कविता होली है March 27, 2019 / March 27, 2019 by अजय एहसास | Leave a Comment मेरे दिल का कोई कमरा तेरे रहने की खोली है, कहीं रहता मेरा बचपन कहीं बच्चों की टोली है। मचलते हैं कहीं बूढ़े गुलाबी खुश्बुएं लेकर मचलता है मेरा मन और कहता आज होली है। सजे हैं गीत रंगो में सजी है धरती हरियाली, है लगता गुड़ से मीठा भी जो भाभी आज बोली है, […] Read more »
कविता साहित्य कौन मिलेगा खाक में,और कौन आबाद। March 27, 2019 / March 27, 2019 by पीयूष पंत | Leave a Comment कौन मिलेगा खाक में,और कौन आबाद। होगा इसका फैसला,थोड़े दिन के बाद।। किससे जनता खुश हुई,किससे है नाशाद। होगा इसका फैसला,थोड़े दिन के बाद॥ चमचों की चाँदी हुई,मिलती झूठी दाद। वोटर जाएगा ठगा,थोड़े दिन के बाद।। मुर्दे उखड़ेंगे गड़े,और जिन्न आजाद। होंगी बहस मसान पर,थोड़े दिन के बाद।। गीदड़ बनते शेर जब,शेर छोड़ते मांद। आने […] Read more » कौन मिलेगा खाक में
कविता होली में क्या क्या होना चाहिए March 26, 2019 / March 27, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment होली में जब तक हलवाई ना हो |देशी घी की मिठाई बनाई ना हो ||गर्म गर्म भांग के पकोड़े ना हो |उन पर चटनी की लाग लगाई ना हो ||तब तक होली क्या होली है ?वर्ना रंगों के साथ ठठोली है || होली में जब तक रंग गुलाल ना हो |खेलने वालो के दिल में […] Read more » Poem on Holi होली
कविता अब तो पुराने दिन याद कर लेते है | March 14, 2019 / March 14, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment अब तो पुराने दिन याद कर लेते है |अपनी ख्वासियो के चराग बुझा देते है || कभी सोलह आने स्वपन सच होते थेअब तो एक आने भी सच नहो होते है || बस अब तो मन मसोस कर रह जाते है |फिर से पुरानी यादे ताजा कर लेते है || पहले समय में पुडिया में […] Read more » अब तो पुराने दिन याद कर लेते है |
कविता साहित्य इलेक्शन आ गया… !! March 13, 2019 / March 13, 2019 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment चुनावी चकल्लस पर पेश है खांटी खड़गपुरिया कविता… इलेक्शन आ गया… !! समझा मत मैं समझ गियाइलेक्शन आ गियादामी गाड़ी घूम रहाकैडर लोग झूम रहाअफिसर लोग सुंघ रहानेता लोग चूम रहागरीब लोग खट रहाकपड़ा – साड़ी बंट रहाफोकट का चा – सिंघाड़ालड़का लोग कूट रहासमझा मत मैं समझ गियाइलेक्शन आ गिया————————— Read more »
कविता आ गया है बुढ़ापा March 12, 2019 / March 12, 2019 by आर के रस्तोगी | 1 Comment on आ गया है बुढ़ापा आ गया है बुढ़ापा,शरीर अब चलता नहीं |चेहरा जो गुलाब था,वह अब खिलता नहीं || हो गयी आँखे कमजोर,अब दिखता नहीं |काँपने लगे है हाथ,अब लिखा जाता नहीं || हो गये है कान कमजोर,अब सुना जाता नहीं |लगा लिया चश्मा भी,उससे काम चलता नहीं || टूट गये सभी दाँत,अब खाना खाया जाता नहीं |लगा लिया […] Read more » आ गया है बुढ़ापा
कविता नारी तू है एक ,पर तेरे रूप है अनेक March 11, 2019 / March 11, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment –आर के रस्तोगी नारी तू है एक,पर तेरे नाम है अनेक \ विद्या की दायनी सरस्वती कहलाती तू धन की दायनी लक्ष्मी भी कहलाती mनारी तू है एक,पर तेरे नाम है अनेक जब तू सुबह सुबह आती उषा कहलातीrr जब तू शाम को जाती संध्या है बन जाती कैसे तू दोनों टाइम बन जाती है […] Read more » नारी तू है एक पर तेरे रूप है अनेक
कविता उठो जवानो ! भारत को आंतकवाद से मुक्त करना होगा | March 11, 2019 / March 11, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment उठो जवानो ! भारत को आंतकवाद से मुक्त करना होगा | होगा जो राष्ट हित में उसको तुम सबको अब करना होगा || आस्तीन के साँपों को अब उनके फ़न को कुचलना होगा | जो पिलाते है उनको दूध उन को भी अब जहर पीना होगा || कम करते है जो सेना का मनोबल,उनको अब […] Read more »
कविता धर्म बदला जाति बदली,बदल लिया है गोत्र March 6, 2019 / March 6, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment धर्म बदला जाति बदली,बदल लिया है गोत्र दादा को दफनाया है,पंडित बन गया है पौत्र पंडित बन गया है पौत्र,वोट हमे कैसे मिलेगी बताओ कोई उपाय,सत्ता हमे अब कैसे मिलेगी कह रस्तोगी कविराय,क्यों करते हो ऐसा अधर्म धर्म बदलने से कुछ नहीं होगा,अपनाओ राष्टधर्म आतंकी कितने मारे गये,इस पर चल रही बहस पक्ष विपक्ष के […] Read more » धर्म बदला जाति बदली
कविता देवो के है वे महादेव, March 5, 2019 / March 5, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment देवो के है वे महादेव,नमन इनको सब देव करते | खाली हाथ कोई नहीं जाता झोली सबकी भरते || सारा जहाँ नमन करता,शरण में उनकी जाते | शरण में उनकी जाकर,श्रद्धा के सुमन चढ़ाते || जरा सी भक्ति पर,रावण को दी सोने की लंका | बना है वह भोला भंडारी,बजाते डमरू का डंका || ये है महा […] Read more »