कहानी साहित्य द्वंद … जारी है September 11, 2015 | Leave a Comment एम आर अयंगर राजस्थान के चाँदा गाँव में स्नेहल एक घरेलू जाना पहचाना नाम था. गाँव के कान्वेंट स्कूल में पढ़ने वाली स्नेहल पढ़ाई में अव्वल थी. मजाल कि उसके रहते कोई कक्षा में प्रथम आने की सोच भी लेता. इसके साथ वह थी भी बला की खूबसूरत. घर- बाहर सब उसे प्यार करते थे, […] Read more » story by M R Iyenger द्वंद ... जारी है
धर्म-अध्यात्म महर्षि दयानन्द की प्रमाणित जन्म तिथि September 7, 2015 | Leave a Comment महर्षि दयानन्द ने पहले पूना प्रवचन और बाद में थ्योसोफिकल सोसायटी के लिए अपना संक्षिप्त आत्मकथन लिखते हुए, इन दो अवसरों पर न तो अपने जन्म स्थान को ही पूरी तरह से सूचित किया और न हि जन्म के मास व तिथि का उल्लेख किया। अतः उनके सुविज्ञ अनुयायियों पर यह दायित्व आ गया कि […] Read more » महर्षि दयानन्द की प्रमाणित जन्म तिथि
कविता गन्दी बस्ती September 7, 2015 | Leave a Comment अन्त:विचारों में उलझा न जाने कब मैं एक अजीब सी बस्ती में आ गया । बस्ती बड़ी ही खुशनुमा और रंगीन थी । किन्तु वहां की हवा में अनजान सी उदासी थी । खुशबुएं वहां की मदहोश कर रहीं थीं । पर एहसास होता था घोर बेचारगी का टूटती सांसे जैसे फ़साने बना रही थीं […] Read more » गन्दी बस्ती
बच्चों का पन्ना समाज मासूम बचपन का शोषण एवं उत्पीडन September 5, 2015 / September 5, 2015 | Leave a Comment अभी चंद दिन पहले दिल्ली के लगभग सभी अखबारों में यह दुखद खबर छपी कि एक पंद्रह वर्षीय छात्र, शुभम जिंदल जो कृष्णा मॉडल स्कूल में नवीं कक्षा में पढ़ते थे, को उसी के दो सहपाठियों ने लकड़ी के एक मजबूत डंडे से सिर पर लगातार वार करते हुए पहले बुरी तरह घायल क्या और […] Read more » Featured मासूम बचपन का शोषण एवं उत्पीरण
जन-जागरण विविधा समाज समाज में संस्कार गढने वाला गुरू समाज में सम्मान को तरसता September 4, 2015 / September 5, 2015 | 1 Comment on समाज में संस्कार गढने वाला गुरू समाज में सम्मान को तरसता 5 सितम्बर को एक बार फिर सारा देश भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डां. राधाकृष्णन का जन्मदिवस शिक्षक दिवस के रूप में मनाने जा रहा है। महर्षि अरविंद ने शिक्षकों के संबंध में कहा है कि शिक्षक राष्ट्र की संस्कृति के चतुर माली होते हैं। वे संस्कारों की जड़ों में खाद देते हैं और […] Read more » Featured
हिंदी दिवस 10वां विश्व हिन्दी सम्मेलन, भोपाल September 3, 2015 / September 3, 2015 | 4 Comments on 10वां विश्व हिन्दी सम्मेलन, भोपाल आगामी 10-12सितम्बर तक विश्व हिन्दी सम्मेलन का आयोजन भोपाल मे होना है,और इसका बिगुल भी सारे देश मे बजना शुरू हो चुका हैं ।तमाम राजनेता और नागरिकों के जुबान पर हिन्दी अब छाने लगी है,बिलकुल वैसे ही जैसे कोई त्योहार होने पर घर मे चार दिन पहले से रौनक छाने लग जाती है। अब हर […] Read more » 10वां विश्व हिन्दी सम्मेलन Featured विश्व हिन्दी सम्मेलन भोपाल
राजनीति सैद्धांतिक सहमति August 30, 2015 / August 30, 2015 | 1 Comment on सैद्धांतिक सहमति केशव झा राजनीति और नेताओं के दोहरे चरित्र को समझना टेढ़ी खीर होती है। अब देखिये ना अपने को भ्रष्टाचार का दुश्मन और सुशासन का झंडाबरदार कहने वाले नीतीश और केजरीवाल ने एक दूसरे से राजनीतिक गठजोड़ कर लिया है। जबकि केजरीवाल और नीतीश, लालू शासन काल के जंगलराज पर सोची- समझी चुप्पी साधे हुए है अर्थात […] Read more » Featured सैद्धांतिक सहमति
राजनीति आरक्षण का जिन्न एक बार फिर… August 28, 2015 / August 30, 2015 | 4 Comments on आरक्षण का जिन्न एक बार फिर… गंगा प्रसाद देश में आरक्षण का जिन्न आजादी के पहले से चला आ रहा है। इसका जिक्र भी करूगा, कब से आरक्षण मिलना शुरू हुआ। लेकिन जिस तरह से गुजरात में एक बार फिर से जाति के आधार पर आरक्षण की लपटों ने आग लगाई है उस आग का असर आगे चल कर पूरे […] Read more » Featured आरक्षण का जिन्न
विधि-कानून विविधा बाल मजदूरी August 27, 2015 | Leave a Comment पियूष पटेरिया बच्चों को देख न जाने क्यों अपने आप ही चहरे पर एक मुस्कान सी आ जाती है , सच ही कहा किसी ने बच्चो मे भगवान होते है बच्चो से भी ज्यादे आगर कोई ओर प्यारी चीज हो तो वो है बचपन , सभी का बचपन एक अलग ही रोचक ओर मजेदार होता […] Read more » बाल मजदूरी
राजनीति बैकफूट पर वसुंधरा August 22, 2015 | Leave a Comment राजस्थान के हालिया शहरी निकाय चुनाव के नतीजे भाजपा के लिए थोड़ी खुशी और थोड़ा गम वाली रही । सत्तारूढ़ भाजपा ने निकाय के 129 सीटों मे से कुल 43 पर कब्जा जमाया जबकि काँग्रेस के हाथ कुल 16 सीटें ही लगीं, वहीं अन्य के हाथ कुल 12 सीटें लगीं और 57 मे त्रिशंकु स्थिति […] Read more » वसुंधरा
राजनीति एक ही थाली के चटटे-बट्टे ……………………… August 20, 2015 | 4 Comments on एक ही थाली के चटटे-बट्टे ……………………… रविन्द्र प्रताप सिंह सियासतदारों की जिद्द के आगे संसद का पूरा मानसून-सत्र धूल गया। हर किसी की जुबान पर इनकी करतूत के चर्चे हैं। लेकिन ,इनको इसका कोई पछतावा नहीं। हो भी क्यों…..क्योकि इनकी पुरानी फितरत है वादे करके, भूल जाना। लगता है अब भारतीय राजनीति की यही परम्परा बन गई है। जिस वंदनीय संसद […] Read more » एक ही थाली के चटटे-बट्टे
राजनीति सियासी भंवर में फंसी जीएसटी August 14, 2015 / August 14, 2015 | Leave a Comment केशव झा इसे देश का दुर्भाग्य ना कहें तो क्या कहें की हमारे सियासतदान देशहित जैसे अतिमहत्वपूर्ण मसलों पर भी सियासत करने पर उतारूँ हैं। सियासत के हालिया संदर्भ को देखें तो आर्थिक एकीकरण करने वाली विधेयक जीएसटी पर भी सियासी खिंचतान और जोराजमाइश चरम पर है। जीएसटी पर सरकार और विपक्ष खेमों में बटीं […] Read more » जीएसटी