विजय कुमार सप्पाती

मेरा नाम विजय कुमार है और हैदराबाद में रहता हूँ और वर्तमान में एक कंपनी में मैं Sr.General Manager- Marketing & Sales के पद पर कार्यरत हूँ.मुझे कविताये और कहानियां लिखने का शौक है , तथा मैंने करीब २५० कवितायें, नज्में और कुछ कहानियां लिखी है

डायल कुमार फॉर किलिंग

“कुमार तुम्हारे कारण मेरी ज़िन्दगी खराब हुई और मैंने तुम्हें इस बात की सजा दी. एक महीने पहले उन तीनों ने मुझे जहर देकर मार डाला था और किरण ने ये इसलिए किया था ताकि वो मेरी दौलत के साथ तुमसे मिलकर जीवन जी सके. लेकिन जैसे कि कहते है कि बुरा करो तो वो वापस जरूर आता है. मेरी आत्मा भटकती रही और तुम्हारी राह देखती रही. किरण ने तुम्हें बुलाया और मैंने तुम्हारे बनाए हुए प्लान के अनुसार ही उन्हें डरा कर आत्महत्या करने पर मजबूर किया. वो हत्या भी थी और आत्महत्या भी और तुम्हें आज यहाँ तक पहुंचा दिया ! चलो जल्दी जाओ ! मैं तुम सबसे नफरत करता हूँ. तुम सब अब नरक में मिलना !”