पर्यावरण कार्बन-सघन वस्तुओं के आयात को दंडित करेगा यूरोपीय संघ, प्रस्तावित नियम को लेकर विशेषज्ञों में संशय April 15, 2021 / April 15, 2021 by निशान्त | Leave a Comment जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सबसे महत्वाकांक्षी सरकारी योजनाओं में से एक, यूरोपीय संघ की ग्रीन डील साल 2050 तक यूरोपीय देशों के इस समूह की अर्थव्यवस्था को नेट ज़ीरो उत्सर्जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से बनी नीतियों का एक सेट है। यह अपनी तरह की एक अनूठी और पहली पहल है। लेकिन किसी भी ऐसे […] Read more » कार्बन-सघन वस्तुओं के आयात को दंडित करेगा यूरोपीय संघ
पर्यावरण लेख कैच द रेन: वर्षा जल सहेजने के लिए संजीदगी जरूरी April 13, 2021 / April 13, 2021 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment राष्ट्रीय जल दिवस (14 अप्रैल) पर विशेष– योगेश कुमार गोयलप्रतिवर्ष भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती को ‘राष्ट्रीय जल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इसकी घोषणा तत्कालीन केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती द्वारा डा. अम्बेडकर की 61वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 6 दिसम्बर […] Read more » 22 मार्च विश्व जल दिवस Catch the Rain World Water Day 22 March राष्ट्रीय जल दिवस राष्ट्रीय जल दिवस 14 अप्रैल
पर्यावरण क्या उत्तराखंड की बढ़ती गर्मी बनी वहाँ जंगलों में लगी आग का सबब? April 7, 2021 / April 7, 2021 by निशान्त | Leave a Comment जंगलों में लगने वाली आग अब तक हमें अमेरिका और ब्राज़ील की याद दिलाती हैं। लेकिन अब, आग लगने की ख़बर हमारे अपने उत्तराखंड के जंगलों से फ़िलहाल आ रही है। अटपटा सिर्फ यही नहीं कि भारत के जंगलों में आग लगी है। जंगलों में आग लगना असामान्य नहीं है लेकिन हैरान करने वाली बात […] Read more » Did the rising heat of Uttarakhand cause the fire in the forests there? उत्तराखंड की जंगलों में लगने वाली आग
पर्यावरण बिजली की मांग और कोयला बिजली उत्पादन में भी पिछले साल चीन रहा नम्बर एक March 31, 2021 / March 31, 2021 by निशान्त | Leave a Comment जहाँ पूरी दुनिया में पिछले साल लगे लॉक डाउन और मंदी के चलते बिजली की मांग घट गयी थी, वहीँ चीन में न सिर्फ बिजली की मांग बढ़ी, बल्कि कोयले से बनी बिजली के उत्पादन में भी चीन में बढ़त दर्ज की गयी। और फ़िलहाल चीन अब दुनिया के कुल कोयला आधारित बिजली उत्पादन के […] Read more » China was number one in electricity demand and coal power generation. बिजली की मांग
पर्यावरण हम पेड़ों को काटते हैं, वे रोज लगाते हैं March 31, 2021 / March 31, 2021 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ला पर्यावरण और उसकी संरक्षा हमारे लिए बड़ी चुनौती है। पर्यावरण को लेकर पूरी दुनिया अति संवेदनशील है, लेकिन वास्तविक जीवन में उसका असर बेहद कम दिख रहा है। मानव प्रकृति से बिल्कुल दूर जाता दिख रहा है, जिसका नतीजा है कि हम प्रकृति की […] Read more » पर्यावरण संरक्षण
पर्यावरण दुनिया के आधे से ज़्यादा देश नेट ज़ीरो होने के लिए तैयार March 24, 2021 / March 24, 2021 by निशान्त | Leave a Comment दुनिया के 61 प्रतिशत देश, दुनिया के सबसे ज़्यादा प्रदूषण करने वाले देशों में 9 प्रतिशत राज्य और 50 लाख की आबादी से अधिक वाले 13 प्रतिशत शहर अब नेट जीरो कार्बन एमिशन के लिए प्रतिबद्ध हैं। यही नहीं, लगभग 14 ट्रिलियन डॉलर का कारोबार करने वाली दुनिया की 2,000 सबसे बड़ी सार्वजनिक कंपनियों में से हर पांचवी कम्पनी (21% कंपनियां) ने भी नेट ज़ीरो कार्बन एमिशन का लक्ष्य हासिल करने का इरादा कर लिया है। इन बातों का ख़ुलासा हुआ ऊर्जा और जलवायु इंटेलिजेंस यूनिट (ECIU) और ऑक्सफोर्ड नेट ज़ीरो की एक ताज़ा रिपोर्ट से। इतना ही नहीं, इनमें से ज़्यादातर कंपनियों के पास न सिर्फ़ एक अंतरिम लक्ष्य है बल्कि एक प्रकाशित योजना और एक रिपोर्टिंग तंत्र भी है। बड़ी जल्दी ही इन सबने एक ‘जबरदस्त मानदंड’ का पूरा सेट भी तैयार कर लिया है। लेकिन इस रिपोर्ट के लेखक ये चेतावनी भी देते है कि यदि एक अच्छी गवर्नेंस, पारदर्शिता और एक भरोसेमंद ऑफ़सेटिंग को प्राथमिकता […] Read more » नेट ज़ीरो
पर्यावरण कारोबार पर जलवायु परिवर्तन का असर साफ़ ज़ाहिर, डीकार्बोनाइज़ेशन के लिए समय मुफ़ीद March 20, 2021 / March 20, 2021 by निशान्त | Leave a Comment भारत का प्रवेश द्वार कहा जाने वाला राज्य महाराष्ट्र भारत के सबसे बड़े वाणिज्यिक और औद्योगिक केंद्रों में से एक है। इस राज्य ने देश के सामाजिक और राजनीतिक विकास और बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।फ़िलहाल ये राज्य कोविड से जूझता नज़र आ रहा है लेकिन इस बीच यहाँ से जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ […] Read more » डीकार्बोनाइज़ेशन के लिए समय मुफ़ीद
पर्यावरण कोयला खादानों का मीथेन एमिशन जलवायु के लिए बड़ा ख़तरा March 19, 2021 / March 19, 2021 by निशान्त | Leave a Comment क्या आपको पता है दुनिया भर में प्रस्तावित कोयले की खादानों से होने वाला मीथेन एमिशन अमेरिका के सभी कोयला बिजली घरों से होने वाले कार्बन डाईऑक्साइड एमिशन की बराबरी कर सकता है? स्थिति की गंभीरता इसी से लगाइए कि CO2 के बाद ग्लोबल वार्मिंग में मीथेन का ही सबसे बड़ा योगदान रहा है। मीथेन एक ग्रीन हाउस गैस है और इसके एमिशन्स और जलवायु पर इसका प्रभाव बढ़ती चिंता का विषय बन रहा है। हालांकि इस गैस का प्रभाव कम समय तक रहता है, लेकिन इसकी वजह से ग्लोबल वार्मिंग अधिक होती है। ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर की नई रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में प्रस्तावित कोयला खदानों से होने वाले मीथेन एमिशन्स की मात्रा, सभी अमेरिकी कोयला संयंत्रों से होने वाले CO2 उत्सर्जन के बराबर हो सकती है जिससे जलवायु प्रभावित होना तय है। यह अपनी तरह का पहला सर्वे है जिसमे दुनिया भर की 432 प्रस्तावित कोयला खानों का सर्वेक्षण और मॉडलिंग की गई है। मीथेन एमिशन्स की मात्रा हर खदान से होने वाले एमिशन्स के अनुसार है। यदि एमिशन्स की मात्रा को इन प्रस्तावित खानों से कम नहीं किया जाता तो आने वाले समय में मीथेन के एमिशन्स में 13.5 मिलियन टन (Mt) की वार्षिक बढ़ोतरी होगी, जो वृद्धि 30% तक की ओवरचार्ज मीथेन एम्मिशन होगा। CO2 के बाद ग्लोबल वार्मिंग करने में मीथेन गैस का सबसे बड़ा योगदान है, लेकिन वातावरण में इसका जीवनकाल कम रहता है अर्थार्त इस गैस का प्रभाव कम समय तक रहता है, लेकिन इस गैस से ग्लोबल वार्मिंग सबसे अधिक होती है। माइनिंग के दौरान कोयला सीम्स टूटने से और आसपास की परतों से मीथेन गैस का वातावरण में एम्मिशन होता है। […] Read more » Methane emission of coal mines Methane emission of coal mines pose major threat to climate कोयला खादानों का मीथेन एमिशन
पर्यावरण रिन्युब्ल एनेर्जी के बैटरी स्टोरेज को व्यावहारिक बनाने की स्पष्ट नीति जरूरी March 17, 2021 / March 17, 2021 by निशान्त | Leave a Comment परम्परागत कोयला बिजलीघरों के कारण बढ़ते प्रदूषण से उत्पन्न चिंताओं के बीच वैश्विक स्तर पर आशा की किरण के रूप में उभरी सौर और वायु ऊर्जा अपने साथ कुछ चुनौतियां भी लेकर आयी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की अक्षय ऊर्जा के स्टोरेज और उसके समझदारी से इस्तेमाल की स्पष्ट नीति नहीं […] Read more » Necessary clear policy to make battery storage of renewable energy practical रिन्युब्ल एनेर्जी के बैटरी स्टोरेज
पर्यावरण सिर्फ़ नेट ज़ीरो होने की घोषणा काफ़ी नहीं, पारदर्शिता भी ज़रूरी: नेचर March 16, 2021 / March 16, 2021 by निशान्त | Leave a Comment तमाम देशों में आजकल होड़ है कि और कुछ न सही तो कम से कम जलवायु के लिए अपनी संवेदनशीलता तो जग ज़ाहिर कर दें। इस क्रम में नेट ज़ीरो होने की घोषणा आम हो रही है। लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि सिर्फ़ ये कह देना कि हम नेट ज़ीरो होने जा रहे हैं, […] Read more » Announcement to be only net zero is not enough transparency is also important: Nature नेट ज़ीरो
पर्यावरण ग्रीन फेथ के परचम तले जलवायु निष्क्रियता के ख़िलाफ़ धार्मिक संगठन हुए एकजुट March 11, 2021 / March 11, 2021 by निशान्त | Leave a Comment दुनिया में ऐसी कोई भी धार्मिक परंपरा नहीं जो प्रकृति के विनाश का प्रतिबंध न लगाती हो। लेकिन इस प्रतिबन्ध के बावजूद, दुनिया भर की सरकारें और वित्तीय संस्थान प्रक्रति का दोहन कर रही हैं और उस पर लगाम लगाने की जगह ढील देती नज़र आती हैं। ये कहना है कैथोलिक धर्म प्रचारक नेता थेया […] Read more » Religious organizations united against climate inaction under the green faith
पर्यावरण ग्रीन रिकवरी के नाम पर किये वादे का सिर्फ़ 18 फ़ीसद हुआ खर्च: संयुक्त राष्ट्र March 10, 2021 / March 10, 2021 by निशान्त | Leave a Comment कोविड महामारी की शुरुआत हुए एक वर्ष से अधिक हो चुका है और आज अगर तमाम देशों की ग्रीन रिकवरी की प्रतिबद्धताओं के सापेक्ष उनके द्वारा किये गये खर्च का आंकलन करें तो हम पाते हैं कि वो खर्च किये वादों से काफ़ी कम है।संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) और ऑक्सफोर्ड युनिवेर्सिटी की आर्थिक सुधार […] Read more » ग्रीन रिकवरी ग्रीन रिकवरी के नाम पर किये वादे का सिर्फ़ 18 फ़ीसद हुआ खर्च संयुक्त राष्ट्र