सृष्टि की रचना का दिन- भारतीय नव वर्ष

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डॉ. सौरभ मालवीय 18 मार्च से विक्रम संवत 2075 का प्रारंभ हो रहा है. भारतीय पंचांग में हर नवीन संवत्सर को एक विशेष नाम से जाना जाता है. इस वर्ष इस नवीन संवत्सर का नाम विरोधकर्त है. भारतीय संस्कृति में विक्रम संवत का बहुत महत्व है. चैत्र का महीना भारतीय कैलंडर के हिसाब से वर्ष का… Read more »

मर्यादाओं का एक अनूठा पर्व : मर्यादा महोत्सव

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मर्यादा महोत्सव के अवसर पर 22,23 एवं 24 जनवरी, 2018 के उपलक्ष्य में  ललित गर्ग आज धर्म एवं धर्मगुरु जिस तरह मर्यादाहीन होते जा रहे हैं, वह एक गंभीर स्थिति है। जबकि किसी भी धर्मगुरु, संगठन, संस्था या संघ की मजबूती का प्रमुख आधार है-मर्यादा। यह उसकी दीर्घजीविता एवं विश्वसनीयता का मूल रहस्य है। विश्व… Read more »

बसंत पंचमी, 22 जनवरी 2018 पर कुछ विशेष…

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हमारे देश भारत में वसंत पंचमी को अबुझ मुहूर्त माना जाता है अर्थात बिना पंचांग देखे ही कोई भी शुभ कार्य प्रारंभ कर सकते है। ज्योतिष में पांचवी राशि के अधिष्ठाता भगवान सूर्यनारायण होते है। इसलिए वसंत पंचमी अज्ञान का नाश करके प्रकाश की ओर ले जाती है। इसलिए सभी कार्य इस दिन शुभ होते… Read more »

क्यों न दिवाली कुछ ऐसे मनायें

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दिवाली यानी रोशनी, मिठाईयाँ, खरीददारी , खुशियाँ और वो सबकुछ जो एक बच्चे से लेकर बड़ों तक के चेहरे पर मुस्कान लेकर आती है। प्यार और त्याग की मिट्टी से गूंथे अपने अपने घरौंदों को सजाना भाँति भाँति के पकवान बनाना नए कपड़े और पटाखों की खरीददारी ! दीपकों की रोशनी और पटाखों का शोर बस यही… Read more »

जानिए कब और कैसे मनाएं अश्विन नवरात्री 21 सितम्बर 2017  से (शारदीय नवरात्री 2017 )–

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नवरात्री अर्थात “नौ रातों का समूह”| नवरात्री 9 दिनों तक मनाया जाने वाला एक हिन्दू पर्व है, जिसमें 9 दिनों तक माँ दुर्गा की 9 अलग-अलग देवी शक्ति रूपों को पूजा जाता है |नौ देवियों के नाम और अर्थ उनके महत्व के अनुरूप भिन्न-भिन्न है | नवरात्र शक्ति महापर्व पूरे भारतवर्ष में बड़ी श्रद्धा व… Read more »

गणगौर: नारी शक्ति और संस्कार का पर्व

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बेला गर्ग गणगौर का त्यौहार सदियों पुराना हैं। हर युग में कुंआरी कन्याओं एवं नवविवाहिताओं का अपितु संपूर्ण मानवीय संवेदनाओं का गहरा संबंध इस पर्व से जुड़ा रहा है। यद्यपि इसे सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मान्यता प्राप्त है किन्तु जीवन मूल्यों की सुरक्षा एवं वैवाहिक जीवन की सुदृढ़ता में यह एक सार्थक प्रेरणा भी… Read more »

बुराई को त्यागने का प्रतीक है होली

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रंगों का पर्व होली हिन्दुओं का पवित्र त्यौहार है। यह मौज-मस्ती व मनोरंजन का त्योहार है। सभी हिंदू जन इसे बड़े ही उत्साह व सौहार्दपूर्वक मनाते हैं। यह त्योहार लोगों में प्रेम और भाईचारे की भावना उत्पन्न करता है।

होली पर्व भारत में बहुसांस्कृतिक समाज के जीवंत रंगों का प्रतीक

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होली पर्व पूरे देश में परंपरा, हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला त्यौहार है। होली पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। होली पर्व हमारे देश में उपस्थित बहुसांस्कृतिक समाज के जीवंत रंगों का प्रतीक है। होली पर्व देश में हमारी संस्कृति और सभ्यता के मूल सहिष्णुता और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देने वाला पर्व है। इस पर्व को सभी लोगों को शांति, सौहार्द और भाईचारे की भावना से मनाना चाहिए।

अक्षय तृतीया (आखा तीज) 2017

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अक्षय तृतीया पर्व को कई नामों से जाना जाता है| इसे अखतीज और वैशाख तीज भी कहा जाता है| इस वर्ष यह पर्व 28 अप्रैल 2017 (शुक्रवार) के दिन मनाया जाएगा. इस पर्व को भारतवर्ष के खास त्यौहारों की श्रेणी में रखा जाता है| अक्षय तृतीया पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन मनाया जाता है | इस दिन स्नान, दान, जप, होम आदि अपने सामर्थ्य के अनुसार जितना भी किया जाएं, अक्षय रुप में प्राप्त होता है | वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को “अक्षय तृतीया” या “आखा तृतीया” अथवा “आखातीज” भी कहते हैं।

शिव का भौतिक एवं वैज्ञानिक महत्व

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प्रमोद भार्गव संपूर्ण संस्कृत वांग्मय में शिव साधु रूप में हैं। माया मोह से लगभग निर्लिप्त हैं। शिव अपने शरीर पर जो वस्तुएं धारण किए हुए हैं,उनमें भी वैभव के प्रतीक नहीं झलकते। उनके शरीर पर राख मली हुई है। जटा-जूट धारी हैं। कई सर्प उनके गले और हाथों में गहनों की तरह शोभायमान हैं।… Read more »