लेख साम्राज्य और साहित्य दोनों के सर्जक:अयोध्या के महाराजा मानसिंह February 5, 2026 / February 5, 2026 | Leave a Comment आचार्य डॉ राधेश्याम द्विवेदी महाराजा मानसिंह को अयोध्या का पावन भूमि भी दीर्घ समय तक अपने अंचल की छाया में ना रख सकी थी। उन्होंने अपने पिता और तातुल्य से बचपन से ही युद्ध- कौशल का साक्षात्कार किया और साम्राज्य को विभिन्न संरचनाओं द्वारा विस्तृत आयाम भी दिया लेकिन मन में वैराग्य आने पर सब […] Read more » अयोध्या के महाराजा मानसिंह
लेख अयोध्या शाकद्वीपी राजाओं के पूर्वजों की जीवन यात्रा January 27, 2026 / January 27, 2026 | Leave a Comment आचार्य डा.राधे श्याम द्विवेदी वैसे अयोध्या के मुख्य राजवंश परिवार का इतिहास भगवान श्रीराम के पूर्वजों से जुड़ा माना जाता है। ऋषि कश्यप, सूर्य ,मनु, इच्छवाकु ,रघु ,दशरथ और भगवान राम की वंश परम्परा को प्रायः हर कोई भारतवासी जनता है। अयोध्या के शाकद्वीपीय राजाओं के पूर्वज मूल रूप से शाकद्वीप (ईरान/मध्य एशिया क्षेत्र) से […] Read more » अयोध्या शाकद्वीपी राजाओं के पूर्वजों की जीवन
धर्म-अध्यात्म शख्सियत देवरहा बाबा के जीवन के रोचक किस्से December 1, 2025 / December 1, 2025 | Leave a Comment भारत सदा से ही ऋषि-मुनियों का देश रहा है। यहां की संत परंपरा धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृति का मिश्रण है जो सदियों से विकसित हुई है। संतों की भक्ति की शक्ति का एहसास लोगों को प्राचीन काल से ही है। Read more »
धर्म-अध्यात्म सरयू नदी का द्वीप : फैला सकती है विरासत की ज्योति November 19, 2025 / November 19, 2025 | Leave a Comment सरयू नदी की दुर्दशा से आस्थावान व्यथित हो जाता हैं। सदियों से अयोध्या की पहचान रही सरयू अपनी धारा कई बार बदल चुकी है। घाटों को छोड़कर नदी कई किमी. तक हट कर संकीर्ण धारा के रूप में प्रवाहित हो जाती है। Read more »
राजनीति बहुबलियो का कवच होता है राजनीतिक चुनाव April 25, 2023 / April 25, 2023 | Leave a Comment डॉ. राधे श्याम द्विवेदी भारत वर्ष के प्रायः हर क्षेत्र में मुख्य रूप से दो वर्गों का बर्चस्व रहा है। एक को शासक और दूसरे को शासित वर्ग कहा जा सकता है। शासक बाहुबली वर्ग के बारे में लोगों की आम जन अवधारणा में कोई विशेष परिवर्तन अभी तक नही दिखता है। राजशाही तो संविधान […] Read more » बहुबलियो का कवच होता है राजनीतिक चुनाव
कला-संस्कृति लेख रुद्रांश हनुमानजी द्वारा रुद्रांश सूर्य देव को निगलना March 12, 2023 / March 12, 2023 | Leave a Comment डॉ. राधे श्याम द्विवेदीपृथ्वी से 28 लाख गुना भगवान सूर्य देव का आकार है। क्या पता श्याम मानव जैसे कोई तथाकथित वैज्ञानिक ,यूपी के स्वामी प्रसाद मौर्या जैसा दलित समाजवादी पार्टी का एमएलसी और बिहार के शिक्षा मंत्री सेकुलर चंद्रशेखर से लेकर ना जाने कोई नास्तिक ,वामी कामी ,या गैर राष्ट्रवादी नेता भगवान सूर्य और […] Read more » Rudransh swallowing of Sun God by Rudransh Hanumanji
राजनीति विधि-कानून भारतीय संविधान के प्रारूपकार सर बी. एन. राऊ March 10, 2023 / March 10, 2023 | Leave a Comment डॉ. राधे श्याम द्विवेदी भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। देश का कानून और संसद इसके द्वारा ही संचालित होती है। देश में जब जब कोई संकट आता या राजनीतिक विवाद होते हैं, तब-तब संविधान का ही हवाला देकर उस विवाद और संकट को हल करने की बात की जाती है। […] Read more » Sir B. N. Rau The drafter of the Indian Constitution
धर्म-अध्यात्म जीवात्मा के उत्कृष्टता की परम अवस्था “अवधू” या “अवधूत” March 6, 2023 / March 6, 2023 | Leave a Comment डॉ. राधे श्याम द्विवेदीभारतीय साहित्य में यह ‘अवधू’ शब्द कई संप्रदायों के सिद्ध आचार्यों के अर्थ में व्यवहुत हुआ है। साधारणत: जागातिक द्वंद्वों से अतीत, मान- अपमान-विवर्जित, पहुँचे हुए योगी को अवधूत कहा जाता है। यह शब्द मुख्यतया तांत्रिकों, सहज यानियों और योगियों का है। सहजयान और वज्रयान नामक बौद्ध तांत्रिक मतों में ‘अवधूती वृत्ति’ […] Read more » "Avadhu" or "Avadhuta" the ultimate state of excellence of the soul
राजनीति जय श्रीराम” नाम से परहेज क्यों ? May 26, 2022 / May 26, 2022 | Leave a Comment डा.राधे श्याम द्विवेदीजय श्रीराम ( Jaya Śrī Rāma ) भारतीय में बहुत विशाल जन समूह द्वारा अपने आराध्य के सम्मान में की गई अभिव्यक्ति है, जिसका अनुवाद “भगवान राम की महत्ता” या “भगवान राम की विजय ” के रूप में किया जाता है। इस उद्घोषणा का उपयोग सनातनियो वा हिंदुओं द्वारा अनौपचारिक अभिवादन के रूप […] Read more » Why refrain from the name Jai Shri Ram
राजनीति कृषि कानूनो की वापसी: कई उठते नए सवाल November 22, 2021 / November 22, 2021 | Leave a Comment डा. राधे श्याम द्विवेदीगुरुनानक जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है।। बीते कई महीनों से जारी किसानों के आंदोलन को देखते हुए सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया। देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने किसानों से अब […] Read more » The repeal of agricultural laws कृषि कानूनो की वापसी
लेख विधि-कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य को और व्यवहारिक बनायें January 4, 2021 / January 4, 2021 | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी कृषि उपज (जैसे गेहूँ, धान आदि) का न्यूनतम समर्थन मूल्य वह मूल्य है जिससे कम मूल्य देकर किसान से सीधे वह उपज नहीं खरीदी जा सकता हो। न्यूनतम समर्थन मूल्य, भारत सरकार तय करती है। उदाहरण के लिए, यदि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2000 रूपए प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया है […] Read more » Make MSP more practical MSP न्यूनतम समर्थन मूल्य
धर्म-अध्यात्म लेख रामायण में त्याग मर्यादा और आदर्श की पराकाष्ठा April 5, 2020 / April 5, 2020 | Leave a Comment आचार्य राधेश्याम द्विवेदी रामायण हिन्दू स्मृति का बहुत ही कीमती अंग हैं जिसके माध्यम से रघुवंश के राजाराम की गाथा कही गयी। श्रीराम अवतार श्वेतवाराह कल्प के सातवें वैवस्वत मन्वन्तर के चैबीसवें त्रेता युग में हुआ था, जिसके अनुसार श्रीरामचंद्र जी का काल लगभग पौने दो करोड़ वर्ष पूर्व माना जाता है। इसके सन्दर्भ में […] Read more » dignity and perfection in the Ramayana Renunciation रामायण