राकेश कुमार आर्य

राकेश कुमार आर्य

लेखक के कुल पोस्ट: 1,224

उगता भारत’ साप्ताहिक / दैनिक समाचारपत्र के संपादक; बी.ए. ,एलएल.बी. तक की शिक्षा, पेशे से अधिवक्ता। राकेश आर्य जी कई वर्षों से देश के विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं। अब तक चालीस से अधिक पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। वर्तमान में ' 'राष्ट्रीय प्रेस महासंघ ' के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं । उत्कृष्ट लेखन के लिए राजस्थान के राज्यपाल श्री कल्याण सिंह जी सहित कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं । सामाजिक रूप से सक्रिय राकेश जी अखिल भारत हिन्दू महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अखिल भारतीय मानवाधिकार निगरानी समिति के राष्ट्रीय सलाहकार भी हैं। ग्रेटर नोएडा , जनपद गौतमबुध नगर दादरी, उ.प्र. के निवासी हैं।

https://www.pravakta.com/author/rakesharyaprawakta-com

लेखक - राकेश कुमार आर्य - के पोस्ट :

टेक्नोलॉजी विज्ञान विविधा

वैज्ञानिकों के चमत्कार को नमस्कार

| Leave a Comment

अब आज जब हम अपने आधुनिक विश्व के वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष की खोज करते हुए देखते हैं, हम यह भी देखते हैं कि आज के वैज्ञानिक कैसे नये-नये अंतरिक्षीय रहस्यों से पर्दा उठाते जा रहे हैं, तो हमें उन पर आश्चर्य होता है। वास्तव में यह आश्चर्य करने की बात नहीं होनी चाहिए, अपितु हमें अपने आप पर गर्व होना चाहिए कि आज का विज्ञान जितना ही अंतरिक्षीय रहस्यों को उद्घाटित करता जा रहा है-वह उतना ही अधिक हमारे साक्षात्धर्मा ऋषियों के उत्कृष्टतम चिंतन को नमन करता जा रहा है।

Read more »

लेख साहित्‍य

कौन कहता है कि हम एक हजार वर्ष गुलाम रहे

| 3 Comments on कौन कहता है कि हम एक हजार वर्ष गुलाम रहे

झूठे चाटुकारों से और लेखनी को बेचकर व आत्मा को गिरवी रखकर लिखने वाले इतिहासकारों से स्वतंत्रता के अमर सैनानियों के ये पावन स्मारक यही प्रश्न कर रहे हैं। समय के साथ हम इन प्रश्नों को जितना उपेक्षित और अनदेखा करते जा रहे हैं-उतना ही बड़ा प्रश्नचिन्ह लगता जा रहा है।

Read more »

राजनीति

पत्थरबाजो! भारत छोड़ो,’ भाग-1

| 1 Comment on पत्थरबाजो! भारत छोड़ो,’ भाग-1

यह कितने दुख की बात है कि इस देश के सनातन स्वरूप की त्रिवेणी अर्थात सनातन इतिहास, सनातन संस्कृति और सनातन धर्म से प्रेम करने वाले परमदेशभक्त कश्मीरी पंडितों को अपना घरबार छोडक़र अपने ही देश में शरणार्थी बनना पड़े और रोजी रोटी के लिए इधर-उधर भटकना पड़े, जबकि कश्मीर की केसर वाली क्यारी में उग आयी 'नागफनी' (सारे आतंकी संगठन) क्यारी पर अपना अधिकार जमा लें। निश्चित रूप से अब इन 'नागफनियों' के सफाये का समय आ गया है। जिसके लिए सारे देश को एकता के सुर निकालने होंगे, और अपनी सेना के साथ खड़ा होगा।

Read more »