पुस्तक समीक्षा: राजभाषा हिंदी के नवोन्मेषी आयाम

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आजादी के अमृत महोत्सव के सुअवसर पर राष्ट्र व राष्ट्रभाषा हिंदी की अस्मिता को सर्वोपरि मान, हिंदीत्तर भाषी प्रदेश महाराष्ट्र के नाशिक जिले में कार्यरत कर्मठ राजभाषा प्रबंधक श्री राहुल खटे का सराहनीय कार्य – ‘राजभाषा हिंदी के नवोन्मेषी आयाम’। उनकी यह नई पुस्तक निजी अनुभव व अनुसंधानात्मक प्रवृत्ति की पावन ज्ञान गंगा के अद्यतन मोतियों का संकलन हैं। यत्र तत्र, सर्वत्र भारतीय भाषाओं के साथ राजभाषा को टैक्नॉलोजी, आगामी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स), सरकारी संगठन, बैंकों, सार्वजनिक उपक्रमों भाषा प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में कार्य हेतु निसंदेह एक मील का पत्थर साबित होगी।

आज देश ज्ञान-विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विस्मयकारी गति से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहा है, ऐसे पावन पर्व में ‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल’ उक्ति को चरितार्थ कर, आधुनिकीकरण की भ्रमपूर्ण व्याख्याओं से दिशाहीन नई पीढ़ी को मातृभाषा का परिचय घर और अपने परिवेश से ही कराकर, हम सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, वैज्ञानिक, सांस्कृतिक अथवा साहित्यिक जैसे क्षेत्रों में भारत के भविष्य से सकारात्मक परिणामों की आशा कर सकते है। पुस्तक के लेखक श्री राहुल खटे जी ने सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से राजभाषा हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं को अधिक उन्नत बनाने के विभिन्न प्रयासों की ओर आशावादी दृष्टिकोण से हमारा ध्यान आकृट किया है।

राजभाषा हिंदी की लगन, निष्ठा और आत्मीयता से सेवा करनेवाले श्री राहुल खटे जी को उनकी नई पुस्तक ‘ राजभाषा हिंदी के नवोन्मेषी आयाम’ के प्रकाशानार्थ हार्दिक अभिनंदन…

डॉ. संजय श्रीरामजी धोटे

अध्यक्ष, हिंदी विभाग, 

यशवंत महाविद्यालय, वर्धा

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