पर्यावरण रेड अलर्ट पर पृथ्वी, 2021 मेक ओर ब्रेक ईयर: संयुक्त राष्ट्र March 1, 2021 / March 1, 2021 by निशान्त | Leave a Comment संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की मानें तो पृथ्वी “रेड अलर्ट” पर है। वजह है दुनिया भर की सरकारों का अपने जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों को पूरा करने में विफल होना।उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) की रिपोर्ट के बाद 2021 को “मेक या ब्रेक ईयर” के रूप में वर्णित किया। इस रिपोर्ट […] Read more » 2021 Make or Break Year Earth on Red Alert United Nations रेड अलर्ट पर पृथ्वी
पर्यावरण चीन ने फिर किया हैरान, ऑफशोर विंड एनर्जी के मामले में 2020 को किया अपने नाम February 26, 2021 / February 26, 2021 by निशान्त | Leave a Comment चीन दुनिया को हैरान करने से नहीं पीछे हटता। जब हम और आप कोविड से डरे सहमे लॉक डाउन में अपने और अपने प्रियजनों की कुशलता और स्वास्थ्य के लिए आशंकित थे, चीन के ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति रची जा रही थी। दरअसल चीन ने अकेले साल 2020 में दुनिया की कुल अपतटीय पवन ऊर्जा, […] Read more » 2020 named in offshore wind energy case ऑफशोर विंड एनर्जी के मामले में 2020 को किया अपने नाम
पर्यावरण सार्थक पहल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत पौधारोपण ख़राब प्लैनिंग का शिकार, ज़्यादातर बेकार February 23, 2021 / February 23, 2021 by निशान्त | Leave a Comment हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि भारतीय शहरों में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत किए गए पौधारोपण, योजनाबद्ध तरीके से न किये जाने के कारण अप्रभावी हैं। ज्यादातर मामलों में, या तो वृक्षारोपण अभियान ने प्रमुख प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट को अपवर्जित रखा या ऐसी प्रजातियों का इस्तेमाल किया जो प्रदूषण को अवशोषित […] Read more » राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम
पर्यावरण लेख भूकंप के पूर्वानुमान की चुनौती February 19, 2021 / February 19, 2021 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment -अरविंद जयतिलकदेश की राजधानी नई दिल्ली समेत जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भूकंप के तेज झटके से एक बार फिर जनमानस सिहर उठा। हालांकि जानमाल का नुकसान नहीं हुआ लेकिन एक बात स्पष्ट है कि विकास के नए आयाम गढ़ने और उच्च तकनीकी हासिल करने के बावजूद भी हम भूकंप का […] Read more » Earthquake forecast challenge भूकंप के पूर्वानुमान की चुनौती
पर्यावरण भारत की $500 बिलियन रिन्यूएबल एनेर्जी मार्किट पर दुनिया लगा रही है दांव February 18, 2021 / February 18, 2021 by निशान्त | Leave a Comment इस ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो भारत के रिन्यूएबल एनेर्जी और ग्रिड प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए ग्लोबल निवेशकों का एक बड़ा पूल तैयार है। वजह है भारत में इस क्षेत्र की असीमित संभावनाएं और अनुकूल परिस्थितियां जिनके चलते यहाँ सौर ऊर्जा टैरिफ में रिकॉर्ड गिरावट के साथ-साथ सोलर मॉड्यूल की लागत में कमी, […] Read more » रिन्यूएबल एनेर्जी मार्किट
पर्यावरण लगातार दूसरे साल देश में कोयला बिजली उत्पादन हुआ कम February 17, 2021 / February 17, 2021 by निशान्त | Leave a Comment भारत में कोयला आधारित बिजली उत्पादन में लगातार दूसरे साल गिरावट दर्ज की गयी है। साल 2018 से शुरू इस गिरावट की बड़ी वजह रही है सौर ऊर्जा का बढ़ता उत्पादन और परम्परागत बिजली की घटती मांग। ताज़ा आंकड़ा है साल 2020 का जब कोयला बिजली उत्पादन में 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। […] Read more » Coal power generation decreased in the country Coal power generation decreased in the country for the second consecutive year देश में कोयला बिजली उत्पादन हुआ कम
पर्यावरण निया में ग्रीन रिकवरी के लिए कैटेलिस्ट बनेगा अमेरिका February 15, 2021 / February 15, 2021 by निशान्त | Leave a Comment ग्रीन स्टीमुलस इंडेक्स की ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो कोविड महामारी के दौरान और अमेरिका में बिडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद अब ऐसा माना जा सकता है कि दुनिया भर में ग्रीन रिकवरी की शुरुआत अमेरिका के नेतृत्व में हो सकती है। नेतृत्व से ज़्यादा यहाँ अमेरिका की भूमिका उत्प्रेरक या कैटेलिस्ट की होने […] Read more » America will become catalyst for green recovery in Nia ग्रीन रिकवरी के लिए कैटेलिस्ट बनेगा अमेरिका
पर्यावरण पेरिस समझौते के लक्ष्य पूरे होने से बच सकती हैं लाखों जानें-लैंसेट February 15, 2021 / February 15, 2021 by निशान्त | Leave a Comment एक स्वस्थ जनसँख्या काफ़ी कुछ कहती है अपने आस पास के पर्यावरण और जलवायु के बारे में। आप अपने शरीर का ख्याल अगर सही मायने में रख रहे हैं, तो आप पृथ्वी और पर्यावरण का ख्याल रख रहे हैं। इसी बात की तस्दीक करती है ये ताज़ी रिपोर्ट। लैंसेट प्लेनेटरी हेल्थ जर्नल के एक विशेष […] Read more » पेरिस समझौते
पर्यावरण उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा February 15, 2021 / February 15, 2021 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment गिरीश चंद्र ‘गोपी’ अल्मोड़ा, उत्तराखंड उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वाले दुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही […] Read more » Uttarakhand water crisis: small effort will lead to big solution उत्तराखंड जल संकट
पर्यावरण लेख प्राकृतिक आपदा के लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं February 12, 2021 / February 12, 2021 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment -अरविंद जयतिलकउत्तराखंड के चमोली जिले के नीती घाटी स्थित रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से मची तबाही में व्यापक स्तर पर जन-धन का नुकसान रेखांकित करने के लिए पर्याप्त है कि हम पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर तनिक भी चिंतित नहीं हैं। इस हादसे में तकरीबन दो सैकड़ा से अधिक लोग लापता हुए हैं और […] Read more » We ourselves are responsible for the natural disaster प्राकृतिक आपदा प्राकृतिक आपदा के लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं
पर्यावरण सिकुड़ती प्रकृति, वन्यजीव एवं पक्षियों की दुनिया February 12, 2021 / February 12, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:-मनुष्य इस दुनिया का एक हिस्सा है या उसका स्वामी? वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न बन गया है क्योंकि मनुष्य के कार्य-व्यवहार से ऐसा मालूम होने लगा है, जैसे इस धरती पर जितना अधिकार उसका है, उतना किसी और का नहीं है- न वृक्षों का, न पशुओं का, न पक्षियों […] Read more » wildlife and birds World of shrinking nature वन्यजीव एवं पक्षियों की दुनिया सिकुड़ती प्रकृति
पर्यावरण भारत में होने वाली है दुनिया में सबसे तेज़ दर से ऊर्जा मांग में वृद्धि February 10, 2021 / February 10, 2021 by निशान्त | Leave a Comment आप के योगदान से भारत अगले बीस सालों में दुनिया के किसी भी देश के मुक़ाबले बिजली की मांग में सबसे तेज़ दर से वृद्धि देखेगा। और ये वृद्धि होगी गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा के क्षेत्र में। जी हाँ, आपके योगदान से क्योंकि इस ऊर्जा मांग की वजह आप ही बनेंगे। और आपकी ऊर्जा मांग को […] Read more » ऊर्जा मांग में वृद्धि