शख्सियत समाज योगीराज का लाॅगइन ‘विकास’ है तो पासवर्ड ‘हिंदुत्व’। March 20, 2017 | Leave a Comment भारत में तब सनातन धर्म लगभग समाप्ति पर आ गया था, देश में बौद्ध और जैन हो गए थे। रामायण और महाभारत जैसे ग्रन्थ खो गए थे, महाराज विक्रम ने ही पुनः उनकी खोज करवा कर स्थापित किया। विष्णु और शिव जी के मंदिर बनवाये और सनातन धर्म को बचाया। गौर से देखें थे विक्रमादित्य और आज के ‘योग्यादित्य’ के समय की परिस्थितियां एक जैसी हैं Read more » Featured Yogi Adityanath yogi Adityanath as cm in uttar pradesh पासवर्ड ‘हिंदुत्व’ योगीराज का लाॅगइन ‘विकास’
लेख साहित्य एक बार फिर … March 20, 2017 | 2 Comments on एक बार फिर … तुम्हारा वक्तव्य पढ़ कर (चूँकि स्त्रियाँ इस मार्ग पर आ गयी हैं इसलिये ब्रह्मचर्य चिरजीवी नहीं होगा और सद्धर्म केवल पाँच सौ वर्षों तक चलेगा.“)पहले तो मैं यह समझने का यत्न करती रही कि इसके लिये दोषी किसे मानें -स्त्रियों को, सद्धर्म में दीक्षित ब्रह्मचर्य निभानेवाले को , या मानव की स्वाभाविक वृत्तियाँ को ? Read more »
राजनीति योगी आदित्यनाथ होंगे यूपी के अगले मुख्यमंत्री March 18, 2017 | Leave a Comment यूपी में सात दिन का सस्पेंस खत्म हुआ। बीजेपी के फायरब्रांड लीडर और हिंदू हार्डलाइनर इमेज वाले योगी आदित्यनाथ (44) यूपी के अगले के सीएम होंगे। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बीजेपी विधायक दल की लखनऊ में शनिवार शाम हुई मीटिंग में योगी के नाम पर मुहर लगी। आदित्यनाथ यूपी के पहले और बीजेपी के […] Read more » Featured Yogi Adityanath Yogi Adityanath CM of Uttar Pradesh यूपी के अगले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
आलोचना साहित्य सच निकली सपा में चुनावी स्क्रिप्ट की बात, साथ दिखे अखिलेश-शिवपाल March 17, 2017 | Leave a Comment राजधानी लखनऊ में स्थित पार्टी मुख्यालय के सभागार में 104 दिन के बाद एसपी सुप्रीमो अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवापाल यादव एक साथ दिखे। बैठक में पार्टी के सभी नवनिर्वाचित 47 विधायक मौजूद थे। जसवंत नगर से समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल यादव बैठक के दौरान खामोश ही रहे। Read more » अखिलेश-शिवपाल
राजनीति जानिए, कौन हैं उत्तराखण्ड के नए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ? March 17, 2017 | Leave a Comment झारखंड बीजेपी के इंचार्ज त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के सीएम होंगे। वे 18 मार्च को शपथ लेंगे। शुक्रवार को विधायकों की बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना जाएगा। देहरादून की डोईवाला विधानसभा सीट से इस बार उन्होंने कांग्रेस के सीनियर लीडर हीरा सिंह बिष्ट को 24,869 वोटों से हराया है। वह उत्तराखंड में […] Read more » Trivendra Singh Rawat झारखंड बीजेपी के इंचार्ज त्रिवेंद्र सिंह रावत त्रिवेंद्र सिंह रावत
मीडिया सिनेमा इतिहास से खिलवाड़ का किसी को हक नहीं March 17, 2017 | Leave a Comment महारानी पद्मावती पर केन्द्रित दो प्रख्यात महाकाव्य ‘पद्मावत’ और ‘जौहर’ हिन्दी-साहित्य में उपलब्ध हैं। सूफी संत परम्परा के कवि जायसी ने 947 हिजरी अर्थात सन् 1540 ईसवी के लगभग ‘पद्मावत’ महाकाव्य की रचना पूर्ण की। इसमें चित्तौड़ पर अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण और पद्मावती के जौहर का सविस्तार वर्णन है किन्तु कहीं भी पद्मावती की प्रस्तुति खिलजी की प्रेमिका के रुप में नहीं है। Read more » Featured इतिहास से खिलवाड़ फिल्मकार संजयलीला भंसाली महारानी पद्मावती अप्रतिम वीरांगना
समाज नैतिक मूल्यों का असल जीवन में महत्व March 17, 2017 | Leave a Comment हर रोज जन्दगी कुछ पुरानी, नयी उम्मीदें एवं नया रूप दिखाती हैं, कुछ चीजों को हम ध्यानित करते हैं, एवं कुछ चीजों को भूल जाते हैं। कुछ अच्छाईयां, बुराईया हमें एक नया रास्ता बताती हैं। अब हम इस मोड़ पर क्या नया कदम चुनेगे, यह आपका दिल और दिमाग ही बता पायेगा । हमें हमेशा लगनपूर्वक सामाजिक, सांसारिक जिमेवारी निभाते हुए कुछ अलग करने की साहस रखना होगा । यह तभी सम्भव हैं, जब हर इंसान अपनी नैतिक मूल्यों का सही मूल्यांकन अपने सहासिक कदमो से इस धरती पर गौरवान्वित करें। Read more » नैतिक मूल्यों का महत्व
शख्सियत समाज वीरव्रत March 17, 2017 | Leave a Comment कल्पना से परे है कि अध्ययन में कुशाग्र, हर ओर से समाज की बराबरी करने के बाद भी समाज ने उनसे भेदभाव किया। लेकिन लगातार प्रताड़ित होने के बाद भी उन्होंने संघर्ष नहीं छोड़ा। विधि, अर्थशास्त्र व राजनीति शास्त्र में अध्ययन, कोलंबिया वि.वि. और लंदन स्कूल आॅफ इकाॅनोमिक्स से कई डाक्टरेट डिग्रियां लीं। कुल 32 डिग्रियां बाबासाहेब ने प्राप्त कीं। जीवन भर समाज के दलित, पिछड़े और शोषित वर्ग की आवाज बने रहे। उन्होंने अपने समाज को शैक्षिक, आर्थिक, राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक आदि रूपों में समान करने का अथक प्रयास किया। मृत्यु के 34 वर्ष उपरान्त 1990 में उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। Read more » वीरव्रत
धर्म-अध्यात्म क्या करें और क्या ना करें मल मास/खर मास में.. March 16, 2017 | 3 Comments on क्या करें और क्या ना करें मल मास/खर मास में.. धर्मग्रंथों के अनुसार, खर (मल) मास को भगवान पुरुषोत्तम ने अपना नाम दिया है। इसलिए इस मास को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इस मास में भगवान की आराधना करने का विशेष महत्व है। धर्मग्रंथों के अनुसार, इस मास में सुबह सूर्योदय के पहले उठकर शौच, स्नान, संध्या आदि अपने-अपने अधिकार के अनुसार नित्यकर्म करके भगवान का स्मरण करना चाहिए और पुरुषोत्तम मास के नियम ग्रहण करने चाहिए। पुरुषोत्तम मास में श्रीमद्भागवत का पाठ करना महान पुण्यदायक है। Read more » खरमास मल मास
फ़ेस बुक पेज़ से वन मिनट प्लीज – बहनजी & केजरीजी…. March 16, 2017 / March 16, 2017 | Leave a Comment करेला ओर वह भी नीम चढा कि तर्ज पर मायावती का खुद का अहंकारी ओर सामंती व्यवहार ओर वह भी उनकी अपनी पार्टी ओर मंत्रीयों के साथ हैरानी भरा ही रहा है उनके साथ कोई बैठ नहीं सकता था ..उनके समकक्ष किसी अन्य की कुर्सी नहीं लग सकती थी उनके विधायक जमीन पर दरी मे बैठाये जाते थे Read more » EVM पर सवाल Featured Massive defeat of Kejriwal in Punjab Vidhansabha election massive defeat of Mayawati in UP election केजरीजी केजरीवाल EVM पर सवाल बहनजी मायावती EVM पर सवाल
फ़ेस बुक पेज़ से विविधा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्र सेवा में बढ़ते कदम- लक्ष्य एक कार्य अनेक March 16, 2017 / March 16, 2017 | Leave a Comment गिरीश जोशी कभी अनाम, अनजान, उपेक्षित और घोर विरोध का शिकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में चर्चा एवं उत्सुकता का विषय बना हुआ है। संघ की इस यात्रा में ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस सरकार द्वारा तीन तीन प्रतिबंधों, कभी अत्यंत शक्तिशाली और क्रूर रहे कम्युनिस्टों, ईसाई और […] Read more » areas of RSS Featured RSS for country RSS for society RSS work in different sectors राष्ट्र सेवा में बढ़ते कदम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लक्ष्य एक कार्य अनेक
प्रवक्ता न्यूज़ सामाजिक प्रतिबद्धताओं से सजा व्यंग्य संग्रह: शोरूम में जननायक March 10, 2017 | 1 Comment on सामाजिक प्रतिबद्धताओं से सजा व्यंग्य संग्रह: शोरूम में जननायक अनूप मणि त्रिपाठी का पहला व्यंग्य संग्रह “शोरूम में जननायक” में लगभग तीन दर्जन व्यंग्य है. व्यंग्य संग्रह में भूमिका नहीं है, सुधी पाठक इससे अंदाज लगा सकते है कि नव लेखन के सामने आने वाली चुनौतियां कम नहीं होती. पुस्तक में भूमिका का न होना एक तरह अच्छा ही हुआ है. अब पाठक अपनी स्वतंत्र सोच […] Read more » शोरूम में जननायक