श्री कृष्ण जन्माष्टमी 15  अगस्त 2017 को कैसे मनाएं ?

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जन्माष्टमी अर्थात कृष्ण जन्मोत्सव इस वर्ष जन्माष्टमी का त्यौहार 14/15 अगस्त 2017 को मनाया जाएगा. जन्माष्टमी जिसके आगमन से पहले ही उसकी तैयारियां जोर शोर से आरंभ हो जाती है पूरे भारत वर्ष में इस त्यौहार का उत्साह देखने योग्य होता है. चारों का वातावरण भगवान श्री कृष्ण के रंग में डूबा हुआ होता है…. Read more »

 भगवान शिव की आराधना के लिये प्रसिध्द है आगरा का कैलाश मेला

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(24 जुलाई 2017 कैलाश मेले पर विशेष आलेख) हमारे भारत देश में एक समृद्ध आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत के साथ, कई धर्मों का पालन किया जाता है। नतीजतन धार्मिक त्योहारों की एक बड़ी संख्या को मनाया जाता है। ऐसा ही एक त्यौहार आगरा का सुप्रसिध्द कैलाश मेला है। आगरा का यह सुप्रसिध्द कैलाश मेला हर… Read more »

जानिए भगवान् शिव को श्रावण की शिवरात्रि विशेष प्रिय क्यों है?

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यूं तो सनातन धर्म में सृष्टि संहार के स्वामी श्रीरूद्र की उपासना के लिए श्रावण माह को सर्वाधिक पुण्य फलदाई माना गया है | पूरे साल सोमवार के दिन महादेव को प्रसन्न करने के लिए विशेष रूप से उनकी पूजा-अर्चना की जाती है और शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जाता है, लेकिन महाशिवरात्रि और श्रावण शिवरात्रि… Read more »

जानिए पितृ दोष के लक्षण,कारण एवं निवारण हेतु उपाय

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 ️ ️ ️पितृ -दोष शांति के सरल उपाय पितृ या पितृ गण कौन हैं ? आप सभी की जिज्ञासा को शांत करने के लिए  प्रस्तत हैं मेरा विनम्र प्रयास—   प्रिय पाठकों/मित्रों,  पितृ गण हमारे पूर्वज हैं जिनका ऋण हमारे ऊपर है ,क्योंकि उन्होंने कोई ना कोई उपकार हमारे जीवन के लिए किया है मनुष्य… Read more »

सावन की फुहार  में ‘ कजरी ‘ का महत्व 

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अशोक भाटिया सावन चल   है जो इस भीषण तपिश से राहत ही नहीं प्रदान करेगा बल्‍कि अपनी मखमली हरियाली से मन मयूर को नाचने के लिए विवश कर देगा और फिर सावन नाम आते ही ‘कजरी‘ गीतों का उनसे जुड़ जाना स्‍वाभाविक ही है। गाँवों में जब युवतियाँ सावन में पेड़ों पर झूला झूलते समय समवेत स्‍वर… Read more »

कांवड़ यात्रा पर किच – किच क्यों ?

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  तारकेश कुमार ओझा बचपन के दिनों में श्रावण के महीने में  अपने शहर के नजदीक से बहने वाली नदी से जल भर कर प्राचीन शिव मंदिर में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया करता था। कुछ बड़े होने पर शिवधाम के तौर पर जेहन में बस दो ही नाम उभरते थे। मेरे गृहप्रदेश पश्चिम बंगाल… Read more »

जानिए नाग पंचमी का महत्त्व

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हिंदू धर्मग्रन्थों के अनुसार, श्रावण मास की शुक्ल पंचमी को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह नागों और सर्पों की पूजा का पर्व है। मनुष्य और नागों का संबंध पौराणिक कथाओं से झलकता रहा है। हिंदू धर्मग्रन्थों में नाग को देवता माना गया है और इनका विभिन्न जगहों पर उल्लेख भी किया गया है।… Read more »

जानिए सावन महीना क्यों हैं विशेष महिलाओं के लिए..??

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क्या रखें सावधानी और क्या करें तैयारी..?? जैसा कि आप सभी जानते हैं कि सावन का महीना शुरू हो गया है और इस महीने में शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में भगवान शंकर की पूजा करने और उनके लिए व्रत रखने वाले सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण… Read more »

गुरु पूर्णिमा गुरु-पूजन का अनूठा पर्व

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ललित गर्ग- पर्वों, त्यौहारों  और संस्कारों की भारतभूमि में गुरु का स्थान सर्वोपरि माना गया है। पश्चिमी देशों में गुरु का कोई महत्व नहीं है, वहां विज्ञान और विज्ञापन का महत्व है परन्तु भारत में सदियों से गुरु का महत्व रहा है। गुरु-पूर्णिमा गुरु-पूजन का पर्व है। सन्मार्ग एवं सत-मार्ग पर ले जाने वाले महापुरुषों… Read more »

योगेश्वर कृष्ण का युद्ध भूमि में अर्जुन को दिया गया आत्मज्ञान

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  कृष्ण जी अर्जुन को कहते हैं कि तुझे अपने धर्म का विचार करके भी डरना नहीं चाहिये क्योंकि धर्मयुक्त युद्ध के अतिरिक्त क्षत्रिय का अन्य किसी प्रकार से कल्याण नहीं है। कृष्ण जी अर्जुन को यह भी समझाते हैं कि तू यह समझ कि तुझे अकस्मात् स्वर्ग का खुला हुआ द्वार मिल गया है। ऐसे युद्ध को तो सौभाग्यशाली क्षत्रिय पाते हैं। यदि तू इस धर्मयुक्त संग्राम को नहीं करेगा तो फिर अपने धर्म और यश को छोड़कर पाप को पायेगा। लोग तेरे अपयश की चर्चा सदा-सदा किया करेंगे। हे अर्जुन ! कीर्तिमान् की अपकीर्ति मौत से भी बढ़कर होती है।