लेखक परिचय

अरविंद जयतिलक

अरविंद जयतिलक

लेखक स्‍वतंत्र टिप्‍पणीकार हैं और देश के प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों में समसामयिक मुद्दों पर इनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं।

पाकिस्तान के गले में एफएटीएफ की फांस-अरविंद जयतिलक

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अरविंद जयतिलक आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह का तमगा हासिल कर चुके पाकिस्तान के लिए यह शुभ संकेत नहीं है कि वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) ने उसे ग्रे सूची में शामिल कर उसकी मुश्किलें बढ़ा दी है। हालांकि पाकिस्तान ने इस स्थिति से बचने के लिए एफएटीएफ को 26 सूत्रीय कार्रवाई योजना का प्रस्ताव… Read more »

जल की शुद्धता और उपलब्धता पर संकट

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अरविंद जयतिलक विज्ञान पत्रिका नेचर जियोसाइंस की मानें तो सिंधु और गंगा नदी के मैदानी क्षेत्र का 60 प्रतिशत भूजल पूरी तरह दूषित हो चुका है। कहीं यह सीमा से अधिक खारा है तो कहीं उसमें आर्सेनिक की मात्रा बहुत अधिक है। आंकड़ों के मुताबिक 200 मीटर की गहराई पर मौजूद भूजल का बड़ा हिस्सा… Read more »



आजादी के बाद विचारधारा से हटी कांग्रेस

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अरविंद जयतिलक 28 दिसंबर 1885। कांगे्रस का स्थापना दिवस। दिन के 12 बजे थे और मुंबई का गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कालेज कांग्रेसजनों से खचाखच भरा था। अंग्रेज अधिकारी एलन आक्टेवियम ह्यूम ने व्योमेश चंद्र बनर्जी के सभापतित्व का प्रस्ताव रखा और एस सुब्रमण्यम अय्यर और काशीनाथ त्रयंबक तैलंग ने उसका समर्थन किया। इस तरह कांग्रेस… Read more »

लोककल्याण का मार्ग है गीता

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अरविंद जयतिलक पाश्चात्य जगत में विश्व साहित्य का कोई भी ग्रंथ इतना अधिक उद्धरित नहीं हुआ है जितना भगवद्गीता। भगवद्गीता ज्ञान का अथाह सागर है। जीवन का प्रकाशपूंज व दर्शन है। शोक और करुणा से निवृत होने का सम्यक मार्ग है। भारत की महान धार्मिक संस्कृति और उसके मूल्यों को समझने का ऐतिहासिक-साहित्यिक साक्ष्य है।… Read more »

समाजवादी प्रहसन की शानदार पटकथा

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अरविंद जयतिलक वर्चस्व की जंग के बीच भले ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव के दरम्यान सीजफायर का एलान न हुआ हो और दोनों तरफ से तनातनी बनी हो पर सियासी इजारदारी पर हक जताने की इस आपाधापी में घंटे-आधे घंटे के लिए क्रांतिकारी बने अखिलेश यादव और पुराने जमींदारों की… Read more »

आजादी के बाद की कांग्रेस

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आज के कांग्रेस का चेहरा टू-जी स्पेक्ट्रम, कोयला आवंटन, काॅमनवेल्थ गेम्स, हेलीकाॅप्टर खरीद और आदर्श हाऊसिंग जैसे घोटालों से रंगा है। उस पर संवैधानिक संस्थाओं के क्षरण और न्यायालय की आंख में धूल झोंकने के संगीन आरोप हैं। माथे पर तुष्टीकरण का दाग है। आज की कांग्रेस में देश व समाज को सहेजने, न्यायिक भावना का आदर करने और संसदीय लोकतंत्र को जीवंत बनाने की क्षमता भी नहीं बची है। वह संसद में बहस के बजाए उसे अखाड़ा में तब्दील करने पर आमादा है।

राष्ट्रीयता के प्रतिमूर्ति मालवीय जी

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अरविंद जयतिलक पंडित मदनमोहन मालवीय जी का संपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक जीवन स्वदेश के खोए गौरव को स्थापित करने के लिए प्रयासरत रहा। जीवन-युद्ध में उतरने से पहले ही उन्होंने तय कर लिया था कि देश को आजाद कराना और सनातन संस्कृति की पुर्नस्थापना उनकी प्राथमिकता होगी। 1893 में कानून की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वे… Read more »

जरा आईने के सामने तो आइए पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह जी

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क्या यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए विकिलीक्स ने दावा नहीं किया था कि 2008 में परमाणु करार के मसले पर वाम दलों द्वारा आपकी सरकार से समर्थन लिए जाने के बाद विश्वास मत के दौरान आपकी सरकार को बचाने के लिए सांसदों को रिश्वत दी गयी थी और इसकी सूचना अमेरिकी सरकार को वाशिंगटन तक भेजी गयी? क्या विकिलीक्स वेबसाइट ने यह दावा नहीं किया था कि कांग्रेसी सांसद सतीश शर्मा के सहयोगी नचिकेता कपूर ने अमेरिकी दूतावास के एक कर्मचारी को नोटों से भरे दो बक्से दिखाए थे और कहा कि भारत अमेरिकी परमाणु सौदे को लेकर आपकी सरकार के विश्वासमत हासिल करने के लिए 50-60 करोड़ रुपए तैयार रखे हैं?

नोटबंदी पर काली सियासत

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प्रधानमंत्री ने दो टूक कह भी दिया है कि उनका अगला निशाना बेनामी संपत्ति होगा। यानी आने वाले दिनों में ऐसे लोगों पर भी गाज गिरनी तय है जो अपनी काली कमाई को रियल इस्टेट और गोल्ड में निवेश कर रखे हैं। यह भी संभव है कि सरकार काले धन से निपटने के लिए अगले फिस्कल ईयर के अंत तक गोल्ड इंपोटर्स पर रोक लगा दे। ऐसा इसलिए कि बड़े नोट बंद होने के बाद बड़े पैमाने पर सोना की खरीदारी की गयी। अच्छी बात है कि सरकार ने रात के अंधेरे में सोना बेचने और खरीदने वालों की जांच शुरु कर दी है।

भारत-वियतनाम निकटता के मायने

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अरविंद जयतिलक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा दोनों देशों की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नया मुकाम देने की दिशा में एक बहुआयामी पहल है। इस यात्रा से दोनों देशों के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में मदद मिलेगी वहीं कुटनीतिक तौर पर चीन की बढ़ती आक्रामकता पर लगाम कसने में सहायक सिद्ध होगा। बदलते… Read more »