स्वार्थ, अज्ञान और अन्धविश्वास से जीवन की बर्बादी

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असत्य का त्याग और सत्य का ग्रहण ही जीवन कल्याण का मुख्य मंत्र मनमोहन कुमार आर्य स्वार्थ शब्द पर विचार करें तो स्व और अर्थ दो शब्दों से बना हुआ यह शब्द प्रतीत होता है। ‘स्व’ अपने को कहते हैं और अर्थ के अनेक अर्थ हो सकते हैं जिसमें धन, सम्पत्ति व अन्य प्रयोजन की… Read more »

आधुनिक काल में वेद एवं इतर मत-पन्थ ग्रन्थों की प्रासंगिकता

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मनमोहन कुमार आर्य महाभारत काल के बाद संसार में अनेक ज्ञानी व अल्पज्ञानी पुरुष हुए जिन्होंने देश, काल व परिस्थिति के अनुसार, साथ ही अपनी योग्यतानुसार, कुछ मतों का प्रचलन भी किया है। समय के साथ यह पल्लवित व पोषित होते रहे और आज कुछ मतों का संसार पर अत्यधिक प्रभाव व प्राधान्य है। महाभारतकाल… Read more »

स्वामी दयानन्द जी की गान विद्या में मर्मज्ञता के कुछ उदाहरण

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मनमोहन कुमार आर्य गान वा संगीत विद्या का आरम्भ सामवेद से माना जाता है। स्वामी दयानन्द जी चार वेदों के शीर्षस्थ विद्वान थे। वह वेदों को समग्रता से जानते थे। उनके जीवन की कुछ घटनायें उपलब्ध होती हैं जो उन्हें साम-गान एवं गान विद्या का मर्मज्ञ विद्वान सिद्ध करती हैं। आर्यजगत के विद्वान आचार्य विपाश… Read more »

करें माँ विन्ध्याचल शक्तिपीठ के दर्शन और सेवा/आराधना..

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यदि चाहिए राजसत्ता का सुख …. करें माँ विन्ध्याचल शक्तिपीठ के दर्शन और सेवा/आराधना.. प्रिय पाठकों/मित्रों, हमारे देश के सभी राज्यों में कोई ना कोई शक्तिपीठ  विराजित है, लेकिन माँ विन्ध्याचल शक्तिपीठ की महिमा अद्भूत व निराली है। पुराणों में विन्ध्याचल को शक्तिपीठ, सिद्धपीठ व मणिपीठ कहा गया है। चूणामणि में 51 शक्तिपीठ व श्रीमद्भागवत… Read more »

जानिए करवा चौथ 08 अक्टूबर, (रविवार)  2017 को क्यों और कैसे मनाएं

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हमारे देश में हिन्दू पंचांगानुसार कार्तिक महीना में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन करवा चौथ का व्रत मनाया जाता है। इस वर्ष करवा चौथ का व्रत 08 अक्टूबर 2017 (रविवार) को मनाया जाएगा। करवा चौथ और संकष्टी चतुर्थी ये दोनों व्रत एक ही दिन मनाया जाता है। संकष्टी चतुर्थी गणेश जी को खुश करने… Read more »

मनुष्यों की सन्तानों को श्रेष्ठ मनुष्य बनाना ही वेदोत्पत्ति का प्रयोजन

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  -मनमोहन कुमार आर्य संसार में आज जितना भी ज्ञान उपलब्ध है उसका एकमात्र उद्देश्य मनुष्य के जीवन को सुखी व श्रेष्ठ बनाना है। सद्ज्ञान ही वह पदार्थ, ज्ञान व धन है जिससे मनुष्य श्रेष्ठ बन सकता है। हमारे पास आज एक ओर मत-मतान्तरों के ग्रन्थ व पुस्तकें हैं तो दूसरी ओर ज्ञान व विज्ञान… Read more »

घर के मंदिर में भूलकर भी नहीं करें ये गलतियां वरना हो सकता हैं तनाव या टेंशन…

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( अनजाने में घर के मंदिर में की गयी ये गलतियाँ बन सकती है तनाव का कारण) भगवान् की पूजा हर घर में की जाती है, लोग अपने घर में भगवान् को एक खास जगह देते है और उसी जगह पर रोज़ाना उनकी पूजा पाठ की जाती है,एक तरह से माना जाये तो ये स्थान… Read more »

वर्ष 2017 की शारदीय नवरात्री —

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इस वर्ष की शारदीय नवरात्रि आज दिनांक 21 सितंबर 2017  (गुरूवार ) से आरम्भ होने वाला है। नवरात्रि में दुर्गा माता की नौ दिनों में 9 स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। माता दुर्गा हिन्दू धर्म में आद्यशक्ति के रूप में सुप्रतिष्ठित है तथा माता शीघ्र फल प्रदान करनेवाली देवी के रूप में लोक में… Read more »

नौ देवियों को पूजा के दौरान क्या क्या भोग लगाएं ??

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देश भर में नवरात्र 21 सितंबर से आरंभ हो रहे हैं और भक्त जन देवी मां के स्वागत की तैयारियों में लगे हैं। नौ दिनों में जिस तरह देवी के नौ रूपों की पूजा होती है ठीक उसी प्रकार नौ देवियों को अलग अलग प्रसाद अर्पित किया जाता है। हर देवी को प्रसन्न करने के… Read more »

मृतकों के चित्रों पर पुष्पमाला व पुष्प चढ़ाना अवैदिक कृत्य

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मनमोहन कुमार आर्य एक आर्य विद्वान ने हमारा ध्यान आर्यजनों द्वारा अपने प्रिय परिवारजनों की मृत्यु आदि के बाद आयोजित श्रद्धांजलि आदि कार्यक्रमों में उनका चित्र रखने, उस पर पुष्पमाला डालने व पुष्प चढ़ाने की अवैदिक परम्परा की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने हमसे हमारा पक्ष पूछा था जो हमने उन्हें अवगत करा दिया है… Read more »