राजेश कश्यप

स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं समीक्षक।

क्या लोगों की धार्मिक आस्था एवं विश्वास पर कुठाराघात ‘देशद्रोह’ नहीं है?

 राजेश कश्यप  देश में पाखण्डी बाबाओं, गुरूओं, योगियों और धर्मोपदेशकों की बाढ़ आई हुई है।