धर्म-अध्यात्म अचल व शान्त आत्मा में परमात्मा समाहित व प्रकाशित रहता है May 4, 2020 / May 4, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य ईश्वर सृष्टिकर्ता है और वह जीवात्माओं कोके कर्मानुसार भिन्न-भिन्न योनियों में जन्म देकर सुख व दुःख का भोग कराता है। मनुष्य जन्म उन जीवात्माओं को मिलता है जिनके पूर्वजन्म के कर्म-संचय में आधे से अधिक पुण्य कर्म होते हैं। इसका अर्थ यह है कि यदि पाप कर्म आधे से कम हैं […] Read more » आत्मा में परमात्मा समाहित
धर्म-अध्यात्म ईश्वर की उपासना का महत्व जानें व इसका ज्ञानपूर्वक पालन करें May 3, 2020 / May 3, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य उपासना क्या है और इसे क्यों करना चाहिये? उपासना करने के क्या लाभ हैं? यह विषय उपेक्षणीय नहीं है। उपासना पास बैठने को कहते हैं। हम अपनी माता की गोद में होते हैं तो हमें माता का स्नेह तथा उससे ज्ञान प्राप्त होता है। माता हमारी क्षुधा निवृति सहित सभी प्रकार […] Read more » importance of worshiping God Learn the importance of worshiping God ईश्वर की उपासना का महत्व
धर्म-अध्यात्म अग्निहोत्र से रोगकृमियों का नाश तथा स्वस्थ जीवन की प्राप्ति होती है May 3, 2020 / May 3, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य भोजन कर न केवल अपनी भूख को दूर करता है अपितु इससे उसे बल व शक्ति की प्राप्ति भी होती है। बच्चे दुग्ध, फलाहार व भोजन करते हैं जिससे उनको बल व शक्ति सहित शारीरिक वृद्धि की प्राप्ति होती है। जिनको अच्छा भोजन, गोदुग्ध, फल तथा बादाम, काजू, छुआरे आदि […] Read more » Agnihotra destroys pathogens and leads to a healthy life अग्निहोत्र
धर्म-अध्यात्म वेदधर्म की रक्षा मन्दिरों में साप्ताहिक सत्संगों तथा पूजा-पाठ मात्र करने से सम्भव नहीं May 2, 2020 / May 2, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। वेद ईश्वर प्रदत्त ज्ञान है और धर्म का आदि मूल है। महाभारत तक वेद फलता फूलता रहा। महाभारत युद्ध व उसके बाद के 2,500 वर्षों तक तक पूरे विश्व का धर्म एकमात्र वेद ही था। महाभारत युद्ध की भीषण हानि के कारण सभी व्यवस्थायें अस्त–व्यस्त व भंग हो र्गइं। इस […] Read more » वेदधर्म
धर्म-अध्यात्म ईश्वर प्रदत्त वेदज्ञान से ही विश्व को सभी विद्याओं का ज्ञान हुआ May 2, 2020 / May 2, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य संसार में समस्त ज्ञान व विद्यायें परा व अपरा के नाम से जानी जाती हैं। इस ज्ञान का आदि स्रोत क्या है? पश्चिम के लोग ईश्वर को यथार्थ रूप में नहीं जानते। इस कारण वहां के लोगों ने ईश्वर व आत्मा विषयक तत्वों व पदार्थों को जानने के लिये तरह तरह […] Read more » ईश्वर प्रदत्त वेदज्ञान
धर्म-अध्यात्म वैदिक जीवन स्वस्थ व श्रेष्ठ जीवन का प्रेरक एवं संवाहक April 30, 2020 / April 30, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य संसार में सबसे प्राचीन धर्म व संस्कृति वेद वा वैदिक है। वेद ईश्वर का सृष्टि की आदि में दिया गया ज्ञान है। इस वेदज्ञान के अनुसार जो मत व धर्म प्रचलित हुआ उसी को वैदिक धर्म कहा जाता है। वैदिक धर्म उतना ही पुराना है जितना पुराना हमारा संसार है। न […] Read more » वैदिक जीवन
धर्म-अध्यात्म दया को धारण करने से मनुष्य धर्मज्ञ, यशस्वी व सफल बनता है April 30, 2020 / April 30, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment ओ३म् -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य जिन गुण, कर्म व स्वभाव को धारण करने से मनुष्य कहा जाता है उनमें से एक गुण दया भी है। दया दूसरे मनुष्यों व प्राणियों पर दया, प्रेम, सहानुभूति, हित कामना रखने को कहते हैं। दया करना सह-अनुभूति प्रकट करना होता है तथा उसी के अनुरूप दूसरों की सहायता, […] Read more » दया को धारण करने से
धर्म-अध्यात्म मनोरंजन सहस्त्रार्जुन का नर्मदा जल प्रवाह रोकने पर रावण की पूजा भंग होना April 29, 2020 / April 29, 2020 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment Read more » Disruption of worship of Ravana when Sahastrajun stops Narmada water flow रावण की पूजा भंग सहस्त्रार्जुन सहस्त्रार्जुन का नर्मदा जल प्रवाह रोक
धर्म-अध्यात्म अध्ययन से ज्ञान प्राप्ति की तरह ही शुभ कर्मों से सुख प्राप्त होता है April 24, 2020 / April 24, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य की स्वाभाविक प्रवृत्ति है कि इसे सुख से राग है तथा दुःखों से द्वेष है। सब मनुष्य सुख चाहते हैं। अतः यह आवश्यक होता है कि मनुष्य को सुख प्राप्ति के साधनों का भी ज्ञान हो। सुख का साधन शुभ कर्म होते हैं। ऐसा वैदिक साहित्य का अध्ययन करने सहित […] Read more » अध्ययन अध्ययन से ज्ञान प्राप्ति शुभ कर्मों से सुख प्राप्ति
धर्म-अध्यात्म गुरु विरजानंद की प्रेरणा से ऋषि दयानंद ने देश से अविद्या दूर की April 22, 2020 / April 22, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द एक सत्यान्वेषी सत्पुरुष थे। वह सच्चे ईश्वर को प्राप्त करने तथा मृत्यु पर विजय प्राप्त करने के लिये अपनी आयु के बाईसवें वर्ष में अपने घर से निकले थे। उन्होंने देश के अनेक भागों में जाकर धार्मिक पुरुषों के दर्शन करने सहित उनसे उपदेश ग्रहण किये थे। इसके साथ […] Read more »
धर्म-अध्यात्म सेवा परमो धर्मः सूत्र-वाक्य की परीक्षा April 21, 2020 / April 21, 2020 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on सेवा परमो धर्मः सूत्र-वाक्य की परीक्षा –मनमोहन कुमार आर्य हमारे देश में कुछ वाक्य व सूत्र प्रचलित हो गये हैं जिनमें से एक सूत्र वाक्य है ‘सेवा परमो धर्मः’। इसका अर्थ सभी जानते हैं। इसके आधार पर सेवा ही परम धर्म है। पता नहीं यह शब्द व वाक्य कहां से आया है? यह वेद वाक्य तो कदापि नहीं हो सकता […] Read more » Seva Paramo Dharma सेवा परमो धर्म
धर्म-अध्यात्म मनोरंजन रामायण में काण्ड का नाम सुन्दर काण्ड क्यों? April 14, 2020 / April 14, 2020 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव महर्षि वाल्मीक रचित रामायण हो या गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरित्र मानस, दोनों में बालकाण्ड,अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किंधाकाण्ड, उत्तरकाण्ड नामकरण कर रामकथा के प्रसंगों को इन काण्डों में समाहित किया है जिसमें सुंदरकाण्ड नामकरण किए जाने की विशेषताओं का रहस्य विरले ही समझ पाते है विशेषकर वे लोग जो नित्य प्रतिदिन सुंदरकाण्ड का पाठ करते है […] Read more » ramayan sundar kand in ramayan Why is the name of the case Sundara Kanda in Ramayana? सुन्दर काण्ड