सिनेमा ‘इसी लाइफ में’ मौज-मस्ती January 5, 2011 / December 18, 2011 by डॉ. मनोज चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मनोज चतुर्वेदी कॉलेज लाइफ पर बनने वाली फिल्मों में ‘स्टाइल’, ‘मुहब्बतें’, ‘हासिल’, ‘इश्क-विश्क’ और ‘थ्री इडियट्स’ जिसमें किस प्रकार युवा पीढ़ी सामंती मूल्यों से ग्रसित होकर छात्र राजनीति करती हैं तथा सहशिक्षा का किस प्रकार युवकों-युवतियाें पर प्रभाव पड़ता है। युवक-युवतियां कॅरियर को छोड़कर सेक्स, शराब, मस्ती तथा राजनीति (हुड़दंगी) करने लगते हैं। ऐसी […] Read more » Mauj masti इसी लाइफ में
सिनेमा ‘बॉम्बे टू इंडिया’ में क्षेत्रीयता की बू January 5, 2011 / December 18, 2011 by डॉ. मनोज चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मनोज चतुर्वेदी क्षेत्रीयता, जातिवाद, भाषावाद और संकिर्ण राष्ट्रीयता एक ऐसे विषय हैं जो मानवता को कलंकित करते हैं। यह इसलिए संभव हो सका है कि समाजद्रोहियों को समाज ही सिर पर चढ़ा लेता है और वे समाज के नेता/मार्ग दर्शक बन जाते हैं। देश के भिन्न-भिन्न भागों में प्रांतवाद की जो लौ समय-समय पर […] Read more » Bombay to India बॉम्बे टू इंडिया
सिनेमा फिल्म ‘गुजारिश’ की पृष्ठभूमि गोवा से December 2, 2010 / December 19, 2011 by डॉ. मनोज चतुर्वेदी | Leave a Comment – डॉ. मनोज चतुर्वेदी साहित्य से स्त्री, शृंगार तथा प्रकृति एवं फिल्मों से रोमांस, भव्य सेट व ढिशुम-ढिशुम को निकालने पर कुछ बचता नहीं। भारतीय सिनेमा जगत को फिल्म ‘देवदास’, ‘हम दिल दे चुके सनम’ तथा ‘सांवरिया’ देने के बाद ‘गुजारिश’ को लेकर आए संजय लीला भंसाली एक ऐसे निर्माता/निर्देशक है जिनका फिल्मी कहर दर्शकों […] Read more » Guzarish गुजारिश
राजनीति सिनेमा माओवादियों की ओवर ग्राउंड आर्मी व ओडिया फिल्म अभिनेता सिद्धांत महापात्र August 4, 2010 / December 22, 2011 by समन्वय नंद | 9 Comments on माओवादियों की ओवर ग्राउंड आर्मी व ओडिया फिल्म अभिनेता सिद्धांत महापात्र -समन्वय नंद ओडिया फिल्म के सुपर स्टार तथा बीजू जनता दल से लोकसभा सांसद सिद्धांत महापात्र इन दिनों विवादों में फंसे हैं। ओडिया सिनेमा में एक हाई बजट के फिल्म का निर्माण किया जा रहा है जिसमें माओवादियों का महिमामंडम किया गया है। इस फिल्म में सांसद सिद्धांत ने नक्सलियों के एरिया कमांडर की भूमिका […] Read more » Maoist नक्सलवाद माओवाद
सिनेमा ‘मिसेज सिंह और मिस्टर मेहता’ में सेक्स का तड़का July 29, 2010 / December 23, 2011 by डॉ. मनोज चतुर्वेदी | 3 Comments on ‘मिसेज सिंह और मिस्टर मेहता’ में सेक्स का तड़का – डॉ. मनोज चतुर्वेदी ‘मिसेज सिंह और मिस्टर मेहता’ में सेक्स दृश्यों को देखकर ऐसा लगता है कि विवाहेत्तर यौन संबंधों पर केंद्रित फिल्मों के प्रदर्शन में निर्देशक प्रवेश भारद्वाज को महारत हासिल है। मसाला फिल्मों का एकमात्र लक्ष्य युवा पीढ़ी में यौन उत्कंठा को जागृत करके फिल्म का व्यावसायिक इस्तेमाल करना होता है क्योंकि […] Read more » Sex सेक्स
सिनेमा मुंबई फिल्म उद्योग में ‘हिटलर’ पर बनने वाली फिल्म पर हंगामा June 21, 2010 / December 23, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment -जगदीश्वर चतुर्वेदी मुंबई में इन दिनों हिटलर पर बबाल मचा हुआ है। मुंबई में रहने वाले यहूदियों ने हिटलर बनायी जा रही फिल्म पर जबर्दस्त प्रतिवाद किया है। इस प्रतिवाद के कारण हिटलर पर बनने वाली फिल्म से बड़े कलाकारों ने अपना नाम वापस लेना आरंभ कर दिया है। यह फिल्म हिटलर के आखिरी दिनों […] Read more » Hitler हिटलर
सिनेमा फ़िल्में नहीं हैं मुंबई की बपौती…अमर है सिनेमा! April 26, 2010 / December 24, 2011 by चंडीदत्त शुक्ल | Leave a Comment जयपुर में अजय ब्रह्मात्मज के साथ ‘समय, समाज और सिनेमा’ संवाद अजय ब्रह्मात्मज कौन हैं? जाने-माने फ़िल्म पत्रकार, `ऐसे बनी लगान’, `समकालीन सिनेमा’ और `सिनेमा की सोच’ जैसी कई चर्चित किताबों के लेखक, महेश भट्ट की `जागी रातों के किस्से-हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री पर अंतरंग टिप्पणी’ सरीखी मशहूर किताब के संपादक या `चवन्नीचैप’ सरीखे महत्वपूर्ण ब्लॉग […] Read more » Mumbai मुंबई
सिनेमा फिल्म समीक्षा : अतिथि, तुम कब जाओगे – डॉ. मनोज चतुर्वेदी March 29, 2010 / December 24, 2011 by डॉ. मनोज चतुर्वेदी | Leave a Comment आज जहाँ फिल्मों में मारधाड़, अश्लीलता तथा गानों की भरमार है वहीं, ‘अतिथि, तुम कब जाओगे’ इस बात पर विचार करने के लिए विवश करती है कि वो अतिथि कैसा है? जिसके बारे में नायक-नायिका उत्सुक तथा जिज्ञासु हैं। सिनेमा हॉल में जानेवाला दर्शक प्रवचन तथा भाषण सुनने के लिए नहीं जाता है। वो दिनभर […] Read more » film review अतिथि तुम कब जाओगे फिल्म समीक्षा
सिनेमा शाहरूख को सलाम, शिवसेना को सलाह February 13, 2010 / December 25, 2011 by संजय द्विवेदी | 8 Comments on शाहरूख को सलाम, शिवसेना को सलाह एक अकेला आदमी अगर तय कर ले तो बहुत कुछ बदल सकता है। शाहरूख खान ने तो हमें यही सिखाया है। अब सीखने की बारी शिवसेना की भी है, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की भी और उन राजनेताओं की भी जो भारतीय जनता को फुटबाल बनाकर अपनी रोटियां सेंकते रहते हैं। शाहरूख खान न राजनेता हैं, […] Read more » Shivsena शाहरूख खान शिवसेना
सिनेमा “बाल ठाकरे के वर्चस्व की विदाई का शोकगीतः माई नेम इज़ खान” February 13, 2010 / December 25, 2011 by सुधा सिंह | 14 Comments on “बाल ठाकरे के वर्चस्व की विदाई का शोकगीतः माई नेम इज़ खान” आखिरकार शाहरूख की फिल्म ‘माई नेम इज़ खान’ रिलीज हो ही गई। देश के अन्य हिस्सों की तरह मुंबई में भी यह हाउसफुल गई। हर तरफ फिल्म का स्वागत किया गया। बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में भी यह फिल्म क़ामयाब रही। अमेरिका, पाकिस्तान और अन्य देशों में भी यह स्थिति है। लेकिन इस फिल्म के रिलीज […] Read more » Shahrukh Khan बाल ठाकरे माइ नेम इज खान शाहरूख खान
सिनेमा शाहरुख खान एक्टविस्ट नहीं है राजदीप सरदेसाई February 12, 2010 / December 25, 2011 by सुधा सिंह | 11 Comments on शाहरुख खान एक्टविस्ट नहीं है राजदीप सरदेसाई हिन्दी फिल्मों के बादशाह शाहरूख खान की नई फिल्म ‘माई नेम इज़ खान’ आज सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो गई। शाहरूख का कसूर है कि उन्होंने अपने पड़ोसी देश के साथ सौहार्द्रपूर्ण संबंध की बात कही है। उन पर आरोप है कि वे पाकिस्तान समर्थक हैं। देशद्रोही हैं। तथाकथित राष्ट्रवादी और अन्य हिन्दुत्ववादी संगठन उन से […] Read more » Shahrukh Khan शाहरुख खान
सिनेमा “इश्किया” का गीत किसका गुलजार या सर्वेश्वर का February 3, 2010 / December 25, 2011 by संजय द्विवेदी | 8 Comments on “इश्किया” का गीत किसका गुलजार या सर्वेश्वर का भाव और शब्द अपहरण तो क्षम्य है किंतु पूरी पंक्ति कैसे निगल सकते हैं इश्किया फिल्म में गुलजार के लिखे ‘इब्नबतूता’ गीत को लेकर छिड़ा विवाद दुखी करता है। कहा जा रहा है कि इसे मूलतः हिंदी के यशस्वी कवि एवं पत्रकार स्व. सर्वेश्वरदयाल सक्सेना ने लिखा है। ऐसे मामलों में नाम जब गुलजार जैसे […] Read more » Iskiya इश्किया गुलजार सर्वेश्वर