पर्व – त्यौहार

मेड इन इंडिया से घुमेेगी कुम्हारों की चाक

हमें भारतीय परम्परा को जि़ंदा रखने का जूनून पैदा करना
है।इस जुनून में आप भी अपने भारतीय होने की भूमिका जरूर निभायें।चीन का
सामान कम से कम खरीदें जिससे भारत के गरीबों द्वारा बनाये गए सामान
खरीदने का पैसा बच सके।यकीन जानिये आप अगर हम अब भी नही चेते तो शायद
कुम्हार का घूमता हुआ चाक रुक जाएगा,मंहगाई और मरता हुआ व्यापार कहीं
कुम्हारों को कहानी न बना दे।

भाई-बहन के आत्मीय रिश्तों का अनूठा त्यौहार : भैया दूज

हिन्दू समाज में भाई-बहन के पवित्र रिश्तों का प्रतीक पर्व है भैया दूज। बहन के द्वारा भाई की रक्षा के लिये मनाये जाने वाले इस पर्व को हिन्दू समुदाय के सभी वर्ग के लोग हर्ष उल्लास से मनाते हैं।

स्वच्छता व प्रकाश की प्रतीक दीपावली 

दीपावली स्वच्छता व प्रकाश का पर्व है। लोग कई दिनों पहले से ही दीपावली की तैयारियाँ आरंभ कर देते हैं, और सब अपने घरों, प्रतिष्ठानों आदि की सफाई का कार्य आरंभ कर देते हैं। दिवाली के आते ही घरों में मरम्मत, रंग-रोगन, सफेदी आदि का कार्य होने लगता है। लोग अपने घरों और दुकानों को साफ सुथरा कर सजाते हैं। इसके पीछे मान्यता है कि लक्ष्मी जी उसी घर में आती है यहाँ साफ-सफाई और स्वच्छता होती है।

दीवाली उपहार है हिंदुत्व की परिभाषा की पुनर्स्थापना

हिन्दुस्थानियों के एक बड़े व महान पर्व दीवाली के एन पूर्व पिछले सप्ताह एक हलचल…

दीये मुंडेर पर ही नहीं, घट में भी जलने चाहिए

अधिकतर लोग सिर्फ धन अर्जन को ही सफलता मान लेते हैं और इसी कारण जीवन का रोमांच, उमंग और आनंद उनसे दूर चला जाता है, जबकि गुणों को कमाने वाले लोगों के पास धन एक सहज परिणाम की तरह चला आता है। इसी में शोहरत भी अप्रयास मिल जाती है। साधारणता में ही असाधारणता फलती है। जड़ को सींचने से पूरे पौधे में फल-फूल आते हैं, जबकि टहनियों को भिगोते रहने से जड़ के साथ ही टहनियां भी सूख जाती हैं।

महासंयोग शारदीय नवरात्र 2016 पर

हमारी भारतीय सनातन संस्कृति में शारदीय नवरात्र विशेष महत्व रखती है।जिसके कई पौराणीक प्रमाण हमारे…