गायत्री मन्त्र के जप से मन्द बुद्धि बालक विख्यात विद्वान बना

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मनमोहन कुमार आर्य महात्मा(पूर्व आश्रम का नाम खुशहाल चन्द) का नाम आज भी प्रायः प्रत्येक आर्यसमाज का सक्रिय अनुयायी जानता है। आपके प्रवचन पुस्तक रूप में प्रकाशित मिलते हैं जिन्हें लोग बहुत श्रद्धा से पढ़ते हैं। इन्हें पढ़कर कोई भी व्यक्ति वैदिक मान्यताओं व सिद्धान्तों का जानकार बन सकता है। जो भी पढ़ेगा उसका निश्चित… Read more »

शिव एक विशिष्ट देव

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डा. राधेश्याम द्विवेदी शिव हिन्दू धर्म के प्रमुख देवताओं में से हैं। वे त्रिदेवों में एक देव हैं। इन्हें देवों के देव भी कहते हैं। इन्हें महादेव, भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है। तंत्र साधना में इन्हे ‘भैरव’ के नाम से भी जाना जाता है। वेद में इनका नाम… Read more »

आइये जाने इस वर्ष 2017 में  महालय/पितृपक्ष/श्राद्ध पक्ष क्या,क्यों और कैसे मनाये..???

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इस वर्ष पितृपक्ष-5 सितंबर से 20 सितंबर 2017 (पूर्णिमा) से आरम्भ होने जा रहे हैं |   प्रिय मित्रों/पाठकों, श्राद्ध, पूजा, महत्व, श्राद्ध की महिमा एवं विधि का वर्णन विष्णु, वायु, वराह, मत्स्य आदि पुराणों एवं महाभारत, मनुस्मृति आदि शास्त्रों में यथास्थान किया गया है। श्राद्ध का अर्थ अपने देवों, परिवार, वंश परंपरा, संस्कृति और… Read more »

मनुष्य का जीवन व चरित्र उज्जवल होना चाहिये

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मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य का जीवन व चरित्र उज्जवल होना चाहिये परन्तु आज ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। जो जितना बड़ा होता है वह अधिक संदिग्ध चरित्र व जीवन वाला होता है। धर्म हो या राजनीति, व्यापार व अन्य कारोबार, शिक्षित व अशिक्षित सर्वत्र चरित्र में गड़बड़ होने का सन्देह बना रहता है।… Read more »

शहीद भगत सिंह के दादा सरदार अर्जुन सिंह की आर्यसमाज की विचारधारा को पुष्ट करने के  लिए लिखी पुस्तक ‘हमारे गुरु साहिबान वेद के पैरोकार थे’ और उसकी पृष्ठभूमि

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-मनमोहन कुमार आर्य इतिहास की हर छोटी बड़ी बात सभी ऋषि भक्तों को स्मरण हो, यह सम्भव नहीं है। इसके लिए समय समय पर इस विषय के ग्रन्थों को पढ़ना उपुयक्त रहता है। स्वाध्याय से हमें सबसे बड़ा लाभ यही प्रतीत होता है कि इस प्रवृत्ति से मनुष्य के ज्ञान में निरन्तर वृद्धि होती जाती… Read more »

ऋषि दयानन्द ने सभी खतरों को जानते हुए भी मनुष्यमात्र के हित के लिए निर्भीकता से ईश्वरीय ज्ञान वेद का प्रचार किया

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मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द सत्य की खोज करने अपने पिता के घर से निकले थे और उन्होंने देश देशान्तर का भ्रमण करके अनेक विद्वानों, योगियों, ज्ञानियों की सगंति सहित देश के अधिकांश स्थानों भर उपलब्ध वेद एवं सभी प्रकार के धार्मिक ग्रन्थों का अध्ययन व उनका मनन किया था। सद्ज्ञान व सच्चे योग को… Read more »

ईश्वर से स्वराज्य अर्थात् मोक्ष सुख की प्रार्थना

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स्वाध्याय, चिन्तन, जप, तप व ध्यान से मोक्ष की ओर प्रस्थान– मनमोहन कुमार आर्य अथर्ववेद का 10/7/31 मन्त्र है जिसमें स्वराज्य अर्थात् मोक्ष सुख की ईश्वर से प्रार्थना की गई है।। यह मन्त्र प्रस्तुत हैः “नाम नाम्ना जोहवीति पुरा सूर्यात् पुरोषसः। यदजः प्रथमं सम्बभूव स ह तत्स्वराज्यमियाय यस्मान्न परमन्यदस्ति भूतम्।।”   मन्त्र के पदार्थ पर… Read more »

गणेशजी सात्विक एवं सार्वभौमिक देवता हैं 

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गणेश चतुर्थी – 25 अगस्त, 2017 पर विशेष ललित गर्ग- भाद्रपद शुक्ल कह चतुर्थी को सिद्धि विनायक भगवान गणेश का जन्म हुआ। गणेश के रूप में विष्णु शिव-पावर्ती के पुत्र के रूप में जन्म थे। उनके जन्म पर सभी देव उन्हें आशाीर्वाद देने आए थे। विष्णु ने उन्हें ज्ञान का, ब्रह्मा ने यश और पूजन… Read more »

आर्यसमाज एवं आर्य संस्थाओं के आवश्यक कर्तव्य एवं दायित्व

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मनमोहन कुमार आर्य वर्तमान समय में आर्यसमाज की पहचान एक ऐसे भवन के रूप में होती हैं जहां आर्यसमाजी लोग रविवार को एकत्रित होकर यज्ञ, भजन एवं प्रवचन का कार्य करते हैं और फिर सप्ताह के शेष दिन अपने व्यवसाय  आदि के कार्यों में लगे रहते हैं। हमारा अनुमान है कि यदि सर्वे किया जाये… Read more »

सत्याचार और ईश्वरोपासना ईश्वर के प्रति हमारे दो प्रमुख कर्तव्य

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मनमोहन कुमार आर्य हम मननशील होने से मनुष्य कहे जाते हैं। मननशील का मुख्य गुण सोच विचार वा चिन्तन-मनन करना होता है। हम सभी मनुष्य मनन व चिन्तन करते ही हैं। मनुष्य को दो प्रकार का  ज्ञान होता है। एक स्वाभाविक ज्ञान और दूसरा नैमित्तिक ज्ञान। स्वाभाविक ज्ञान की प्राप्ति के लिए प्रयत्न नहीं करना… Read more »