प्रवक्‍ता ब्यूरो

नक्सलवाद की चुनौतियां विषय पर व्याख्यान

छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक और कवि विश्वरंजन का कहना है कि अब वक्त आ गया है कि हमें यह तय करना होगा कि हम लोकतंत्र के साथ हैं या नक्सलवाद के साथ।

चौथे चरण के चुनाव के लिए थमा प्रचार अभियान

पंद्रहवीं लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए आज शाम प्रचार अभियान थम गया। सात मई को होने वाले चौथे चरण के मतदान में सात राज्यों व एक केंद्र शासित प्रदेश की 85 संसदीय सीटों…

प्रधानमंत्रीजी, आप क्यों डर रहे हैं?

मैं साधारण सा भारतीय- आम आदमी हूं जिसे आप भूल गए हैं। परन्तु मैं आपको नहीं भूला हूं। मुझे आपके 5 वर्षों की खूब याद है। जिससे मेरे मन में भारी आक्रोश है। बताइए, मैं आपको प्रधानमंत्री क्यों बनाऊं?

लोकतंत्र हमारी सांस्कृतिक विरासत

मैं दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनाव का उत्सव को देख रहा हूं। इसी महिने नई सरकार का गठन भी हो जायेगा। किसकी सरकार बनेगी? कौन राजा बनेगा? यह भविष्य के गर्भ में है।

मंदिर व भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था : एक चिंतन

भारतीय संस्कृति में पूजा-पाठ, कर्मकांड का चलन हमेशा से ही शीर्ष स्तर पर रहा हैं। पूजन की परम्परा युगों-युगों से चली आ रही हैं। जिसमें पूजन स्थल व मंदिरों का निमार्ण राजा-महाराजाओं के लिए सम्मान की बात होती थी।