खेल जगत भारत कब बनेगा विश्व की खेल शक्ति? August 28, 2025 / August 28, 2025 by डॉ घनश्याम बादल | Leave a Comment डॉ० घनश्याम बादल आज हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती को देश खेल दिवस के रूप में मना रहा है तो मौका है कि हम खेलों के हालात पर आत्म मंथन करें । यदि पिछले एक वर्ष में खेलों में भारत की उपलब्धियों पर एक नजर डाली जाए तो यें काफी संतोषजनक लगती हैं । वैसे यह बात भी सही है कि भी अभी आसमान छूना बहुत दूर है। पैरालंपिक्स 2024 में भारतीय खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया और अभूतपूर्व सफलता हासिल की उन्होंने कुल 29 पदक: 7 स्वर्ण, 9 रजत और 13 कांस्य, जीते जो भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इन खेलों में प्रमुख पदक विजेता थे: अवनी लेखारा, नीतेश कुमार, सुमित अंतिल, धरमबीर, हरविंदर सिंह और नवदीप सिंह। पैरिस ओलंपिक 2024 में भी धमाकेदार प्रदर्शन जारी रहा वहां हमने कुल 6 पदक — 1 रजत (नीरज चोपड़ा, जेवलिन थ्रो) और 5 कांस्य जीते। शूटर मणि भाकर: 10 मीटर एयर पिस्टल में दो कांस्य पदक, एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी तो स्वप्निल कुशाल भी पीछे नहीं रही और उन्होंने 50 मीटर राइफल थ्री–पोजीशन में कांस्य जीता। अमन सेहरावत पुरुषों की फ्रीस्टाइल (57 किलो) में कांस्य लेकर भारत के सबसे युवा ओलंपिक पदक विजेता होने का श्रेय पाया। पुरुष हॉकी टीम ने स्पेन को हराकर लगातार दूसरा ओलंपिक पदक जीता यह सफलता 1972 के बाद हुई पहली बार मिली है । कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने सर्वाधिक गोल किए (10) किए और टॉप स्कोरर रहे। क्रिकेट में भी Iआई सी सी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीता, फाइनल में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया। टीम ने बिना कोई मैच हारें ट्रॉफी जीती। यह पहली बार हुआ कि कोई टीम बिना हार के इस ट्रॉफी को जीती है। बाद में संन्यास ले लेने वाले हिटमैन रोहित शर्मा को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। शतरंज में व डी गुकेश ने 18 वर्ष की उम्र में सबसे कम उम्र में वर्ल्ड चेस चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। भारतीय पुरुष और महिला शतरंज टीमों ने 45वीं फीडे चेस ओलंपियाड, बुडापेस्ट में स्वर्ण पदक जीते तो एथलेटिक्स में नीरज चोपड़ा का ने मई 2025 में दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर की थ्रो दर्ज कर 90 मीटर क्लब में शामिल होते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। पर लाख टके का सवाल यह है कि140 करोड़ लोगों के दुनिया के सबसे बड़े देश के लिए क्या इतनी सीमित सफलता से संतुष्ट हुआ जा सकता है? आज हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बन गए हैं और हमारा लक्ष्य 2047 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने का है परन्तु खेलों में हमारी स्थिति बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती । एक तरफ दुनिया में क्यूबा , कोरिया, जापान , बुल्गारिया, रोमानिया, इटली ही नहीं वरन् कई छोटे – छोटे व गरीब देश हैं जो भारत से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं । वहीं ओलंपिक व विश्व खेलों में अमेरिका, चीन, रूस व ब्राजील जैसे देश खेल जगत की विश्वशक्ति बने हुए हैं पर हम कहां हैं ? हम पिछले तीन ओलंपिक व शुरु के कुछ ओलंपिक खेलों में ज़रुर गिनती के पदक जीत सके हैं अन्यथा तो हम खेलों में हम फिसड्डी देश के रूप ही जाने जाते हैं । पर ,एक मज़ेदार बात यह भी है कि हम भले ही फिसड्डी रहे हों पर हमारे पास हॉकी के जादूगर , क्रिकेट के भगवान , बैडमिंटन के विश्व चैंपियन , युगल टेनिस के विंबलडन विजेता, स्नूकर व बिलियर्ड के वर्ल्ड चैंपियन भी रहे हैं यानि व्यक्तिगत स्तर पर हमने काफी उपलब्धियां पाई भी हैं पर, एक देश के रूप में खेलों में हम बेहद पीछे खड़े दिखते हैं । खेलों के प्रति हमारा नज़रिया ही इस क्षेत्र में दुर्दशा का सबसे बड़ा कारण रहा है । हमारे यहां तो ‘पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब ,खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब’ की कहावत रही है , रोजी रोटी कमाने में खेल यहां यूजलेस माने जाते रहे हैं , जिसके चलते खिलाड़ी होने का मतलब नालायक होना बन गया , ऊपर से खर्चे की मार ने खेलों कों उपेक्षित कर दिया । पर, अब ऐसा नहीं है । पढ़-लिखकर भले ही नवाब न बन पाएं पर अगर आप खेलों में चमक गए तो फिर तो आपकी बल्ले बल्ले है। आज खेलों में शौहरत पैसा, इज्जत तो हैं ही एक सोशल स्टेटस तथा सेलिब्रेटी का रुतबा भी है । अभी कुछ दशकों पहले तक कोई सोच भी नहीं सकता था कि कोई खिलाड़ी करोड़ों या अरबों का मालिक हो सकता है मगर आज देश के एक नहीं कई खिलाड़ी इस हैसियत को रखते हैं। अब मां बाप की सोच में भी परिवर्तन आ रहा है वें भी बच्चों के अब केवल पढ़ाई के पीछे भागने पर जोर नहीं देते बल्कि अपने होनहार बच्चे में नीरज चोपड़ा, डी गुकेश, शुभ्मन गिल, विराट, वाइचुंग भुटिया, मैरीकोम, मिताली या जसपाल अथवा अभिनव बिंद्रा, सायना,, राजवर्धन सिंह राठौर विनेश फोगाट नीरज चोपड़ा और सानिया जैसा भविष्य देख रहे हैैं । यकीनन इससे खेलों की दुनिया का स्कोप बढ़ा है । पर , अब भी हमें खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए बहुत कुछ करना होगा । क्रिकेट में भारतीय खिलाड़ी आज सुपर स्टार हैं, एक समय राष्ट्रीय खेल होने के बावजूद बर्बाद हो चुकी हॉकी भी पिछले दो ओलंपिक खेलों में पदक जीत कर आस जगा रही है । लेकिन जिस तरह से हमारे परंपरागत खेल यूरोपीय देशों की कूटनीति के शिकार हो कर अंतर्राष्ट्रीय , ओलंपिक या राष्ट्रमंडल खेलो सें से गायब हो रहे हैं उससे जूझने के लिए हमें जागना और अड़ना लड़ना होगा । स्कूल बनें खेल हब: अभी भी स्कूल स्तर पर हमें अच्छे खिलाड़ी तराशने का लक्ष्य हासिल करना बाकी है । आज भी अधिकांश स्कूलों का लक्ष्य अच्छी किताबी शिक्षा देना ही है जिसका मतलब छात्रों के लिए केवल अच्छे अंक, प्रतिशत या ग्रेड़ तक सीमित है वें उसी में अपना भविष्य तलाशते हैं, यहां योग्यता का अर्थ केवल एकेडेमिक एक्सीलेंस बन गया है क्योंकि उसी से कैरियर बनता या बिगड़ता है । उच्च पदों से पैसा कमाने का सीधा संबंध है । जबकि खेल केवल मनांरजन के सबब समझे जाते हैं। खेलों के बल पर रोजगार पाने वाले बिरले ही भाग्यशाली निकलते हैं अन्यथा आज भीे खेलों में खिलाड़ी युवावस्था गुजरते ही गरीबी , बेरोजगारी , अभावों के अंधेरे में खोने को विवश हैं । उस सोच व हालातों का बदलना होगा अगर खेल में भारत को महाशक्ति बनना है तो । डॉ घनश्याम बादल Read more » मेजर ध्यानचंद जयंती
खेल जगत एशिया कप : भारत-पाक के बीच “बैट” और “बुलेट” साथ नहीं July 31, 2025 / July 31, 2025 by प्रदीप कुमार वर्मा | Leave a Comment प्रदीप कुमार वर्मा यह सही है कि क्रिकेट भगवान नहीं है लेकिन यह भी सही है कि क्रिकेट खेलप्रेमियों के लिए भगवान से कम भी नहीं है। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट को लेकर दीवानगी और जीने मरने की कसम किसी से छुपी नहीं है लेकिन इस बार क्रिकेट को लेकर भारत में दीवानगी की वजाय “रोष” अधिक है। वजह है जम्मू-कश्मीर की बैसारन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद पाक के विरुद्ध भारत की सभी मोर्चों पर निर्णायक करवाई और यही वजह है कि एशिया कप क्रिकेट में एक बार फिर से भारत- पाक के मैच के शेड्यूल को लेकर अब विरोध के स्वर उभर रहे हैं। इन स्वरों में देश के क्रिकेट प्रेमियों से लेकर नेता, अभिनेता तथा आम नागरिक तक शामिल है। कुल मिलाकर देश की सरकार और बीसीसीआई से मांग इस बात की है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद जब पाकिस्तान के साथ सभी तरह के संबंध खत्म है तो फिर क्रिकेट का संबंध क्यों जारी रहे? पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने को लेकर हालिया विवाद सितंबर महीने में होने वाले एशिया क्रिकेट कप को लेकर है। एशियन क्रिकेट काउंसिल ने शनिवार को ढाका में हुई बैठक के बाद एशिया कप 2025 की तारीखों का ऐलान किया है। शेड्यूल के अनुसार भारत-पाकिस्तान मुकाबला 14 सितंबर को संयुक्त अरब अमीरात में होने वाला है। संभावना इस बात की अधिक है कि दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमें टूर्नामेंट में फाइनल तक तीन बार एक-दूसरे से भिड़ सकती हैं। एशिया क्रिकेट कप में कुल मिलाकर एशिया की नौ देशों की टीम में भाग ले रही है। एशिया क्रिकेट कप के ग्रुप में ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, यूएई और ओमान तथा ग्रुप-बी में श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, हॉन्गकॉन्ग एवं चीन शामिल हैं।उधर,गली मोहल्ला से लेकर संसद तक एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला दो महीने पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच को लेकर विरोध का आलम यह है कि संसद तक में यह मुद्दा गूंजा और अधिकांश विपक्षी नेताओं ने भी पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच को लेकर सवाल खड़े किए हैं। संसद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कड़े शब्दों में विरोध जताया है और उन्होंने कहा कि जिसकी अंतरात्मा जिंदा है, वह पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच नहीं देख सकते। विपक्ष के कई अन्य सांसदों ने भी भारत- पाक के बीच क्रिकेट मैच पर सवाल उठाए हैं। एशिया कप में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच को लेकर उठे विरोध तथा बवाल को पहलगाम आतंकी हमले के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। जम्मू- कश्मीर की वैसारन घाटी में इसी साल 22 अप्रैल को पाकिस्तान के तीन आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी। इस आतंकी कार्रवाई में आतंकवादियों ने गोली मारने से पहले पर्यटकों का न केवल धर्म पूछा बल्कि उनकी हिन्दू के रूप में पहचान सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कलमा पढ़ने को भी कहा। पाकिस्तान द्वारा प्रेषित और पोषित आतंकियों की इस कायराना हरकत के बाद भारत में पाकिस्तान के विरुद्ध कई निर्णायक कार्रवाई की। पहलगाम के आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत में शुरुआत सिंधु जल समझौते के निरस्त करने से की। इसके बाद भारत ने चिनाब का पानी भी रोक दिया। यही नहीं, भारत ने अटारी बॉर्डर को बंद करके पाकिस्तान के साथ सभी प्रकार के आयात और निर्यात पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी है। भारत ने एक कूटनीतिक कदम उठाते हुए पाकिस्तान के दूतावास में अधिकारियों की संख्या में कटौती कर दी। इसके साथ ही भारत में पाकिस्तान के जहाजों की आवाजाही पर पूर्ण पाबंदी के साथ-साथ पाकिस्तान के पोतों के लिए भारत के बंदरगाहों को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इस आर्थिक मोर्चाबंदी के बाद पहले से ही गरीबों की मार झेल रहे पाकिस्तान में अब कंगाली के हालात है तथा पाकिस्तान के लोग वहां की सेवा और सरकार को कोस रहे हैं। पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारत में पाकिस्तान के फिल्मी कलाकारों की एंट्री भारत में बैन करने के साथ ही पाकिस्तान के कई चैनलों और यूटयुबरों को भी भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है। पाकिस्तान के जहाज के लिए भारत ने अपना और स्पेस बंद कर रखा है। हालात ऐसे हैं कि भारत में पाकिस्तान के आतंकवाद परस्त रवैया की जानकारी देने के लिए अपने सांसदों को विभिन्न देशों में भेजा और पहलगाम आतंकी हमले की सच्चाई उन देशों की सरकारों के सामने बयां की। इन सब उपाय के अमलीजामा पहनाने के बाद अब इस बात को लेकर चर्चा जोरों पर है कि जब भारत ने पाकिस्तान के साथ अपने सभी प्रकार के संबंध खत्म कर लिए हैं तो फिर पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच क्यों? देश के हर आम और खास नागरिक के जुबान पर अब एक ही बात है कि जब आतंकवाद और बातचीत, आतंकवाद और व्यापार, आतंकवाद और सिंधु जल तथा आतंकवाद और मनोरंजन साथ नहीं चल सकते तो फिर बैट और बुलेट एक साथ क्यों चलें? पहलगाम में आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने सधी हुई रणनीति अपनाते हुए “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया। इस विशेष ऑपरेशन में भारत की सेना ने पीओके तथा पाकिस्तान के अन्य इलाकों में आतंकवादियों के नों ठिकानों तथा पाकिस्तान सेना के 11 ठिकानों तथा एयरबेस को मिसाइल और ड्रोन हमले में तबाह कर दिया। यही नहीं, भारत की ओर से यह भी ऐलान किया गया है कि “ऑपरेशन सिंदूर” अभी बंद नहीं हुआ है, केवल रोका गया है। भविष्य में भारत के विरुद्ध कोई भी आतंकी कार्रवाई को अब “एक्ट आफ वार” माना जाएगा तथा भारत अपने हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र होगा। फिलहाल देश के आम नागरिक से लेकर पहलगाम आतंकी हमले में पीड़ित परिवार भी सरकार से यही सवाल पूछ रहे हैं कि क्या उनके परिजनों की “शहादत” की कीमत पर भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप में क्रिकेट मैच “जरूरी” है? प्रदीप कुमार वर्मा Read more »
खेल जगत मनोरंजन एक युग का अंत: क्रिकेट के महानायकों को सलाम May 13, 2025 / May 13, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment विराट कोहली और रोहित शर्मा न केवल महान बल्लेबाज़ हैं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के दिल और धड़कन भी हैं। विराट की आक्रामकता और रोहित की क्लासिक बल्लेबाज़ी ने हमें अनगिनत यादें दी हैं। एक युग का अंत, लेकिन उनकी विरासत हमेशा दिलों में जिंदा रहेगी। सलाम चैंपियंस! विराट कोहली और रोहित शर्मा का भारतीय क्रिकेट […] Read more » विराट कोहली और रोहित शर्मा
खेल जगत मनोरंजन भारतीय टीम का शानदार और जानदार प्रदर्शन March 5, 2025 / March 5, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारत ने फाइनल में जगह बना ली है, यह बहुत ही काबिले-तारीफ है।भारत की इस शानदार जीत पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य नेताओं ने बधाई दी है। गौरतलब है कि श्री शाह ने टीम के कौशल और दृढ़ संकल्प की […] Read more » Excellent and lively performance by the Indian team. भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन
खेल जगत लेख भारत-बांग्लादेश क्रिकेट मैचका विरोध क्यों ? September 25, 2024 / September 25, 2024 by डॉ.रामकिशोर उपाध्याय | Leave a Comment बांग्लादेश इस समय गैर मुस्लिम समुदायों अर्थात अल्पसंख्यकों के लिए जहन्नुम बन गया है | चूँकि वहां अल्पसंख्यकों में हिन्दुओं की संख्या अधिक है इसलिए हिंसा और दंगों का असर हिन्दुओं पर ही सर्वाधिक पड़ता है | एक समय था जब बांग्लादेश में हिंदुओं की संख्या लगभग बाईस प्रतिशत हुआ करती थी | किन्तु आज […] Read more » भारत-बांग्लादेश क्रिकेट मैच
खेल जगत लेख मनु ने लौटाया शूटिंग का स्वर्णिम दौर August 6, 2024 / August 6, 2024 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment – योगेश कुमार गोयलपेरिस ओलंपिक के आठवें दिन भारत का प्रत्येक व्यक्ति ओलंपिक में पहला स्वर्ण पदक जीतने की पक्की उम्मीदें लगाए बैठा था और ये उम्मीदें टिकी थी भारत की ‘मिरेकल गर्ल’ मनु भाकर पर। पूरी उम्मीद थी कि ‘मिरेकल गर्ल’ मनु भाकर ओलंपिक में अपनी ऐतिहासिक हैट्रिक पूरी करते हुए इस स्पर्धा में […] Read more » Manu returned the golden era of shooting
खेल जगत मनोरंजन राजनीति ओलम्पिक 2024 में भारत के ऐतिहासिक धमाल की उम्मीदें July 31, 2024 / July 31, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग- एक सौ चालीस करोड़ भारतीयों की तब मिट्ठियां तन गयी, यकीनन ये गर्व के क्षण हैं, जब मनु भाकर और सरबजोत सिंह की जोड़ी ने ओलम्पिक में पदक दिलाये। 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित स्पर्द्धा का कांस्य पदक कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड को समेटे हुए है। 28 जुलाई को 10 मीटर एयर पिस्टल […] Read more » ओलम्पिक 2024
खेल जगत मनोरंजन बिहार : गांव की लड़कियों ने रग्बी फुटबॉल में बनाई पहचान February 5, 2024 / February 5, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment डॉ. संतोष सारंगमुजफ्फरपुर, बिहार “सयानी लड़की होकर लड़कों के साथ हाफ पैंट पहनकर ग्राउंड में खेलती है, न इसको शर्म आती है और न इसके मां-बाप को!” इस तरह की न जाने कितनी फब्तियां और अनर्गल बातों के व्यंग्य बाण झेलने पड़े हैं 19 साल की सपना को. बिहार के मुजफ्फरपुर जिला स्थित तुर्की ब्लॉक […] Read more »
खेल जगत लेख शानदार रहा भारत का विश्व कप का सफर November 24, 2023 / November 24, 2023 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment – योगेश कुमार गोयल19 नवम्बर को अहमदाबाद में खेले गए विश्व कप 2023 के फाइनल में आस्ट्रेलिया ने भले ही भारत पर 6 विकेटों से आसान जीत हासिल करते हुए विश्व कप जीत लिया लेकिन पूरे विश्व कप मुकाबले में इस बार भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। पहले ही […] Read more »
खेल जगत खेल में सिर्फ़ जीत ही नहीं होती November 22, 2023 / November 22, 2023 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी विश्व कप क्रिकेट का फ़ाइनल मैच पिछले दिनों अहमदाबाद में भारत व ऑस्ट्रेलिया के मध्य खेला गया। इसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को […] Read more »
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खेल जगत मनोरंजन आज दिल जीते हैं, कल फिर कप जीतेंगे। November 20, 2023 / November 20, 2023 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment जन्म मरण के चक्र-सी है, हार जीत लग रही। लड़े-भिड़े शौर्य से, आज नही तो कल सही।। कप जितने से बड़ी बात दिल जीतना होता है। क्रिकेट खत्म नही हो गया। 46 दिन में 45 दिन आप जीते हो। हमारी भारतीय टीम ने 2023 वर्ल्ड कप के अंदर 10 मैच जीते और आज फाइनल हारने पर 140 करोड़ हिंदुस्तानियों का दिल टूटा है। ऐसे हम दो […] Read more » Today we win hearts tomorrow we will win the cup again.