आलोचना क्या काले लोगों का अस्तित्व नहीं ? March 31, 2012 / March 31, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 3 Comments on क्या काले लोगों का अस्तित्व नहीं ? रंगभेदी विज्ञापन क्यों ? लीना ‘अब व्हाइट जीतेगा’ चेस खेलने वाली एक गोरी महिला दावे के साथ कहती है। ब्लैक आउट व्हाइट इन- बड़े गर्व के साथ कहा जाता है। सिर्फ यही नहीं आप अच्छा गाती हैं लेकिन यदि काले या सांवले भी हैं तो गा नहीं पाएंगे, इसके लिए आपको क्रीम लगाकर पहले गोरा […] Read more » color discrimination ad रंगभेदी विज्ञापन
आलोचना जि़म्मेदार शख्सियतों के गैऱ जि़म्मेदाराना बयान ! March 28, 2012 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफरी भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में अपने भक्तों व शिष्यों को शांति व प्र्रेम का सबक सिखाने वाले आर्ट ऑफ लिविंग यानी जीने की कला नामक मिशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर इन दिनों एक ऐसे विवाद मे उलझ गए हैं जिससे उनका बाहर निकल पाना मुश्किल हो रहा […] Read more » sri ravi shankar
आलोचना आध्यात्मिक गुरूओ के राजनीतिक बयानो से देश को खतरा! March 25, 2012 / March 25, 2012 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment शादाब जफर ‘‘शादाब’’ “सरकार को शिक्षा का निजीकरण कर के सरकारी विद्यालयो को बंद कर देना चाहिये क्योकि वे नक्सलवाद को जन्म देते है। सरकार को कोई स्कूल नही चलाना चाहिये।“मंगलवार को अमंगल करते हुए देश के सब से गरम राज्य राजस्थान में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रवि शंकर जी […] Read more » sri sri Ravi Shankar आध्यात्मिक गुरू
आलोचना आईपीएस की लाश पर हवन March 16, 2012 / March 16, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment डॉ. हिमांशु द्विवेदी अब क्या लाशों पर सियासत छत्तीसगढ़ का भी संस्कार बनेगी। आजाद भारत मेंं शालीन राजनीति की परम्परा का झंडाबरदार रहा यह प्रांत गत तीन दिनों से जिस प्रकार के घटनाक्रम से गुजर रहा है, वह भविष्य को ले कर गंभीर सवाल खड़ा करता है। देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा से संबद्ध अधिकारी […] Read more » IPS Officer Rahul Sharma आईपीएस
आलोचना अरविन्द केजरीवाल जैसे तीस मार-खां लोग सिर्फ बातो के वीर है March 2, 2012 by अरविन्द विद्रोही | 8 Comments on अरविन्द केजरीवाल जैसे तीस मार-खां लोग सिर्फ बातो के वीर है अरविन्द विद्रोही अरविन्द केजरीवाल जैसे लोग सिर्फ बातो के वीर है , धन लेकर ही कार्यक्रम करवाने वाले ये लोग सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओ के संघर्षमयी जीवन को क्या जाने ? अपराधियो को कोई अच्छा नहीं मानता लेकिन जन संघर्षो में दर्ज मुकदमो से कोई अपराधी नहीं होता ,वो तो जन नेता और जन प्रतिनिधि […] Read more » Arvind Kejriwal अरविन्द केजरीवाल
आलोचना ममता शर्मा के बयान पर इतना बवाल क्यों? February 27, 2012 / February 27, 2012 by तेजवानी गिरधर | Leave a Comment राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा के बयान पर बवाल हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने थूक कर चाटना ही बेहतर समझा, लिहाजा तुरंत बयान वापस भी ले लिया। ज्ञातव्य है कि ममता ने यह कहा था कि युवतियां युवकों की टिप्पणियों से न डरें, बल्कि सकारात्मक रूप में लें। […] Read more » mamta sharma ममता शर्मा के बयान
आलोचना वैलेंटाइन डे के बहाने ………. February 13, 2012 / February 13, 2012 by हर्षवर्धन पान्डे | Leave a Comment हर्षवर्धन पाण्डे बाजार आज के दौर में प्रेम से गुलजार हो गया है……..हर तरफ प्रेम की महक नजर आती है……. गिफ्ट सेन्टरों में युवक युवतियों का सैलाब देखा जा सकता है जो प्रेम दिवस से पहले खरीदारी करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता …..भारत में भी पश्चिमी देशो की तर्ज पर १४ फरवरी को […] Read more » ‘वैलेंटाइन डे’ 14th feb Valentine Day
आलोचना देश संविधान की धज्जियां उड़ाते यह स्वयंभू सांस्कृतिक राष्ट्रवादी February 13, 2012 / February 13, 2012 by तनवीर जाफरी | 9 Comments on देश संविधान की धज्जियां उड़ाते यह स्वयंभू सांस्कृतिक राष्ट्रवादी तनवीर जाफरी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को यदि देश का सबसे विवादित नेता कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा। हालांकि भारतीय जनता पार्टी का एक वर्ग उन्हें भाजपा की ओर से भावी प्रधानमंत्री के रूप में पेश करने की जी तोड़ कोशिश ज़रूर कर रहा है। परंतु उनके भीतर भाजपा के व भाजपा […] Read more » Narendra Modi मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी
आलोचना लेख साहित्य “द्विअर्थी संवादों से भरे हुए हैं कॉमेडी शो” January 28, 2012 / January 28, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment लोग अपने व्यस्त जीवन से कुछ पल चुरा कर हंसना – हँसाना चाहते हैं और इसके लिए वो टी वी पर प्रसारित होने वाले कॉमेडी शो को देखते हैं लेकिन क्या सही मायनों में आज के हास्य शो को देख कर दर्शक हँसते हैं या उन्हें द्विअर्थी संवादों को झेलना पड़ता है. पूरा परिवार एक […] Read more » comedy show Double meaning conversation कॉमेडी शो द्विअर्थी संवादों
आलोचना विश्ववार्ता पाक के यह ‘‘नापाक’’ मदरसे December 20, 2011 / December 20, 2011 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on पाक के यह ‘‘नापाक’’ मदरसे तनवीर जाफ़री फारसी भाषा में मदरसा शब्द का अर्थ होता है वह स्थान जहां ‘दर्स’ अर्थात् सबक़ पढ़ाया जाता हो यानी हम इसे पाठशाला का पर्यायवाची शब्द भी कह सकते हैं। आमतौर पर मदरसों में इस्लाम संबंधित धार्मिक शिक्षा का ज्ञान दिया जाता रहा है। परन्तु धीरे-धीरे अब इन्हीं मदरसों में आधुनिक शिक्षा से जुड़े […] Read more » madrasa of Pakistan पाक के यह '‘नापाक’' मदरसे
आलोचना मायावती का हाथी प्रेम December 19, 2011 / December 19, 2011 by रंजन जैदी | 4 Comments on मायावती का हाथी प्रेम उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती की प्रशंसा करना चाहिए की वो एक स्कूल की अध्यापिका से बड़े प्रदेश की मुख्यमंत्री की कुर्सी तक जा पहुंची. ये आसान रास्ता नहीं था. कोई कुछ भी कहे, कैसा ही आरोप लगाए, मायावती की सफलताओं कों गंभीरता से लेना चाहिए. वो एक दलित की बेटी है, उनका अंग्रेजी […] Read more » Mayawati उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती बसपा मायावती का हाथी प्रेम
आलोचना एक ठुमके के चार करोड़, गरीब को चार पैसे नही December 16, 2011 / December 16, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 4 Comments on एक ठुमके के चार करोड़, गरीब को चार पैसे नही \” शादाब जफर शादाब देश में हर तरफ न्यू ईयर कैसे सेलिब्रेट किया जाए इस सब की प्लानिंग की जा रही है। न्यू इयर में पैसे की बारिश हो जाये और आने वाले साल में पूरे साल पैसा बरसता रहे देश के कुछ तिकडमबाज आज इस गुणा भाग में लगे है। इस सब के लिये […] Read more » new year celebration एक ठुमके के चार करोड़ गरीब को चार पैसे नही