प्रो. रसाल सिंह

लेखक जम्मू केन्द्रीय विवि में अधिष्ठाता,छात्र कल्याण हैंI

गुलाम कश्मीर को पाकिस्तान के जुल्मोसितम से मुक्ति दिलाने के संकल्प का दिन:एकात्मता दिवस

                                                                                                       -प्रो. रसाल सिंह पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्षा और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने अपनी पार्टी के 22 वें...

त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था है भ्रष्टाचार की उद्गम स्थली

-प्रो. रसाल सिंह प्रयागराज के नव-निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप...

गुपकार गठजोड़ से मोदी सरकार की बातचीत से होगी कश्मीर में आतंकवाद एवं अलगाववाद की समाप्ति और शांति एवं लोकतंत्र की बहाली!

प्रो. रसाल सिंहभारत सरकार ने 24 जून को केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की...

एक निशान, एक विधान और एक प्रधान का नारा देने वाले भारत के एकीकरण के महानायक : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

6 जुलाई, 1901 को कलकत्ता में जन्मे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऐसे प्रखर राष्ट्रभक्त थे जिन्होंने न सिर्फ भारत की...

कोरोना काल में मनोरोगियों की बढ़ती संख्या और भारत का सीमित मानसिक स्वास्थ्य ढांचा

-प्रो. रसाल सिंहदुनिया की सर्वश्रेष्ठ महिला टेनिस खिलाड़ियों में से एक जापानी मूल की नाओमी ओसाका के एक निर्णय ने...

अपने काम से अपनी पहचान बनाने वाले जगमोहन

जगमोहन (मल्होत्रा) जी का एक ईमानदार राजनेता और कुशल प्रशासक के रूप में स्वातन्त्र्योत्तर भारत के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण...

रोहिंग्याओं की रवानगी

                                                                                         -प्रो. रसाल सिंह  जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 6 मार्च, 2021 को जम्मू में अवैध रूप से बसे हुए रोहिंग्या घुसपैठियों...

जम्मू के गाँधी – पंडित प्रेमनाथ डोगरा

पंडित प्रेमनाथ डोगरा की पुण्यतिथि 21 मार्च पर विशेष                   -प्रो. रसाल सिंह भारतीय संघ में जम्मू-कश्मीर के पूर्ण विलय के...

सवालों से घिरती न्याय-व्यवस्था और न्यायिक नियुक्ति आयोग की आवश्यकता

-प्रो. रसाल सिंह पिछले दिनों भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रहे न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने न्याय-व्ययवस्था को ‘जीर्ण-शीर्ण’ कहकर सनसनी...

विभ्रम और बिखरावग्रस्त विपक्ष और भविष्य की राजनीति!

-प्रो.रसाल सिंह आज भारत के विपक्षी दलों में आपसी अविश्वास और बिखराव हैI विपक्ष का क्रमशः सिकुड़ते जाना लोकतान्त्रिक व्यवस्था...

पॉक्सो की व्याख्या बनाम न्याय-प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न

-प्रो. रसाल सिंहबॉम्बे उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ द्वारा पिछले दिनों 2016 में दर्ज एक मामले में दिए गए निर्णय...

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