शख्सियत समाज आर्यसमाज को समर्पित एक प्रेरणादायक वरणीय जीवन: डा. धर्मवीर October 26, 2016 / October 26, 2016 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on आर्यसमाज को समर्पित एक प्रेरणादायक वरणीय जीवन: डा. धर्मवीर ६ अक्टूबर २०१६ को दिवंगत ‘वेद, ऋषि दयानन्द और आर्यसमाज को समर्पित एक प्रेरणादायक वरणीय जीवन: डा. धर्मवीर’ मनमोहन कुमार आर्य ऋषि भक्त डा. धर्मवीर जी आर्यसमाज के बहुमुखी प्रतिभा के धनी शीर्षस्थ विद्वान थे। आप आर्यसमाज के प्रगल्भ वक्ता, प्रतिष्ठित लेखक, सम्पादक, पत्रकार, वेद-पारायण यज्ञों का ब्रह्मत्व करने वाले यज्ञ मर्मज्ञ, धर्मोपेदेशक, आर्यसमाज के […] Read more » आर्यसमाज को समर्पित एक प्रेरणादायक वरणीय जीवन डा. धर्मवीर’
शख्सियत समाज मानव सेवा का अद्भुत प्रेरणादायक उदाहरण : पं. रुलिया राम October 25, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment प्रा. जिज्ञासु जी ने इस घटना पर लिखा है कि डाक्टर दीवानचन्द जी ने पं. रलाराम जी का पुण्य स्मरण करते हुए लिखा है कि ‘प्लेग के रोगियों की सेवा में उन्हें उतनी-सी ही झिझक होती थी जितनी ज्वर के रोगियों से हमें होती है।’ पण्डित जी की लोक-सेवा की प्यास कभी बुझती ही न थी। एक लेखक ने उनके पवित्र भावों के विषय में यथार्थ ही लिखा है ‘पण्डित जी में त्याग था, उत्साह था, प्रचार के लिए जोश था परन्तु एक गुण पण्डित जी को परमात्मा की ओर से ऐसा मिला था जो किसी-किसी को ही मिलता है। वह है प्रबल एवं निष्काम सेवा-भाव।’ उनके जीवन काल में किसी सज्जन ने कहा था, ‘रुलिया राम जी को प्रत्येक दिन शरीर व आयु की दृष्टि से वृद्ध तथा दुर्बल बनाता है परन्तु प्रत्येक आनेवाला दिन उनके सेवा-भाव को जवान बना देता है।’ Read more » पं. रुलिया राम मानव सेवा का अद्भुत प्रेरणादायक उदाहरण
शख्सियत समाज बाबा जयगुरुदेव October 17, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment बाबा जय गुरुदेव ने सन् 1962 में मथुरा में ही आगरा-दिल्ली राजमार्ग पर स्थित मधुवन क्षेत्र में डेढ़ सौ एकड़ भूमि ख़रीदकर अपने मिशन को और अधिक विस्तार दिया। जय गुरुदेव आश्रम की लगभग डेढ़ सौ एकड़ भूमि पर संत बाबा जय गुरुदेव की एक अलग ही दुनिया बसी है। उनके अनुनानियों में हर वर्ग के लोग शामिल हैं। Read more » Featured जयगुरुदेव
शख्सियत समाज जन्मदिवस विशेष: ‘हमारे अमर कलाम…” October 15, 2016 by अनुज हनुमत | 1 Comment on जन्मदिवस विशेष: ‘हमारे अमर कलाम…” कलाम सर 84 साल के सबसे युवा भारतीय थे। मृत्यु से कुछ क्षण पहले तक उनमें वैसा ही जोष और उत्साह था जैसा आप युवाओं में देखते है। उनकी मृत्यु स्वाभाविक तौर पर ऐसे समय हुई जब वे अपने सबसे प्रिय विषय में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। कलाम सर महान भारत के वास्तविक प्रतिक, आदर्ष नागरिक और सर्वाधिक सकारात्मक भारतीय थे। Read more » Bharat Ratna APJ Abdul Kalam Featured एपीजे अब्दुल कलाम कलाम
शख्सियत पर्यावरणविद् डी के जोशी का मिशन अधूरा October 13, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment , डा.राधेश्याम द्विवेदी जन्म:- उनका जन्म 1938 में गुजरात ( पाकिस्तान) में हुआ था। पिता अयोध्यालाल जोशी और मां प्रकाशवती थे। विभाजन के बाद परिवार अजमेर में आकर बसा। यहीं पर डीके जोशी की पढ़ाई हुई। उन्होंने स्नातक किया। इसके बाद नौकरी की, अखबार से जुड़े, कारोबार किया, राजनीति में भी रहे। कांग्रेस के उत्तर […] Read more » Featured डी के जोशी पर्यावरणविद् डी के जोशी
शख्सियत समाज लोक नायक जयप्रकाश नारायण October 12, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment “सम्पूर्ण क्रांति से मेरा तात्पर्य समाज के सबसे अधिक दबे-कुचले व्यक्ति को सत्ता के शिखर पर देखना है ।’’ यह जयप्रकाश नारायण का विचार व नारा था जिसका आह्वान उन्होने इंदिरा गांधी की सत्ता को उखाड़ फेकने के लिये किया था।लोकनायक नें कहा कि सम्पूर्ण क्रांति में सात क्रांतियाँ शामिल है - राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक, शैक्षणिक व आध्यात्मिक क्रांति। इन सातों क्रांतियों को मिलाकर सम्पूर्ण क्रान्ति होती है। Read more » Featured जयप्रकाश नारायण लोक नायक लोक नायक जयप्रकाश नारायण
शख्सियत समाज जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख – एक तुलनात्मक विश्लेषण October 11, 2016 by हरिहर शर्मा | Leave a Comment नानाजी अक्सर राजा राम की तुलना में वनवासी राम की अधिक प्रशंसा करते थे । उनका कहना था कि राजा के रूप में राम इसलिए अधिक सफल हुए, क्योंकि उन्होंने वन में रहते हुए गरीबी को जाना, समझा | इसीलिए नानाजी ने भी राजनीति से विराम लेकर गरीब वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन खपाने का निर्णय लिया । दीन दयाल शोध संस्थान भी बनाया तो चित्रकूट में, जहाँ वनवास के दौरान भगवान राम ने अपना समय व्यतीत किया । अपने चित्रकूट प्रवास के दौरान नानाजी ने वहां के पिछड़ेपन, अशिक्षा और अंधविश्वास में डूबी जनता का मूक रुदन अनुभव किया । Read more » Featured जयप्रकाश नारायण नानाजी देशमुख
शख्सियत समाज रावण की 10 अच्छाइयां October 8, 2016 / October 8, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी रावण रामायण का एक विशेष पात्र और एक केंद्रीय प्रतिचरित्र है। वह लंका का राजा था। वह अपने दस सिरों के कारण भी जाना जाता था (साधारण से दस गुणा अधिक मस्तिष्क शक्ति), जिसके कारण उसका नाम दशानन {दश (दस) + आनन (मुख)} भी था। किसी भी कृति के लिये अच्छे पात्रों […] Read more » 10 goodness of Ravana रावण की 10 अच्छाइयां
शख्सियत समाज दिव्यसंत देवरहा बाबा October 7, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment बाबा के आशीर्वाद कांग्रेस प्रचंड बहुमत प्राप्त किया:-देश में आपातकाल के बाद हुए चुनावों में जब इंदिरा गांधी हार गईं तो वह भी देवरहा बाबा से आशीर्वाद लेने गईं। उन्होंने अपने हाथ के पंजे से उन्हें आशीर्वाद दिया। Read more » Featured दिव्यसंत देवरहा बाबा
शख्सियत आचार्य रामचंद्र शुक्ल October 6, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment बहुमुखी प्रतिभा के धनी शुक्ल जी को हिंदी साहित्य के उन्नायकों में अति विशिष्ठ स्थान प्राप्त है। आपने निबंधकार, समालोचक, संपादक, अनुवादक, कोशकार आदि विभिन्न रूपों में हिंदी-साहित्य को समृद्ध किया। आचार्य शुल्क को हिंदी के मनोवैज्ञानिक निबंध लेखन परम्परा का जनक माना जाता है। उन्होंने हिंदी-साहित्य में इतिहास लेखन की परम्परा की शुरुआत की। इस दृष्टि से उनका हिंदी-साहित्य का इतिहास आज भी विशिष्ठ स्थान है। Read more » Acharya Ramchandra Shukla Featured आचार्य रामचंद्र शुक्ल
शख्सियत समाज गांधी का सेवा संकल्प October 1, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment , उनके कहे अनुरूप जीवन जीना और दूसरों को सिखाना कि बापू कैसे सादगी भरा जीवन जीते थे,संभवत: इनके बाद शायद ही कोई दूसरा होगा. गांधी विश्व पुरुष हैं। स्वाधीनता, स्वदेशी, स्वराष्ट्र, स्वतंत्रता और समता, अहिंसा, सत्याग्रह और स्वच्छता सहित सारे मूल्य गांधीजी के लिए शब्द भर नहीं थे। उन्होंने सभी मूल्यों को सत्याग्रह की अग्नि आंच में तपाया था। Read more » Gandhi Ji गांधी गांधी का सेवा संकल्प सेवा संकल्प
राजनीति शख्सियत ईमानदार और साफसुथरी छवि वाले: लालबहादुर ‘शास्त्री’ October 1, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment मत है कि शास्त्रीजी की मृत्यु हार्ट अटैक से नहीं बल्कि जहर देने से ही हुई। पहली इन्क्वायरी राज नारायण ने करवायी थी, जो बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गयी ऐसा बताया गया। इण्डियन पार्लियामेण्ट्री लाइब्रेरी में आज उसका कोई रिकार्ड ही मौजूद नहीं है। यह भी आरोप लगाया गया कि शास्त्रीजी का पोस्ट मार्टम भी नहीं हुआ। 2009 में जब यह सवाल उठाया गया तो भारत सरकार की ओर से यह जबाव दिया गया कि शास्त्रीजी के प्राइवेट डॉक्टर आर०एन०चुघ और कुछ रूस के कुछ डॉक्टरों ने मिलकर उनकी मौत की जाँच तो की थी परन्तु Read more » Featured Lal Bahadur Shahstri ईमानदार और साफसुथरी छवि वाले लालबहादुर शास्त्री