रोहित गौतम

मूलतः हिमाचल प्रदेश में शिमला के पास अर्की तहसील से । बचपन से चंडीगढ़ में स्थाई निवास । अभियांत्रिकी के साथ साथ संगीत और लोक प्रशासन में भी स्नातक । दर्शनशास्त्र में परास्नातक और वर्तमान में स्वतंत्र लेखक । धर्म, राष्ट्रवाद और सामाजिक विभयों में रूचि है , किन्तु विश्वभर का संगीत आवश्यक मानसिक आहार है । गत छः वर्षों से पंजाब में कुछ संगठनों के माध्यम से समाज सेवा में सक्रिय । सोशल मीडिया पर विभिन्न स्थानों पर कार्यशालाओं में वक्ता व प्रशिक्षक ।