कर्नाटक चुनाव घोषणा

सारे घोषणा पत्र,झूठे पत्र है,इनको तुम जला देना
ये केवल झूठे वादे है,इनको रद्दी तुम समझ लेना

सत्ता के मिलने पर,ये घोषणा पत्र नहीं मिल पायेगे
ढूंढोगे इनको तुम पर कही तुम्हे ये नही मिल पायेगे  

ये केवल कोरे कागज़ है,सत्ता के बाद स्याही मिट जाती है
अगले चुनाव में ये स्याही, फिर से उभर कर पास आती है

करोगे इन पर विश्वास तुम,धोखा खुद ही खाओगे
अपने पैरो पर अपनी ही कुल्हाड़ी खुद ही चलाओगे

करती है पार्टी इनका प्रकाशन,घर घर इनको बटवायेगे
इसके द्वारा ही तुमको और जनता को उल्लू ये बनायेगे

करना नहीं विश्वास इनपर,चनाव से पहले ये छपते है
बड़े बड़े फंक्शन के द्वारा,नेता इनका प्रदर्शन करते है

घोषणा पत्र नहीं छपेंगे तो,ये वोटरों कैसे समझा पायेंगे
इनके माध्यम से तो चुनाव आयोग को खर्चा बता पायेंगे

घोषणा पत्र एक धोखा पत्र है,इसके धोखे में न आना तुम
आडे वक्त आये,समस्या सुलझाये,वोट देना उसको तुम

आर के रस्तोगी

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