कविता काठ की हांड़ी में क्या पक रहा है कठुवा केस में May 5, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment काठ की हांडी में कब तक झूठ पकेगा कठुवा केस में उसे जानना है असली कातिल कही ओर छिपा है,किसी ओर भेष में उसे पकड़ना है ऐ टी एम में केवल कैश नहीं निकलता,कभी निकलता सच भी है जो सच्चा सबूत निकला है अब,जो बचा सकता विशाल को भी है जे & के पुलिस सफेद […] Read more » Featured कठुवा काठ कातिलो बच्ची बैंक बैंक स्टेटमेंट मीरापुर
कविता कर्नाटक चुनाव घोषणा May 5, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment सारे घोषणा पत्र,झूठे पत्र है,इनको तुम जला देना ये केवल झूठे वादे है,इनको रद्दी तुम समझ लेना सत्ता के मिलने पर,ये घोषणा पत्र नहीं मिल पायेगे ढूंढोगे इनको तुम पर कही तुम्हे ये नही मिल पायेगे ये केवल कोरे कागज़ है,सत्ता के बाद स्याही मिट जाती है अगले चुनाव में ये स्याही, फिर से […] Read more » Featured उल्लू कुल्हाड़ी धोखे पत्र वोट देना सारे घोषणा
कविता हर वस्तु मिल सकती है.आज ऑन लाइन पर May 4, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आर के रस्तोगी हर वस्तु मिल सकती है तुम सबको,आज.ऑन लाइन पर पर माँ की ममता नही मिल सकती,तुम्हे ऑन लाइन पर प्यार करना हो तुमको,कर सकते हो तुम ऑन लाइन पर पर सच्चा प्यार न मिल पायेगा तुमको ऑन लाइन पर खाने के सब व्यजन,मिल सकते है तुम्हे ऑन लाइन पर पर उनका स्वाद […] Read more » Featured आभूषण मंगा ऑन लाइन देश मां मोहब्बत वस्तु विदेशी
कविता श्री बोनी कपूर के मन के उदगार May 3, 2018 by आर के रस्तोगी | 5 Comments on श्री बोनी कपूर के मन के उदगार काश! आज तुम होती फिल्म फेस्टिवल का बेस्ट फिमेल एक्ट्रेस का राष्टीय पुरष्कार लेती तेरे बिन मन नही लगता अपना सा कोई नहीं लगता सूना सा सारा संसार लगता चारो तरफ अँधेरा सा लगता काश!मेरी “चांदनी” होती ये अँधेरा दिखाई न देता ये संसार सूना दिखाई न देता इस अवार्ड के साथ मै होता तुमको […] Read more » "चांदनी Featured अच्छी कलाकार पत्नी फिल्म फेस्टिवल बोनी कपूर मां रोता-बिलखता
कविता नाम हल्दीराम,हल्दी नहीं May 2, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment हल्दीराम हम गये,न हल्दी मिली न मिले राम हमने पूछा काउंटर से,कहाँ है तुम्हारे हल्दीराम ? कहाँ है हल्दीराम,जरा हल्दी का सैंपल दिखाओ एक किलो हल्दी लेनी है,उसका हमे भाव बताओ ? कह रस्तोगी कविराय,लोगो को क्यों गुमराह करते रखा है नाम हल्दीराम,हल्दी ही नहीं तुम रखते हल्दीराम की दूकान पर,लगी थी बहुत बड़ी भीड़ […] Read more » Featured काउंटर चुडेल द्रष्टि युवक रस्तोगी कविराय हल्दीराम
कविता आज की ताजा खबर May 1, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आज की ताजा खबर लालू का अस्तपताल में आने का तो एक बहाना था मकसद तो मोदी को, आने वाले चुनाव में हराना है अस्तपताल से छुट्टी मिलने पर,होते है खुश पर लालू जी छुट्टी मिलने पर हो गये नाखुश हो गये नाखुश , अब चले नहीं उनका चारा रांची जेल का पानी ,लगे उनको […] Read more » Featured अस्पताल चारा पुलिस राहुल गांधी लालू सजा
कविता समस्यायें ओर समाधान April 30, 2018 / April 30, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment जो जे.एन.यू.में पढता हो केवल भाषण बाजी करता हो ऐसे कन्हैया को बस तुम गोपियों से पिटवा दीजिये भारत तेरे दुकड़े होंगे इंशा अल्लाह टुकड़े होंगे ऐसे देश-द्रोही छात्रो को बस गोली मार दीजिये जो इस देश का अन्न खाता हो और गीत पाक के गाता हो ऐसे थाली में छेद करने वालो को बस […] Read more » Featured कन्हैया घोटाले जे.एन.यू. नेताओं पिता बलात्कारियों
कविता दूसरे को समझाने में सफल,अपने आप में असफल April 30, 2018 by आर के रस्तोगी | 1 Comment on दूसरे को समझाने में सफल,अपने आप में असफल पत्थर में भगवान है,यह समझने में धर्म सफल रहा पर इंसान में इंसान हे,वह समझने में धर्म असफल रहा दूसरो को समझाने में इंसान सफल रहा अपने को समझाने मे इंसान असफल रहा इंसान ने भलाई की भला रहा , बुराई की बुरा रहा इस बात को समझ कर भी, इंसान असफल रहा बाबा […] Read more » Featured इंसान कड़ी मेहनत कलयुग पत्थर भक्तों भगवान सफल समझाने
कविता जब याद मेरी तुमको आये April 28, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment जब याद मेरी तुमको आये बस जरा सी गर्दन झुका लेना मै तुम्हारे दिल में ही रहती हूँ बस मेरी शक्ल तुम देख लेना प्रेम पथिक हो तुम अब मेरे थोड़ी सी प्रतीक्षा कर लेना प्रेम पगडंडिया पंगु होती थोडा सा तुम कष्ट उठा लेना प्राणों से तुम मेरे प्यारे हो नैनों में मुझे तुम […] Read more » Featured नींद तुमको प्राणों बरसते बादल बिस्तर
कविता माँ-बाप की सोच,बेटे-बेटी के बारे में April 28, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment करे बेटी दोस्तों से बाते,तो बेचारी बेटी बेशर्म हो गई करे बेटा बात गर्ल फ्रेंड से,उसकी उम्र अब बड़ी हो गई हर वक्त नजर रखते हो,बेटी के मोबाइल पर पर कभी नजर रखते हो,बेटे के इन्टरनेट पर कहते हो बेटी से,मत जाओ तंग वस्त्र पहने कर कभी कहते हो बेटे से,बुरी नजर न रख देख […] Read more » Featured फॉरवर्ड बेचारी बेटी बेटी दोस्तों समाज
कविता संत से बना है शैतान आसाराम April 26, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment त से बना है शैतान आसाराम हजारो गलत किये इसने काम उन काली करतूतों के ही कारण काल कोठरी में बंद हुआ आसाराम जज ने जब अपना निर्णय सुनाया अपने कर्मो का फल इसे याद आया भरी अदालत में सिर पकड कर सुबक सुबक कर रो रहा था आसाराम तीन गवाहों को मरवाया था इसने […] Read more » Featured अहमदाबाद आसाराम आस्था पाकिस्तान भक्तों शैतान
कविता कह गये सिया से रामचंद्र April 24, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment कह गये सिया से रामचंद्र ऐसा टेक्नो युग आयेगा टेलीफोन पड़े होगे किसी कोने में मोबाइल हर जेब में आयेगा राज भी काज भी होगा पर नेता लोग भ्रष्ट होगे बात बात में रिश्वत चलेगी नेता जनता को आँख दिखायेगा बात भी होगी चीत भी होगी पर आपस में मिलना न होगा बात बात पर […] Read more » Featured whatsapp पति-पत्नी मात-पिता मोबाइल