लेख भावनाएँ September 16, 2011 / December 6, 2011 | Leave a Comment जितेन्द्र माथुर मानवीय जीवन का एक अविभाज्य अंग हैं भावनाएँ । भावनाओं के बिना जीवन कैसा ? भावनाएँ ही तो हैं जो कि एक रुखेसूखे और रंगहीन जीवन को रसरंगयुक्त बनाती हैं । एक भावनाविहीन जीवन उपयोगी तो हो सकता है लेकिन उसकी उपयोगिता सीमित ही रहेगी । यदि व्यक्ति भावनाओं से रहित है तो […] Read more » feelings भावनाएँ
जन-जागरण महत्वपूर्ण लेख अंग्रेजी के ताले में बंद भारत का विकास-2 September 14, 2011 / December 6, 2011 | Leave a Comment मधु पूर्णिमा किश्वर संपादक, मानुषी पहला भाग पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें अंग्रेजी ने बनाए ‘नए वंचित’ ‘नए ब्राह्मण’ यह सच है कि आर्थिक वैश्वीकरण के इस युग में अंग्रेजी भाषा की महत्ता थोड़ी मात्रा में ही सही, हर देश में बढ़ गयी है। अधिकांश देशों में अंग्रेजी शेष दुनिया के देशों के साथ […] Read more » English अंग्रेजी हिंदी
जन-जागरण महत्वपूर्ण लेख अंग्रेजी ने बनाए ‘नए वंचित’ ‘नए ब्राह्मण’ September 14, 2011 / December 6, 2011 | 1 Comment on अंग्रेजी ने बनाए ‘नए वंचित’ ‘नए ब्राह्मण’ मधु पूर्णिमा किश्वर संपादक, मानुषी असमानता, भेदभाव और पिछड़ेपन के हल के रूप में आरक्षण पर चल रही मौजूदा बहस कुल जमा एक बिन्दू पर सिमटा दी गई है-क्या शैक्षिक आरक्षण जाति आधारित होना चाहिए अथवा उसमें आर्थिक पक्ष भी शामिल किया जाना चाहिए? इन दोनों विकल्पों के पीछे एक गलत धारणा यह है कि […] Read more » National Language राष्ट्रभाषा हिंदी
विविधा वाद, विवाद, अनुवाद की छाया से मुक्त हो हिन्दी पत्रकारिता September 14, 2011 / December 6, 2011 | Leave a Comment ऋतेश पाठक हिन्दी के सर्वप्रथम दैनिक उदन्त मार्तण्ड के प्रथम और अंतिम संपादक पंडित युगल किशोर शुक्ल ने लिखा था ‘‘इस ‘उदन्त मार्तण्ड’ के नांव पढ़ने के पहिले पछाहियों के चित का इस कागज नहोने से हमारे मनोर्थ सफल होने का बड़ा उतसा था। इसलिए लोग हमारे बिन कहे भी इस कागज की सही की […] Read more » Hindi Diwas हिंदी दिवस हिंदी पत्रकारिता
विविधा मस्तक का ताज है हिन्दी September 14, 2011 / December 6, 2011 | Leave a Comment डॉ. सत्यनारायण सोनी हिन्दी विश्व में बोली जाने वाली दूसरी सबसे बड़ी भाषा है। पहले स्थान पर चीनी है, जबकि अंग्रेजी तीसरे स्थान पर है। भाषा वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह एक अत्यंत ही समृद्ध भाषा है। उत्तर भारत में हिमालय एवं दक्षिण में विंध्याचल, सतपुड़ा तक तथा सिंधु, गंगा व यमुना के विशाल मैदानों […] Read more » Hindi Language हिंदी
विविधा आतंकवादी और मैं September 12, 2011 / December 6, 2011 | Leave a Comment डॉ. कौशल किशोर मिश्र रात को दो बजे मेरा दरवाजा किसी ने खटखटाया तो मैंने सोचा किसी का पेट दर्द कर रहा होगा और उसे पुदीन हरा चाहिए होगा। मेरे घर का पुदीन हरा बांटते-बांटते खत्म हो गया था। मैंने बंद दरवाजे से ही कहा भाई मुझे मालूम है कि तुम्हें पेट दर्द हो रहा […] Read more » terrorism आतंकवाद
मीडिया क्या भारतीय मीडिया सबक लेगी? September 12, 2011 / December 6, 2011 | Leave a Comment कुंवर बी. एस. विद्रोही इंगलैंड के सबसे ख्यातनाम अखबार ‘न्यूज ऑफ द वर्ल्ड’ के मालिक रूपर्ट मर्डोक अपनी अतिवादी व्यवसायिक नीति के कारण 168 वर्ष पूराना अखबार जिसे दुनिया का सबसे बड़ा अखबार होने का गौरव प्राप्त था। एक झटके में बंद ही नही करना पड़ा, बरन खुद को भी जेल की हवा खानी […] Read more » Indian Media भारतीय मीडिया
विविधा व्यवस्था के प्रति रोष तीखा करेगी अन्ना के आंदोलन की अनदेखी September 12, 2011 / December 6, 2011 | Leave a Comment भूपेन्द्र धर्माणी देश के कोने-कोने से आज भ्रष्टाचार को लेकर जिस प्रकार जन समूह सडकों पर उतरा है वह वास्तव में न केवल अभूतपूर्व है बल्कि किसी भी राज सत्ता को विचलित करने वाला है। स्वतंत्रता संग्राम के पश्चात सर्वोदय नेता जयप्रकाश नारायण की ‘सम्पूर्ण क्रांति’ को भी कुछ ही दिनों में इस कद्र जनसमर्थन […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे जनांदोलन
राजनीति साम्प्रदायिकता के बहाने हिंदुत्व एवं संघ से निपटने की चाल September 11, 2011 / December 6, 2011 | 6 Comments on साम्प्रदायिकता के बहाने हिंदुत्व एवं संघ से निपटने की चाल अमरनाथ कभी देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को धमकाते हुए कहा था कि मैं संघ को नेस्तनावूद कर दूँगा। संघ को कुचलने का उन्होने भरसक प्रयत्न भी किया। गाँधीजी की हत्या का दोषारोपण के कारण आज भी कांग्रेसी संघ के माथे यदा-कदा मढ़ते रहते हैं। उन्होंने कांग्रेस के संविधान […] Read more » राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ साम्प्रदायिकता हिंदुत्व
लेख मनुष्य बाग का माली है, मालिक नहीं September 11, 2011 / December 6, 2011 | Leave a Comment मनुष्य भगवान की सर्वोत्तम कलाकृत्ति है । भगवान ने अपना यह सृजन बड़े मनोयोग और अरमानों के साथ किया है । वे उसे देर तक दयनीय स्थिति में रहने नहीं दे सकते । माली को बगीचा सौंपा तो जाता है पर उसके हाथों बेच नहीं दिया जाता । इस विश्व की व्यवस्था मनुष्य के हाथों […] Read more »
विविधा महज 20 महीने और भ्रष्टाचार के 50 महाघोटाले! September 8, 2011 / December 6, 2011 | 1 Comment on महज 20 महीने और भ्रष्टाचार के 50 महाघोटाले! लिमटी खरे ‘‘कांग्रेस का इतिहास अति गौरवशाली कहा जा सकता है। भारत गणराज्य की स्थापना में कांग्रेस के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। इसमें महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू की भूमिका को भी कतई नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है। आजादी के उपरांत कांग्रेस के लिए नेहरू गांधी परिवार का तात्पर्य […] Read more » scam कांग्रेस घोटाला यूपीए
विविधा आतंकवाद पर भी राजनीति September 8, 2011 / December 6, 2011 | Leave a Comment विश्वास द्विवेदी देश का दुर्भाग्य है कि जो आतंकवादी हमारे देश में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के बाद गिरफ्त में हैं और उन्हें न्यायालय द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है वे सियासत के चलते आज भी जिन्दा हैं। आतंकवादियों को सुनाई गयी सजा को लेकर राजनेता अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं। आखिर उन […] Read more » terrorism आतंकवाद