती क्योंकि वह अनुभव और सुखद स्मृतियों ही नहीं, खून और चित्कारों से लथपथ ऐसा दस्तावेज होता है जिसकी उपेक्षा की भारी कीमत चुकानी ही पड़ती है। यह भी सत्य है कि इतिहास अपने आपको दोहराता है। जो इतिहास के श्याह-सफेद अध्यायों से सबक नहीं […] Read more » history Patliputra इतिहास
राजनीति प्रतिबंध की मांग की नई राजनीति July 29, 2010 / December 23, 2011 | 1 Comment on प्रतिबंध की मांग की नई राजनीति – हरिकृष्ण निगम आज से लगभग चार वर्ष पूर्व मुंबई विद्यापीठ के कालीना परिसर में वर्षीय वयोवृद्ध एवं वरिष्ठ अधिवक्ता की अस्वतंत्रता पर इस लेखक को उनका संवैधानिक प्रावधानों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर इस लेखक को उनका तर्कपूर्ण एवं विवेचनात्मक भाषण सुनने का अवसर मिला था। इस बात का उस समय अनुमान नहीं था […] Read more » politics राजनीति