लेखक परिचय

राजीव गुप्ता

राजीव गुप्ता

बी. ए. ( इतिहास ) दिल्ली विश्वविद्यालय एवं एम. बी. ए. की डिग्रियां हासिल की। राजीव जी की इच्छा है विकसित भारत देखने की, ना केवल देखने की अपितु खुद के सहयोग से उसका हिस्सा बनने की। गलत उनसे बर्दाश्‍त नहीं होता। वो जब भी कुछ गलत देखते हैं तो बिना कुछ परवाह किए बगैर विरोध के स्‍वर मुखरित करते हैं।

भव्य राममन्दिर की अधूरी आस

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हिन्दुत्व पुरोधा अशोक सिंघल का नाम सुनते ही एक हिन्दूवादी छवि के नेता का चित्र मानस में उभरता है । ऐसा व्यक्तित्व जिसके जीवन का एक मात्र उद्देश्य था अयोध्या में भगवान राम का भव्य मन्दिर निर्माण करवाना । अपने उद्देश्य की पूर्ति हेतु इस व्यक्तित्व ने अजीवन संघर्ष किया । इसी वर्ष के 30… Read more »

जबरदस्ती का मतांतरण बन्द होना चाहिए

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20 सितम्बर 1893 को धर्म-संसद मे ईसाईयो द्वारा भारत मे मतांतरण  किये जाने पर कडी आपत्ति करते हुए स्वामी विवेकानन्द ने कहा, “आपके ईसाई धर्म-प्रचारक भारत मे मात्र गिरजाघर बनाने के अलावा और कुछ नही करते है. भारत मे पडी भयंकर भुखमरी के कारण लाखो लोगो ने अपना जीवन गँवा दिया परन्तु आपके ईसाई धर्म-प्रचारक… Read more »



समानता और समरसता

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भारत की गुलामी के कालखंड में भारतीय शास्त्रों पर टीकाकारों ने कई टीकाएँ लिखी गई. उन्हीं कुछ टीकाओं में से शब्दों के वास्तविक अर्थ अपना मूल अर्थ खोते चले गए. इतना ही नही मनुस्मृति में भी मिलावट की गई. डा. पी.वी. काने की समीक्षा के अनुसार मनुस्मृति की रचना ईसापूर्व दूसरी शताब्दी तथा ईसा के… Read more »

विहिप की सामाजिक – समरसता

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राजीव गुप्ता समाजशास्त्रियों के अनुसार सामाजिक समूहों में मिलजुलकर रहने के कारण मनुष्य को सामाजिक प्राणी की संज्ञा दी गई है. उनका मानना है कि मिलजुलकर रहने से सभी प्रकार के छोट – बडे समूहों में रहने वाले सामाजिक प्राणियों के बीच टकराव की स्थिति भी आती है. परिणामत: इन छोटे – बडे समूहों के… Read more »

अस्पृश्यता – सामाजिक विकृति 

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-राजीव गुप्ता- भारत एक प्राचीन देश है. यहां की सभ्यता – संस्कृति अपेक्षाकृत अत्यंत पुरानी है. साथ ही प्रकृति सम्मत होने के कारण भारत का अतीत बहुत ही गौरवशाली रहा है. भारत के रंग – बिरंगे त्योहारों, यहां की अनेक बोलियां, विभिन्न प्रकार के परिधानों इत्यादि के कारण इसे बहुधा विविधताओं का देश कहा जाता… Read more »

विश्व हिन्दू परिषद् : एक अनन्य यात्रा

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-राजीव गुप्ता- रघुनन्दन प्रसाद शर्मा ने अपनी पुस्तक विश्व हिन्दू परिषद की विकास यात्रा में लिखा है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में अशिक्षित, आर्थिक कमजोर, अस्पृश्य समाज, वनवासी, गिरिवासी आदि को अमेरिका इत्यादि अन्य देशों से आने वाले करोड़ों डॉलरों की मदद से तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर ईसाई पादरियों द्वारा धर्मांतरित किए जाने… Read more »

विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो

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-राजीव गुप्ता- विश्व प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय में इन दिनों कोहराम मचा हुआ है. कहीं पर शिक्षक हड़ताल कर रहे हैं तो कही पर विद्यार्थी विजय जुलूस निकाल रहे हैं. इसी बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के उपकुलपति के इस्तीफा देने की खबर भी आई परंतु उस खबर की पुष्टि नहीं हो पाई. दिल्ली विश्वविद्यालय में मचे इस… Read more »

लेखन की दुनिया में मेरा पहला कदम / राजीव गुप्‍ता

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लिखने – पढ़ने का शौक तो मुझे बचपन से ही था पर मेरे मन में एक सपना था कि काश ! मैं भी कहीं छपता और लोग मुझे भी पढते. एक दिन विश्व हिन्दू परिषद कार्यालय में मैंने देखा कि मेरे एक मित्र श्री लक्ष्मण जी प्रवक्ता डॉट काम की साइट पर सुरेश चिपलूनकर जी… Read more »

अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा – मा. अशोक सिंघल जी

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प्र.- मीडिया और राजनैतिक दलों का विश्व हिन्दू परिषद पर यह आरोप है कि उसने आगामी लोकसभा चुनाव-2014 के निमित्त इस 84 कोसी परिक्रमा के नाम पर वोट-परिक्रमा का आयोजन किया. इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है ? उ. – 15 अगस्त, 1947 के दिन भारत को मात्र राजनैतिक स्वतंत्रता मिली थी, और इसको पाने… Read more »

अब चौरासी कोसी परिक्रमा पर भी चला सरकारी डंडा

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संतो की अगुआई और विश्व हिन्दू परिषद के सहयोग से चलने वाली आगामी 25 अगस्त से अयोध्या-क्षेत्र में प्रस्तावित चौरासी कोसी परिक्रमा यात्रा को उत्तरप्रदेश सरकार ने अनुमति देने से मना कर दिया. जिसके चलते देश भर में  हर जगह उत्तरप्रदेश सरकार के इस रवैये का विरोध हो रहा है. चुनाव के नज़दीक आते-आते शांत… Read more »