पर्यावरण लेख भारत का नेट ज़ीरो होना रोज़गार सृजन के साथ देगा अर्थव्यवस्था को मज़बूती August 26, 2022 / August 26, 2022 by निशान्त | Leave a Comment गेटिंग एशिया टू नेट जीरो से संबंधित हाई लेवल पॉलिसी कमिशन का कहना है कि भारत जलवायु से संबंधित अपनी संकल्पबद्धताओं को पूरा करके और उन्हें बढ़ाकर वित्त संबंधी जोखिमों को खत्म कर सकता है और स्वच्छ ऊर्जा में रूपांतरण को बहुत बेहतर बना सकता है। एक ताजा अध्ययन के मुताबिक प्रदूषणकारी तत्वों के उत्सर्जन को शून्य करने से भारत की अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिल […] Read more »
पर्यावरण लेख अधिकांश दुनिया ले रही ज़हरीली हवाओं में सांस August 17, 2022 / August 17, 2022 by निशान्त | Leave a Comment धरती के 7,000 से अधिक शहरों में हुए वायु गुणवत्ता विश्लेषण ने पेश की परेशान करने वाली तस्वीरदुनिया भर में विकास का पहिया कुछ इस रफ्तार से घूमता हुआ आगे बढ़ रहा है कि तमाम कोशिशों के बावजूद, पीछे जानलेवा हवाओं का गुबार छोड़ रहा है।जी हाँ, फिलहाल दुनिया के तमाम बड़े शहर में रहने […] Read more » Breathing in the poisonous air that is taking most of the world
पर्यावरण लेख भारत अब अपने सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता को 2030 तक 45 प्रतिशत तक कम करने के लिए प्रतिबद्ध August 4, 2022 / August 4, 2022 by निशान्त | Leave a Comment प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मलेन (यूएनएफसीसीसी) को सूचना दिए जाने के लिए भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान या अपडेटेड नैशनली डिटर्मिण्ड कोंट्रीब्यूशन्स (एनडीसी) को मंजूरी दे दी है। अपडेटेड एनडीसी, पेरिस समझौते के तहत आपसी सहमति के अनुरूप जलवायु परिवर्तन के खतरे का […] Read more » India is now committed to reducing the emission intensity of its GDP by 45 percent by 2030
पर्यावरण नीतिगत प्रयासों में तेज़ी 2030 के ई-मोबिलिटी लक्ष्य के लिए ज़रूरी July 28, 2022 / July 28, 2022 by निशान्त | Leave a Comment चार्जिंग ढांचे को तेजी से विस्तार देना, वित्तीय समाधान पेश करना, अधिदेश (मैन्डेट) पेश करना और सम्बन्धित राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा के अनुरूप सरकारी नीतियां बनाना ई-मोबिलिटी में तेजी लाने के लिये बेहद महत्वपूर्ण भारत में वर्ष 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत तय अवधि तक बेचे जाने वाले […] Read more » 2030 के ई-मोबिलिटी लक्ष्य Acceleration of policy efforts essential for 2030 e-mobility goal
पर्यावरण पर्यावरण को बचाने की दिशा में वन विभाग क्यों हैं उदासीन! July 27, 2022 by लिमटी खरे | Leave a Comment (लिमटी खरे)देश में संरक्षित वन, राष्ट्रीय बाघ अभ्यरण, राष्ट्रीय वन्यजीव अभ्यरण, राष्ट्रीय उद्यानों की कमी नहीं है। इसके बाद भी इन जगहों में पर्यावरण बचाने और मानवीय गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय एवं राज्यों के वन विभागों की कथित उदासीनता ही कहा जाएगा कि इस मामले में देश की […] Read more » forest conservation law Why is the forest department indifferent towards saving the environment वन संरक्षण कानून
पर्यावरण लेख क्या हो चुकी है ‘ताप युग‘ की शुरूआत! July 25, 2022 / July 25, 2022 by लिमटी खरे | Leave a Comment सूर्य से निकलने वाले खतरनाक विकिरण को रोकने स्पेस बबल ही एकमात्र सहारा! (लिमटी खरे) धरती पर तापमान लगातार ही बढ़ता जा रहा है। 2022 में भारत में पड़ी गर्मी को असहनीय माना जा सकता है। दिन में तो गर्मी अधिक महसूस हुई साथ ही रात में भी गर्मी ने लोगों को हलाकान कर रखा […] Read more » The space bubble The space bubble is the only way to stop the dangerous radiation emanating from the sun! ताप युग की शुरूआत स्पेस बबल
पर्यावरण लेख क्या संभव है सरकारी आदेश के बाद पालीथिन पर प्रतिबंध! July 25, 2022 / July 25, 2022 by लिमटी खरे | Leave a Comment जिलों में रस्म अदायगी के लिए होती है प्रतिबंधित पालीथिन पर कार्यवाही!लिमटी खरेविकास का पहिया लगातार ही घूम रहा है। विकास के साथ ही साथ परिवर्तन भी लोगों ने देखा है। वर्तमान प्रौढ़ हो रही पीढ़ी तो बहुत तेज गति से हुए परिवर्तन की साक्षात गवाह है। वैज्ञानिकों ने मृत्यु के रहस्य पर से पर्दा […] Read more » ban on polythene Need to ban single use plastic in India. single use plastic single use plastic ban
पर्यावरण लेख चिंता का सबब बनता वर्षा पैटर्न में आता बदलाव July 17, 2022 / July 17, 2022 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment – योगेश कुमार गोयलमानसून की शुरूआत से ही इस साल देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश, बाढ़, बादल फटने, बिजली गिरने और भू-स्खलन से तबाही का सिलसिला अनवरत जारी है। पहाड़ों पर आसमानी आफत टूट रही है तो देश के कई इलाके बाढ़ के कहर से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। असम के बाद गुजरात […] Read more » ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग rain water harvesting चिंता का सबब बनता वर्षा पैटर्न में आता बदलाव
पर्यावरण समाज 50 हजार वन्यजीव प्रजातियाँ कर रहीं सेवा, अरबों लोग खा रहे मेवा July 11, 2022 / July 11, 2022 by निशान्त | Leave a Comment हर पांच में से एक व्यक्ति अपनी आमदनी और भोजन के लिये वन्यजीव प्रजातियों पर है निर्भर। इंसान के भोजन के लिये 10 हजार वन्यजीव प्रजातियों का होता है दोहनअक्सर ‘जैव-विविधता के लिये आईपीसीसी’ के तौर पर वर्णित की जाने वाली अंतर्राष्ट्रीय शोध एवं नीति इकाई आईपीबीईएस ने एक नयी रिपोर्ट जारी की है, जो कहती है- विकसित और विकासशील […] Read more » 50 हजार वन्यजीव प्रजातियाँ कर रहीं सेवा IPCC for Biodiversity
पर्यावरण लेख बड़ी चुनौती है नासूर बन चुके प्लास्टिक प्रयोग को नियंत्रित करना July 8, 2022 / July 8, 2022 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी पॉलीथिन और प्लास्टिक का दिनोंदिन बढ़ता जा रहा उपयोग इस समय पूरे देश और देशवासियों के लिये विकराल समस्या का रूप धारण कर चुका है। पहले भी इसे नियंत्रित करने के कई असफल प्रयास हो चुके हैं परन्तु इसका उपयोग कम होना तो दूर और भी बढ़ता ही जा रहा है। तेज़ रफ़्तार […] Read more » The big challenge is to control the use of plastic which has become a canker. चुनौती है नासूर बन चुके प्लास्टिक प्रयोग को नियंत्रित करना
पर्यावरण लेख एनसीईआरटी द्वारा पर्यावरण पाठ्यक्रम में बदलाव कितना सही? July 7, 2022 / July 7, 2022 by निशान्त | Leave a Comment संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों पर नज़र डालें पता चलता है कि दुनिया भर में करीब 100 करोड़ बच्चों पर जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण के बढ़ते प्रभावों का खतरा है। इस आंकड़ें में भारत की भी योगदान है और भारत समेत 33 देशों के बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा पर यह जलवायु संकट मंडरा रहा है। […] Read more » Changes in Environment Curriculum by NCERT: How Right एनसीईआरटी द्वारा पर्यावरण पाठ्यक्रम में बदलाव
पर्यावरण लेख वन्य जीवों और पेड़ों के लिए अपनी जान पर खेलता बिश्नोई समाज June 29, 2022 / June 29, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment -सत्यवान ‘सौरभ’ बिश्नोई आंदोलन पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और हरित जीवन के पहले संगठित समर्थकों में से एक है। बिश्नोइयों को भारत का पहला पर्यावरणविद माना जाता है। ये जन्मजात प्रकृति प्रेमी होते हैं। पर्यावरण आंदोलनों के इतिहास में, यह वह आंदोलन था जिसने पहली बार पेड़ों को अपनी सुरक्षा के लिए गले लगाने और […] Read more »