कविता पतझड़ June 7, 2019 / June 7, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment भवानी प्रसाद लोधी बनकर आये सफेद बादल पतझड़ में डटकर लड रही थी शाखायें कुछ की कलियां टूटी, कुछ थी मुरझायी असीम प्रीत के थे जो दावे करते पहर देखकर लिया साथ बदल शरद ऋतु ने दिया है पतझड़ वर्षा ऋतु में घन बनकर घटा छायेगी फिर शाखायें लहराकर गीत गायेंगी फिर से नई कलिया, […] Read more » autmn poem poem on season poetry
कविता आओ ईद मनाये हम।। June 6, 2019 / June 6, 2019 by अजय एहसास | Leave a Comment प्यार,मोहब्बत वाले रिश्ते, आओ मिलके निभाये हम साथ मे होली,दीवाली और आओ ईद मनाये हम।। नफरत वाली राहें छोड़ो,प्यार मोहब्बत से सब जोड़ो राह गुनाहों का जो भी हो,उससे अपना नाता तोड़ो बैर भाव सब भूल छोड़ कर,सबको गले लगाये हम साथ मे होली,दीवाली और आओ ईद मनाये हम।। आसमान मे दिखा है चांद,दुआ करो […] Read more »
कविता डरता हूं June 2, 2019 / June 2, 2019 by अजय एहसास | Leave a Comment डरता हूं आने वाले समय से,जो भविष्य में भयंकर विपत्तियां लेकर आने वाला है।नर संहार ,शोषण, अत्याचार और भीषण रक्तपात होनेवाला है।धर्मवाद, जातिवाद , क्षेत्रवाद, प्रान्तवाद इन सबके पीछे आखिर कौन है?जब भी किसी से पूछता हूं कारण इस बात पर सब मौन हैं।तमाम सामाजिक कुरीतियों को देख कर मैं भीतर ही भीतर घुटता हूं ,जब […] Read more »
कविता साहित्य धरा को शस्यश्यामलां बनाना है June 1, 2019 / June 1, 2019 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment लक्ष्मी जयसवाल अग्रवाल धधक रहा नभ, तप रही वसुंधरा जलते वनों का रूप ले रही धरा चीत्कार करते वृक्ष, सूखी नदियां दे रहीं चेतावनी तुझे संभल जा मनुष्य अब भी फिर से बना मुझे हरा-भरा रो-रोकर कर रही मैं तुझसे निवेदन मत बना मुझे इस तरह बंजर मेरी आर्द्र पुकार सुन हे मनुष्य! मत कर […] Read more »
कविता बादल कब जल लायेगा। June 1, 2019 / June 1, 2019 by अजय एहसास | Leave a Comment मई जून का माह है ऐसा,लगे कि सब जल जायेगा इस गर्मी से हमे बचाने,बादल कब जल लायेगा।। कोई कहता उमस बढ़ी है,किसी के गर्मी सिर पे चढ़ी है खून किसी का उबल रहा है,किसी की बीपी सबपे बढ़ी है जो चिड़ियां दौड़ा करती थी,देखो कितनी सुप्त पड़ी है सोचूं कि जब आज है ऐसा,लेकर […] Read more »
कविता साहित्य मोदी की सौगन्ध May 30, 2019 / May 30, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment खाता हूँ सौगन्ध सविंधान की जो मुझे यहाँ तक लाया है |करूँगा सब के साथ समान व्यवहार जो मुझे सिखाया है || रखूँगा नहीं बदले की भावना,सबको साथ में लेकर चलूँगा मै |सब के साथ सबका विकास करूँगा,यही सौगन्ध खाऊंगा मै || मै हूँ जनता का प्रधान सेवक,सबकी सेवा करूँगा मै |जब तक मेरे शरीर […] Read more »
कविता ज्येष्ठ माह की दोपहरी May 29, 2019 / May 29, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आर के रस्तोगी देख दोपहरी ज्येष्ठ की,गर्म हो गया गात |झुलस रहे है सब पेड़ो के नये कोमल पात || छाया भी छाया मांग रही ,है बड़ी बैचेन |छाया को छाया मिल जाये तब आये चैन || प्यासा पथिक पूछ रहा है कहाँ मिलेगा नीर |एक पग चलना है मुश्किल हो रहा वह अधीर || […] Read more »
कविता राजनीति अखिलेश के मन की पीड़ा May 27, 2019 / May 27, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment पहले पकड़ा था राहुल का हाथ,उसने भी न दिया था मेरा साथ|इस बार माया के हाथी पे बैठा,उसने भी घुमा कर मारी लात || दोनों तरफ से मेरा बुरा हुआ ,किसी न दिया है मेरा साथ |मैंने अपनी खुद नाव डुबोई ,इसलिए मैंने खाई है मात || जिसकी थी जीरो सीट,उसको हो गयी पूरी दस […] Read more » POEM on akhilesh poetry political poem
कविता साहित्य वो छप्पर May 27, 2019 / May 27, 2019 by अजय एहसास | Leave a Comment वो छप्पर जिसके नीचे कभी चार जिन्दगियों का गुजारा हुआ करता था।जो जाड़े की गलन सेगर्मी की तपन सेबरसात की सीलन से उन्हें बचाता था।खुद धूप, ठंड , बरसात को झेलकर उन्हें सुरक्षित रखता था।छप्पर को सहारा देने वाले दोस्त जैसे थमले,उन पर होने वाले आँधियों के हमले।लेकिन फिर भी वो हमेशा छप्पर के साथ खड़ा रहता था,आँधियों […] Read more » poem on roof poetry roof
कविता मोदी मुक्तक May 25, 2019 / May 25, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आर के रस्तोगी दे दो गालियाँ जितनी तुम अब मुझको |कोई फर्क नहीं पड़ता सुनने में मुझको ||तय कर लिया है देश को आगे बढ़ाने का |हिम्मत हैं तो रोक कर दिखाओ मुझको || मत पूछो,आजादी कैसे ली थी हमने |कुर्बानी दे कर आजादी ली थी हमने ||गीत गाते है आज हम उन्ही दिवानो केजिन्हें […] Read more » on modi poem poem on modi poetry political poem
कविता मोदी की जीत के बाद के देखने वाले द्रश्य May 24, 2019 / May 24, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आर के रस्तोगी मोदी सरकार तीन सौ पचास के पार |विपक्षी दलों में मच गया है हाहाकार || कितना मचा लो तुम सब हाहाकार |अब नहीं बदल सकता है चौकीदार || रायबरेली की सीट लेकर क्या नाचेगी |अब तो वह सीधा इटली को भागेगी || प्रज्ञा ठाकुर ने दे दी दिग्विजय को मात |अब कैसे […] Read more » modi victory on modi politics
कविता राजनीति चली है मोदी की ऐसी आंधी May 24, 2019 / May 24, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आर के रस्तोगी चली है मोदी की ऐसी आंधी | जिसमे उड गये राहुल गाँधी || हो न जाये काग्रेस में बगावत | आ न जाये परिवार में आफत || जब आंधी ऐसे जोर से है आती | लालू की लालटेन भी बुझ जाती || महागठबंधन अब ऐसा है टूटा | जिसमे माया का माथा […] Read more » modi poem poem on modi poetry