विश्ववार्ता

जब भारत ने चीनी सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया 

इन दोनों चोटियों पर स्थित भारतीय सेना की आर्टिलरी ऑब्जरवेशन पोस्टों से चीनी क्षेत्र में बहुत गहरे तक भारतीय सेना निगाह रख सकती है जबकि जेलेला पास से चीन भारत पर बहुत काम नज़र रख सकता है! तो यहाँ भारतीय सेना लाभ की स्थिति में है! 
सितम्बर १९६७ में नाथुला पर दो ग्रेनेडियर्स कि टुकड़ी तैनात थी!यह बटालियन लेफ्टिनेंट कर्नल राय सिंह के कमांड में थी! और माउंटेन कमांड के अधीन थी जिसकी कमान ब्रिगेडियर एमएमएस बक्शी के हाथ में थी!

ईरान में आतंकः यह कैसा इस्लाम ?

ईरान में सुन्नियों पर वहां की सरकार और आम जनता भी कड़ी नजर रखती है। खास तौर से तब जबकि वे अरब हों। उनके फारसी के अटपटे उच्चारण से ही वे तुरंत पहचाने जाते हैं। इसीलिए वहां आतंक की घटनाएं कम ही होती हैं लेकिन इस समय अरब देशों ने ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। ईरान समर्थक देश, क़तर, पर प्रमुख अरब देशों ने अभी-अभी तरह-तरह के प्रतिबंध लगाए हैं।

जलवायु परिवर्तन समझौते को झटका

ट्रंप की इस आत्मकेंद्रित मानसिकता का तभी अंदाजा लग गया था, जब इटली में दुनिया के सबसे धनी देशों के समूह जी-7 की शिखर बैठक में पेरिस संधि के प्रति वचनबद्धता दोहराने के संकल्प पर ट्रंप ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया था। ट्रंप ने तब जल्दी ही इस मसले पर अपनी राय स्पष्ट करने का संकेत दिया था। अब ट्रंप ने व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में भाषण देकर अपना मत तो साफ किया ही, साथ ही भारत और चीन पर आरोप लगाया कि इन दोनों देशों ने विकसित देशों से अरबों डाॅलर की मदद लेने की शर्त पर समझौते पर दस्तखत किए हैं।