प्रवक्ता न्यूज़ “बिखरने से बचाया जाए” का लोकार्पण, प्रवक्ता व नया मीडिया बने आयोजक May 8, 2016 / May 24, 2016 | Leave a Comment “सिर्फ मेरा नहीं, तुम्हारा भी, हम सब का है, इस घर को, बिखरने से बचाया जाए।” काश कोई ऐसी मुलाकात होती बस जिसकी शर्त जुदाई न होती… जैसी पंक्तियों के साथ कंस्टीट्यूशन क्लब में “बिखरने से बचाया जाए” का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर डॉ. नामवर सिंह, डॉ. अनामिका, डॉ. अमर नाथ अमर, श्री अनंत […] Read more » "बिखरने से बचाया जाए" का लोकार्पण Featured
प्रवक्ता न्यूज़ इक जग – दुनिया बहुतेरे…!! May 7, 2016 | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा छात्र जीवन में दूसरी , तीसरी और चौथी दुनिया की बातें सुन मुझे बड़ा आश्चर्य होता था। क्योंकि अपनी समझ से तो दुनिया एक ही है। फिर यह दूसरी – तीसरी और चौथी दुनिया की बात का क्या मतलब। लेकिन बात धीरे – धीरे समझ में आने लगी। इस मुद्दे पर ज्यादा […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ विविधा “बिखरने से बचाया जाए” : अलका सिंह May 7, 2016 / May 7, 2016 | Leave a Comment साहित्य समाज का दर्पण है, समाज का प्रतिबिम्ब है, समाज का लेखा-जोखा है. किसी भी राष्ट्र या सभ्यता की जानकारी उसके साहित्य से प्राप्त होती है. साहित्य लोकजीवन का अभिन्न अंग है.विचारों ने साहित्य को जन्म दिया तथा साहित्य ने मानव की विचारधारा को गतिशीलता प्रदान की. उसे सभ्य बनाने का कार्य किया. मानव की […] Read more » Featured बिखरने से बचाया जाए
प्रवक्ता न्यूज़ विश्व पशु चिकित्सा दिवस : 30 अप्रॅल April 30, 2016 | Leave a Comment डा- राधेश्याम द्विवेदी विश्व पशु चिकित्सा दिवस (World Veterinary Day) प्रत्येक वर्ष अप्रैल महीने का अंतिम शनिवार तिथि 30 अप्रॅल 2016 को मनाया जाता है। शुरुआत वर्ष 2000 से मनाया गया। विश्व पशु चिकित्सा संघ के द्वारा पशुओं में पाए जाने वाले जीवाणुओं का दवाओं के प्रति प्रतिरोध विषय पर चर्चा और बीमारियों के बारे […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ सफल जीवन के लिये हौसला जरूरी April 30, 2016 | Leave a Comment -ललित गर्ग- दुनिया में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं है, जिसने दुख न भोगा हो। हर व्यक्ति कभी सुख और कभी दुःख भोगता रहता है। एक गाड़ी के दो पहिये की भांति सुख दुःख साथ-साथ चलते हैं। यह भी बड़ा सत्य है कि आदमी सुख चाहता है, दुःख नहीं। चाही वस्तु मिले तब तो ठीक […] Read more »
मीडिया राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार में हिंदी ब्लॉगर की भूमिका April 25, 2016 | Leave a Comment आज का युग विज्ञान और तकनीक का है, जिसमें हम पग-पग पर तकनीक से टकराते है। जो लोग इस तकनीक को अपना लेते है, वह अपने काम आसानी से कर लेते हैं और जो नहीं कर पाते या जिन्हें इसके लिए दुसरों की सहायता लेनी पड़ती है, वह अपना काम जैसे-तैसे पुरा कर लेते है। […] Read more » Featured राजभाषा हिंदी हिंदी ब्लॉगर
विविधा सूखे की मार ! April 23, 2016 | Leave a Comment आजकल जिस तरह देश के विभिन्न राज्यों में पानी की कमी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है अगर उस पर ध्यान नहीं दिया गया तो संभव है निकट भविष्य में देश वासी अधिक समस्याओं का सामना करने के लिए मजबूर हो जाएं। इसलिए इस समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसके बावजूद लगता ऐसा […] Read more » drought drought in India Featured सूखे की मार
पर्यावरण विविधा धरातल से रसातल की तरफ भू-जल श्रोत April 22, 2016 | Leave a Comment विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष लेख – अशोक बजाज आज समूचा विश्व भीषण जल संकट के दौर से गुजर रहा है. किसी को जल में डूबने का संकट है तो किसी को सूखने का संकट है. विज्ञान के असंयमित उपयोग, दिशाहीन जीवन शैली तथा गलत प्राथमिकताओं के चलते प्रकृति का संतुलन बिगड़ चुका है . […] Read more » Featured धरातल भू-जल श्रोत रसातल
कला-संस्कृति समाज भगवान महावीर की शिक्षायें मानव कल्याण के लिए! April 19, 2016 / April 21, 2016 | Leave a Comment महावीर जयन्ती पर जनहित में प्रकाशन हेतु विशेष लेख – डा.. जगदीश गांधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) मानवता के लिए त्याग करने वाला महावीर है:- महावीर का जन्म वैशाली (बिहार) के एक राज परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम सिद्धार्थ और माता का नाम त्रिशिला था। बचपन से […] Read more » Featured भगवान महावीर भगवान महावीर की शिक्षायें महावीर मानव कल्याण
लेख साहित्य सूखा April 16, 2016 / April 17, 2016 | Leave a Comment डॉ.अमित प्रताप सिंह सुबह अचानक घबराकर आँख खुली, झटके से उठकर बिस्तर पर बैठ गए, माथे पर पसीना छलक रहा था, दिल की धड़कन किसी सुपरफास्ट ट्रेन के इंजन की तरह बहुत जोर की आवाज कर रही थी. तेज़ी से उठकर खिड़की से बाहर झांककर देखा, माली बगीचे में पौधों को पानी दे रहा […] Read more » drought in India Featured सूखा
साक्षात्कार इंजीनियरिंग में हमेशा विकल्प है: स्वामी सानंद April 15, 2016 / April 15, 2016 | Leave a Comment अरुण तिवारी प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई टी, कानपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर, राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय के पूर्व सलाहकार, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रथम सचिव, चित्रकूट स्थित ग्रामोदय विश्वविद्यालय में अध्यापन और पानी-पर्यावरण इंजीनियरिंग के नामी सलाहकार के रूप में […] Read more » स्वामी सानंद
समाज जंगली जीवन जी रहे हैं बिहार-झारखंड के आदिवासी April 11, 2016 | Leave a Comment बिहार के गया जिले के फतेहपुर विकासखंड की कठौतिया केवाल पंचायत बिहार और झारखंड राज्य की सीमा पर बसी हुई है। इस पंचायत के गिद्धनी गांव में 9 आदिवासी टोलों में 990 आदिवासी परिवार रहते हैं। गिद्धनी गांव और वहां के आदिवासियों की फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है। किसी सरकार या सियासी दल के […] Read more » आदिवासी जंगली जीवन झारखंड बिहार