धर्म-अध्यात्म जीवन में संयम, सीमित आवकश्तायें एवं शक्ति संचय आवश्यक है August 23, 2020 / August 23, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य संसार में सभी जीवन पद्धतियों में वैदिक धर्म एवं तदनुकूल जीवन पद्धति श्रेष्ठ व महत्वूपर्ण है। इसे जानकर और इसके अनुसार जीवन व्यतीत करने पर मनुष्य अनेक प्रकार की समस्याओं से बच जाता है। मनुष्य को अपनी शारीरिक शक्तियों के विकास वा उन्नति पर ध्यान देना चाहिये। इसके लिये उसे […] Read more » Restraint जीवन में संयम
धर्म-अध्यात्म ब्रह्मचर्य ईश्वर में विचरण, संयम और कर्तव्यों का पालन करना है August 20, 2020 / August 20, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य वेद एवं वैदिक साहित्य में ब्रह्मचर्य की चर्चा मिलती है। प्राचीन काल में मनुष्य जीवन को चार आश्रमों में बांटा गया था। प्रथम आश्रम ब्रह्मचर्य आश्रम कहलाता था। इसके बाद गृहस्थ आश्रम का स्थान था। ब्रह्मचर्य आश्रम जन्म से 25 वर्ष की आयु तक मुख्य रूप से माना जाता है परन्तु […] Read more » Brahmacharya is to perform variance restraint and duties in God ब्रह्मचर्य
धर्म-अध्यात्म आर्यसमाज सत्य के प्रचार और असत्य को छुड़ाने का एक सार्वभौमिक आन्दोलन है August 19, 2020 / August 19, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य आर्यसमाज विश्व का ऐसा एक अपूर्व संगठन है जो किसी मनुष्य व महापुरुष द्वारा प्रचारित मत का प्रचार नहीं करता अपितु सृष्टि में विद्यमान सत्य की खोज कर सत्य का स्वयं ग्रहण करता व उसके प्रचार द्वारा विश्व के सभी मनुष्यों से उसे अपनाने, ग्रहण व धारण करने का आग्रह करता […] Read more » Arya Samaj is a universal movement to propagate truth and redeem untruth. आर्यसमाज आर्यसमाज की स्थापना का मुख्य उद्देश्य
जन-जागरण धर्म-अध्यात्म आत्मिक सुख एवं शुद्धि का पर्व है पर्युषण August 17, 2020 / August 17, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment पर्युषण पर्व- 15-22 अगस्त 2020 पर विशेष-ललित गर्ग- पर्युषण जैन समाज का एक ऐसा महान् पर्व है, जो प्रति वर्ष सारी दुनिया में जैन धर्म के सभी पंथों एवं परम्पराओं में आत्मशुद्धि एवं आपसी प्रेम-मैत्री जैसे विशिष्ट आध्यात्मिक उद्देश्यों के लिये मनाया जाता है। यह एक सार्वभौम पर्व है, मानव मात्र का पर्व है। पूरे विश्व […] Read more » Paryushan is a festival of spiritual happiness and purification
धर्म-अध्यात्म अपनी जीवन यात्रा को इसके लक्ष्य पर पहुंचाने का प्रयत्न करना चाहिये August 16, 2020 / August 16, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य वा इसकी आत्मा एक यात्री के समान हैं जो किसी लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए अपने वर्तमान जन्म व जीवन में यहां तक पहुंची हैं। मनुष्यों की अनेक श्रेणियां होती हैं। कुछ ज्ञानी व बुद्धिमान होते हैं। वह अपने सब काम सोच विचार कर तथा विद्वानों की सम्मति सहित ऋषियों […] Read more »
धर्म-अध्यात्म संसार में ईश्वर एक ही है और वह सबसे महान और महानतम है August 16, 2020 / August 16, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हमारा यह संसार मनुष्यों वा जीवात्माओं के सुख के लिये बनाया गया है। बनाने वाली सत्ता को हम ईश्वर के नाम से जानते हैं। ईश्वर ने इस संसार को बनाया भी है और वही इसको व्यवस्थित रूप से चला भी रहा है। सूर्य समय पर उदय होता है। सूर्य अपनी धूरी […] Read more » There is only one God in the world and He is the greatest and greatest ईश्वर ईश्वर एक ही है
धर्म-अध्यात्म मनुष्य जीवन का कल्याण वेदज्ञान के धारण व आचरण से ही संभव August 14, 2020 / August 14, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य परमात्मा ने हमें मनुष्य जीवन दिया है। हमारा सौभाग्य है कि हम भारत में जन्में हैं जो सृष्टि के आरम्भ से वेद, ऋषियों व देवों की भूमि रही है। मानव सभ्यता का आरम्भ इस देवभूमि आर्यावर्त वा भारत से ही हुआ था। मनुष्य जीवन की उन्नति व कल्याण के लिए परमात्मा […] Read more » वेदज्ञान वेदज्ञान के धारण व आचरण
धर्म-अध्यात्म क्या हमारा अगला जन्म मनुष्य योनि में होगा? August 12, 2020 / August 12, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य संसार में हम चेतन जीवात्माओं के अनेक योनियों में जन्मों को देखते हैं। मनुष्य जन्म में उत्पन्न दो जीवात्माओं की भी सुख व दुःख की अवस्थायें समान नहीं होती। मनुष्य योनि तथा पशु–पक्षी की सहस्रों जाति प्रजातियों में जीवात्मायें एक समान हैं जिनके सुख दुःख अलग–अलग हैं। इसका कोई तो कारण […] Read more » अगला जन्म मनुष्य योनि में
धर्म-अध्यात्म हमारी यह सृष्टि सर्वव्यापक और सर्वशक्तिमान ईश्वर से बनी है August 12, 2020 / August 12, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम इस संसार के पृथिवी नाम के एक ग्रह पर जन्में हैं, यहीं पले व बढ़े हैं तथा इसी में हमारी जीवन लीला समाप्त होनी है। हमारी यह सृष्टि आदि काल में, जिसे काल गणना के आधार पर 1 अरब 96 करोड़ 08 लाख 53 हजार 120 वर्ष पुराना माना जाता […] Read more » ईश्वर सर्वव्यापक और सर्वशक्तिमान ईश्वर
जन-जागरण धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार लेख आत्मा को दीप्त करता महापर्व-पर्युषण August 11, 2020 / August 11, 2020 by आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि | Leave a Comment पर्युषण महापर्व 15 अगस्त- 22 अगस्त, 2020 पर विशेष – आचार्य डाॅ.लोकेशमुनि-जैन संस्कृति में जितने भी पर्व व त्योहारों मनाये जाते हैं लगभग सभी में तप एवं साधना का विशेष महत्व है। जैनों का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पर्व है पयुर्षण पर्व । यह पर्व ग्रंथियों को खोलने की सीख देता है और आत्मशुद्धि का वातावरण निर्मित करता […] Read more » Mahaparava-Paryushan पर्युषण महापर्व
धर्म-अध्यात्म समाज ऋषि दयानन्द का गृहाश्रम पर पठनीय महत्वपूर्ण उपदेश August 10, 2020 / August 10, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द का सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ विश्व प्रसिद्ध ग्रन्थ है। इसके चैथे अध्याय में समावर्तन, विवाह तथा गृहाश्रम पर उपदेश प्रस्तुत किये गये हैं। जैसा उपदेश ऋषि दयानन्द जी ने सत्यार्थप्रकाश में प्रस्तुत किया है वैसा उनके समय व पूर्वकाल में अन्यत्र प्राप्त होना दुर्लभ था। इसका दिग्दर्शन कराने के लिये हम […] Read more » Important sermons read by sage Dayanand on home ऋषि दयानन्द सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ
धर्म-अध्यात्म हमारा यह संसार तीन अनादि व नित्य सत्ताओं की देन है August 8, 2020 / August 8, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हमारा यह जगत सूर्य, चन्द्र, पृथिवी सहित अनेकों ग्रह व उपग्रहों से युक्त है। इस समस्त सृष्टि में हमारे सौर्य मण्डल के समान अनेक व अनन्त सौर्य मण्डल हैं। इतने विशाल जगत् को देखकर जिज्ञासा होती है कि यह संसार किससे, क्यों, कैसे व कब अस्तित्व में आया और इसका भविष्य […] Read more » संसार