मनोरंजन सिनेमा हॉट महिलाओं की फेहरिस्त में जगह पा चुकी हैं वर्तिका सिंह March 30, 2026 / March 30, 2026 by सुभाष शिरढोनकर | Leave a Comment पिछले साल 7 नवंबर को थिएटर्स में रिलीज हुई इमरान हाशमी और यामी गौतम की फिल्म ‘हक’ (2025) को ऑडियंस और क्रीटिक्स का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। Read more » वर्तिका सिंह
मनोरंजन हज़ारों ‘फ्रेंड्स’ के बावजूद इंसान अकेला — एआई-मित्रता की दुनिया में मानवीय संबंध का भविष्य March 26, 2026 / March 26, 2026 by डॉ. शैलेश शुक्ला | Leave a Comment यह अकेलापन केवल उन लोगों तक सीमित नहीं है, जिनके पास मित्र या परिवार नहीं हैं, बल्कि यह उन लोगों में भी दिखाई देता है, जिनके पास हजारों आभासी संबंध हैं। Read more » एआई-मित्रता की दुनिया में मानवीय संबंध
मनोरंजन संगीत ‘मनोरंजन’ की गिरावट और ‘मौन’ सेंसर बोर्ड March 26, 2026 / March 26, 2026 by अजय जैन ' विकल्प ' | Leave a Comment यह विवाद केवल एक गीत तक सीमित नहीं है; यह उस ओछी मानसिकता का संकेत है जिसमें मनोरंजन उद्योग दर्शकों के सामने द्विअर्थी और भड़काऊ सामग्री को चतुराई से 'कला' या 'मनोरंजन' का नाम देकर परोसता है। 'सरके चुनर तेरी सरके' के बोलों में जो संकेत दिख रहा है, वह केवल शब्दों का खेल नहीं है। Read more » nora fatehi सरके चुनर तेरी सरके
मनोरंजन कला, अभिव्यक्ति और बदलाव का माध्यम-थिएटर March 26, 2026 / March 26, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment हर वर्ष 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस (वर्ल्ड थिएटर डे) मनाया जाता है। वास्तव में,इसकी शुरुआत वर्ष 1961 में इंटरनेशनल थिएटर इंस्टीट्यूट (आइटीआइ) द्वारा की गई थी, Read more » विश्व रंगमंच दिवस
मनोरंजन सोशल मीडिया और घटती खुशियां: क्या कहती है वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट-2026? March 20, 2026 / March 20, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment सोशल मीडिया और घटती खुशियां Read more » World Happiness Report 2026 वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट-2026? सोशल मीडिया और घटती खुशियां
मनोरंजन मोबाइल : जरूरत या जिंदगी March 20, 2026 / March 20, 2026 by डॉ. नीरज भारद्वाज | Leave a Comment मोबाइल एक सुविधा अनेक Read more » मोबाइल मोबाइल एक सुविधा अनेक
मनोरंजन फूहड़ कंटेंट, सोशल मीडिया और संस्कृति: जिम्मेदारी किसकी? March 12, 2026 / March 12, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment सोशल मीडिया और संस्कृति Read more » Obscene content social media and culture: Whose responsibility is it सोशल मीडिया और संस्कृति
खेल जगत मनोरंजन जीत की रीत का नया गीत March 10, 2026 / March 10, 2026 by डॉ घनश्याम बादल | Leave a Comment टी-20 वर्ल्ड कप जीत Read more » टी-20 वर्ल्ड कप जीत
कला-संस्कृति मनोरंजन पारंपरिक मेलों पर संकट: सुरक्षा और आजीविका के बीच संतुलन की तलाश March 10, 2026 / March 10, 2026 by जगराम गुर्जर | Leave a Comment जगराम गुर्जर भारत के पारंपरिक मेले केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं. वे हमारे सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन का जीवंत हिस्सा हैं। गांव-गांव, शहर-शहर लगने वाले ये मेले सदियों से लोगों के मेल-मिलाप, लोक संस्कृति और आजीविका का आधार रहे हैं। यहां झूले लगाने वाले, खिलौने बेचने वाले, बर्तन, चूड़ी, हस्तशिल्प बेचने वाले दुकानदार, […] Read more » पारंपरिक मेलों पर संकट
सिनेमा हिंसक सिनेमा और समाज : एक चिंताजनक प्रवृत्ति February 26, 2026 / February 26, 2026 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment आज का समय तीव्र परिवर्तन का समय है। तकनीक, संचार और मनोरंजन के साधनों ने दुनिया को बहुत छोटा कर दिया है। लेकिन इस विकास के साथ एक ऐसी प्रवृत्ति भी तेजी से बढ़ी है, जो गंभीर चिंता का विषय है—समाज में बढ़ती हिंसा और उसका प्रतिबिंब फिल्मों में दिखाई देना। आज बड़े पर्दे पर […] Read more » Violent cinema and society हिंसक सिनेमा और समाज
मनोरंजन क्लिक के दलदल में फँसा समाज: गालियों से ग्रोथ, शोर से शोहरत February 25, 2026 / February 25, 2026 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment जहाँ सच सन्नाटा है, तमाशा उत्सव है — क्लिक की संस्कृति में खोता हुआ समाज और डिजिटल मंच पर किनारे पड़ा विवेक) डॉ. सत्यवान सौरभ डिजिटल दुनिया कभी ज्ञान, संवाद और रचनात्मकता की प्रयोगशाला मानी जाती थी। यह विश्वास था कि इंटरनेट लोकतंत्र को मज़बूत करेगा, हाशिये पर खड़े लोगों को आवाज़ देगा और असली […] Read more » A society trapped in a quagmire of clicks: growth through abuse fame through noise. क्लिक के दलदल में फँसा समाज क्लिक के दलदल में फँसा समाज: गालियों से ग्रोथ शोर से शोहरत
मनोरंजन नागरिक पत्रकारिता: जमीनी हकीकत की सच्ची आवाज February 25, 2026 / February 25, 2026 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment बाबूलाल नागा डिजिटल क्रांति के इस दौर में खबरों का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। कभी न्यूजरूम और बड़े मीडिया संस्थानों तक सीमित रहने वाली पत्रकारिता आज आम नागरिक के हाथों में पहुंच गई है। स्मार्टफोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने हर जागरूक व्यक्ति को अपनी बात रखने का मंच दिया है। यही […] Read more » citizen journalism The True Voice of Ground Reality is citizen journalism