चिंतन धर्म-अध्यात्म पं. ब्रह्मदत्त जिज्ञासु एवं उनका अप्राप्य व अप्रकाशित यजुर्वेद भाष्य विवरण April 2, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य आचार्य पं. ब्रह्मदत्त जिज्ञासु जी (1892-1964) महर्षि दयानन्द जी के प्रमुख अनुयायियों में से एक थे। उनका सारा जीवन संस्कृत भाषा की आर्ष व्याकरण के पठन-पाठन व प्रचार सहित महर्षि दयानन्द एवं आर्यसमाज के वेद प्रचार एवं शुद्धि आदि कार्यों को समर्पित रहा। उनके अनेक कार्यों में से एक प्रसिद्ध एवं […] Read more »
धर्म-अध्यात्म ईश्वर अनादि काल से अनन्त काल तक सबका एकमात्र साथी April 1, 2016 / April 1, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य जन्म व मरण धर्मा है परन्तु मनुष्य शरीर में निवास करने वाला जीवात्मा अजन्मा व अमर है। जीवात्मा अनादि व अनुत्पन्न होने के अविनाशी व अमर भी है। हमारे इस इसे इस प्रकार भी कह सकते हैं कि ईश्वर किसी जीवात्मा का साथ कभी नहीं छोड़ता। इसे इस प्रकार भी कह […] Read more » अनन्त काल अनादि काल ईश्वर सबका एकमात्र साथी
धर्म-अध्यात्म स्वामी दयानन्द को वेदों की प्रथम प्राप्ति धौलपुर से हुई थी March 31, 2016 / March 31, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य स्वामी दयानन्द मथुरा में अपने विद्या गुरु स्वामी विरजानन्द सरस्वती जी से अपनी शिक्षा पूर्ण कर सन् 1863 में आगरा पधारे थे और यहां लगभग डेढ़ वर्ष प्रवास किया था। गुरु जी से विदाई के अवसर पर गुरु दक्षिणा प्रकरण के अन्तर्गत स्वामी दयानन्द जी के जीवनी लेखक पं. लेखराम जी ने […] Read more » वेदों की प्रथम प्राप्ति वेदों की प्रथम प्राप्ति धौलपुर स्वामी दयानन्द
चिंतन धर्म-अध्यात्म हे मनुष्य ! तू ईश्वर के निज नाम ‘ओ३म्’ का स्मरण कर अपने सभी दुःखों को दूर कर March 30, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य अपने सारे जीवन में अपने दुःखों की निवृत्ति में लगा रहता है फिर भी यदि जीवन के अन्तिम भाग में किसी समय किसी शिक्षित व सम्पन्न मनुष्य से पूछा जाये कि क्या वह दुःख मुक्त व पूर्णतया सुखी है तो उत्तर प्रायः न में ही मिलता है। इसका कारण केवल एक […] Read more » ‘ओ३म्’ का स्मरण सभी दुःखों को दूर कर
धर्म-अध्यात्म भगवान बुद्ध और आर्य परम्परा -एक सत्यान्वेषण March 27, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment “सचं नेरसी अन्तान्म कन्सो उपहतो यथा एस पत्तो सि निब्बानं सारम्भो न विज्ज्ती “(धम्मपद गा.१३४) टूटे हुए कांसे के थाल को पीटने पर भी आवाज नहीं करता ,वैसे ही यदि तुमने स्वयम को निशब्द कर लिया तो ऐसा समझो कि तुम निर्वाण पा गये ,क्योंकि प्रतिक्रिया तुम्हारे लिए जाती रही . ये पंक्तियाँ उन भगवान […] Read more » Featured
धर्म-अध्यात्म ईश्वर, वेद और विज्ञान March 27, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य आज का युग विज्ञान का युग है। विज्ञान विशिष्ट ज्ञान को कहते हैं। विज्ञान ज्ञान की वह विधा है जिसमें हम सृष्टि में कार्यरत व विद्यमान नियमों को जानकर व उनका उपयेाग करके अपनी आवश्यकता के नाना प्रकार के पदार्थों का निर्माण करते हैं। विज्ञान के नियमों की बात करें तो पदार्थों […] Read more »
चिंतन धर्म-अध्यात्म क्या हमारा पहले एक व अनेक बार मोक्ष हुआ है? March 25, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य योनि मोक्ष का द्वार है। मोक्ष दुःखों से सर्वथा निवृत्ति और जन्म-मरण के बन्धन से मुक्ति को कहते हैं। मनुष्य व अन्य प्राणियों की आत्माओं का जन्म उनके पूर्व मुनष्य जन्मों के शुभ व अशुभ कर्मों के फलों के भोग के लिए होता है। ऐसी शास्त्रीय मान्यता है कि जब मनुष्य […] Read more » मोक्ष
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म होली और उसके पूर्व महाभारतकालीन स्वरुप पर विचार March 24, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य भारत और भारत से इतर देशों में जहां भारतीय मूल के लोग रहते हैं, प्रत्येक वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन रंगों का पर्व होली हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाता है। होली के अगले दिन लोग नाना रंगों को एक दूसरे के चेहरे पर लगाते हैं, मिठाई व पकवानों का वितरण आदि […] Read more » the mahabharatkalin swaroop of holi होली होली का महाभारतकालीन स्वरुप
धर्म-अध्यात्म मैं महानतम पुरुष ईश्वर को जानता हूं March 18, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य यदि किसी मनुष्य ने ईश्वर या सृष्टि आदि विषयों को जानना है तो उसे इन विषयों के जानकार विद्वान व ज्ञानी पुरुषों की शरण लेनी होगी। किसी एक ज्ञानी पुरुष को प्राप्त होकर हम उससे, जितना वह ईश्वर वा सृष्टि केबारे मे जानता है, ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। अब यदि हम […] Read more » महानतम पुरुष ईश्वर
धर्म-अध्यात्म त्रिनेत्र गणेश मन्दिर March 16, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment आस्था और चमत्कार का अद्भुत संगम है ललित गर्ग हमारे देश में भगवान श्री गणेश के मन्दिरों की समृद्ध शृंखला में रणथंभौर दुर्ग के भीतर भव्य त्रिनेत्र गणेश मन्दिर का महत्व न केवल राजस्थानवासियों के लिये हैं बल्कि सम्पूर्ण देश में यह मन्दिर चर्चित एवं लोकप्रिय है। सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर […] Read more » Featured ganesh mandir त्रिनेत्र गणेश मन्दिर रणथम्भौर स्थित त्रिनेत्र गणेशजी
धर्म-अध्यात्म जन्म-मरण के दु:खों से मुक्ति के विवेक व वैराग्य आदि चार साधन March 14, 2016 by मनमोहन आर्य | 2 Comments on जन्म-मरण के दु:खों से मुक्ति के विवेक व वैराग्य आदि चार साधन मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य के जीवन का मुख्य उद्देश्य सभी प्रकार के दुःखों से मुक्ति व मोक्ष की प्राप्ति है। मुक्ति व मोक्ष एक प्रकार की जीवात्मा को पूर्ण स्वतन्त्रता है जिसमें शुभ व अशुभ कर्मों के फलों का भोग नहीं होता। यह स्वतन्त्रता वा मुक्ति हमें अपने मिथ्या व अशुभ कर्मों के फलों के […] Read more » चार साधन जन्म-मरण दु:खों से मुक्ति विवेक वैराग्य
धर्म-अध्यात्म महर्षि दयानन्द प्रथम धार्मिक महापुरुष March 1, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment ऋषि जन्मोत्सव (3 मार्च) एवं बोधोत्सव (7 मार्च) पर ‘सभी धार्मिक मान्यताओं को सत्य की कसौटी पर कस कर उसका प्रचार करने वाले महर्षि दयानन्द प्रथम धार्मिक महापुरुष’ मनमोहन कुमार आर्य देश और संसार में प्रतिदिन लाखों लोग जन्म लेते हैं और अपनी आयु भोग कर काल के गाल में समा जाते हैं। सृष्टि […] Read more » महर्षि दयानन्द महर्षि दयानन्द प्रथम धार्मिक महापुरुष’