उस मासूम को यू बेरहमी से मारते

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सवेरे जगा कर नींद से अपने हाथो नाश्ता खिलाया होगा छोड़ स्कूल के दरवाजे पिता ने प्यार से हाथ हिलाया होगा बेटा मेरा मेहफूज है वहां माँ ने दिल को समझाया होगा क्या बीती होगी उस माँ पर जब फ़ोन स्कूल से आया होगा भागते हूए स्कूल की तरफ एक एक कदम ढ़गमागया होगा क्या… Read more »

जीना इसी का नाम है

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 व्योमेश चित्रवंश #जीना_इसी_का_नाम_है पिताजी की मृत्यु सरकारी नौकरी से रिटायरमेंट के पहले हुई थी तो नियम के अनुसार उनके बेटे को नौकरी मिलनी थी। लेकिन सिद्धार्थ ने अपनी मेहनत से ही एक सरकारी अध्यापक की नौकरी हासिल की थी। पिताजी अक्सर कहा करते कि ‘बेटा अपना केवल उसे समझना जो अपनी मेहनत से कमाया हो।’… Read more »

वन मिनट प्लीज – बहनजी & केजरीजी….

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करेला ओर वह भी नीम चढा कि तर्ज पर मायावती का खुद का अहंकारी ओर सामंती व्यवहार ओर वह भी उनकी अपनी पार्टी ओर मंत्रीयों के साथ हैरानी भरा ही रहा है उनके साथ कोई बैठ नहीं सकता था ..उनके समकक्ष किसी अन्य की कुर्सी नहीं लग सकती थी उनके विधायक जमीन पर दरी मे बैठाये जाते थे

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्र सेवा में बढ़ते कदम- लक्ष्य एक कार्य अनेक

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गिरीश जोशी कभी अनाम, अनजान, उपेक्षित और घोर विरोध का शिकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में चर्चा एवं उत्सुकता का विषय बना हुआ है। संघ की इस यात्रा में ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस सरकार द्वारा तीन तीन प्रतिबंधों, कभी अत्यंत शक्तिशाली और क्रूर रहे कम्युनिस्टों, ईसाई और… Read more »

बसन्त पंचमी

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1.सृष्टि के प्रारंभिक काल में भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्मा ने जीवों, खासतौर पर मनुष्य योनि की रचना की। अपनी सर्जना से वे संतुष्ट नहीं थे। उन्हें लगता था कि कुछ कमी रह गई है जिसके कारण चारों ओर मौन छाया रहता है। विष्णु से अनुमति लेकर ब्रह्मा ने अपने कमण्डल से जल छिड़का,… Read more »

वीर गाथा उन सुकुमारों की है जिनकी शहादत के समय अभी दूध के दाँत भी नहीं गिरे थे।

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छोटे साहिबजादों और माता गुजरी जी की शहीदी सूरा सो पहचानिये, जो लरै दीन के हेतु ।। पुरजा पुरजा कटि मरै, कबहु न छाडै खेतु ।।(सलोक कबीर जी) यह वीर गाथा उन सुकुमारों की है जिनकी शहादत के समय अभी दूध के दाँत भी नहीं गिरे थे। सन :1705 ईस्वी 20 दिसम्बर: की मध्यरात्रि का समय श्री गुरू गोबिन्द सिंघ जी की श्री… Read more »

भली लगे या बुरी कुर्बानी का जज़्बा कहां है मियां?

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इक़बाल हिन्दुस्तानी कुर्बानी का अगर कोई सही नमूना देखना हो तो यूपी के गोंडा में देखा जा सकता है। कुर्बानी के त्यौहार को वहां के मुसलमानों ने ‘प्यार बांटते चलो‘ नारे के साथ मनाने का फैसला किया है। उन्होंने वहां अपनी 100 साल पुरानी ईदगाह हिंदू भाइयों की धार्मिक भावना का सम्मान करने को छोड़ने… Read more »

अच्छे दिन आने वाले हैं…….

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स्मिता सिंह अक्सर लोग पूछते हैं कि वर्तमान सरकार आम आदमी के लिए क्या कर रही है? महंगाई ज्यों की त्यों है। आम आदमी को रोजमर्रा की जरूरतों के सामान भी आसानी से नहीं मिल रहे हैं। वे कहते हैं कि हमलोगों ने तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को सरकार में बिठा दिया, पर अच्छे… Read more »

रवीश कुमार, अब जनता ‪#‎FakeItLikeNDTV‬ और आप जैसों की हिप्पोक्रेसी को समझने लगी है!

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 ‪#‎JnuCrackDown‬ वाह रवीश! आज एक अर्णव गोस्वामी, एक दीपक चौरसिया, एक रोहित सरदाना आपको टीवी का स्क्रीन ब्लैंक छोड़ने के लिए मजबूर कर रहा है! आज आपको टीवी एंकरों पर पश्चाताप हो रहा है! लेकिन जब आपके इसी एनडीटीवी की एक संपादक बरखा दत्त की रिपोर्टिंग के कारण कारगिल में जवान मरे, 26/11 में एनडीटीवी… Read more »