कविता मेरा भारत महान July 1, 2024 / July 1, 2024 by नन्द किशोर पौरुष | Leave a Comment मैंने अपने भारत को मरते देखा हैसिसकते देखा है| मैंने अपने भारत को मरते……… अबलाओ की अस्मिता कोविज्ञापनों की जलधारा में बहते देखा हैमैंने अपने भारत को मरते……… अपनी संस्कृति को अधर्म की आंधियो के थपेड़ों सेटकराकर उखड़ते देखा हैमैंने अपने भारत को मरते……… धर्म के स्तंभों कोविधर्मी शक्तियों द्वारा ढहते देखा हैमैंने अपने भारत […] Read more »
कविता हौसलों से भरी जिंदगी की रफ्तार June 24, 2024 / June 24, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment मानसी कुमारीवर्ग- 9वींउच्च माध्यमिक विद्यालय जारंग पूर्वी,गायघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार आसमान से ऊंचा और,हौसलों से भरी जिंदगी की रफ्तार,आओ कुछ ऐसा काम कर जाएं,के सबसे ऊंचा हो अपना नाम,मेहनत की कलम से,लिखें कुछ ऐसी किस्मत अपनी,के अब एक नई शुरुआत की जाए,क्यों भरोसे बैठे अपनी किस्मत पर?हवाओं से भी ज्यादा रफ्तार की जाए,सुनी सुनाई बातों पर […] Read more » pace of life full of enthusiasm
कविता नशे की चपेट में आने लगे है युवा June 24, 2024 / June 24, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment गरिमा जोशीउत्तरौड़ा, कपकोटबागेश्वर, उत्तराखंड नशे की चपेट में,आने लगे हैं युवा,मां-बाप से मुंह,मोड़ने लगे हैं युवा,बीड़ी, तंबाकू और गुटखा,खाकर बर्बाद हो रहे हैं युवा,गंदे-गंदे शब्दों का,प्रयोग कर रहे हैं युवा,अपने भविष्य के बारे में,कुछ सोच नहीं पा रहे हैं युवा,नशे की चपेट में आकर,अपना भविष्य बिगाड़ रहे हैं युवा,अगर नही हुआ इस पर काबू,तो बड़ा […] Read more » नशे की चपेट में आने लगे है युवा
कविता आओ हम मिलकर योग करें। June 20, 2024 / June 20, 2024 by अजय एहसास | Leave a Comment तुम योग करो वो योग करे,हम योग करे सब योग करेंकरें स्वस्थ कामना रहने की,आओ हम मिलकर योग करें। खाने को घर में रहे नहीं,फिर भी मुंह से कुछ कहें नहीसब पूजा, दुआ कराते हैं ।,पर फिर भी कुछ तो लहे नहींसरकार हमारी कहती है ,कि आओ नया प्रयोग करेंकरें स्वस्थ कामना रहने की,आओ हम […] Read more » योग
कविता मेरी लाज तुम्हारे हाथ, पवनसुत अंजनी के लाला June 18, 2024 / June 18, 2024 by नन्द किशोर पौरुष | Leave a Comment मेरी लाज तुम्हारे हाथ, पवनसुत अंजनी के लाला -2हो मेरी लाज तुम्हारे हाथ -2, पवनसुत अंजनी के लाला | मेरी लाज तुम्हारे हाथ….. Read more »
कविता अब कोई सपना नहीं June 17, 2024 / June 17, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment अब कोई सपना नहीं।सब टूट गया सपना वहीं।।जब बेटी ने जन्म लिया।तब पिता की आंखें नम हुई।अब जितना मैं कमाऊंगा।संजोकर उसे रख पाऊंगा।ताकि बेटी की शादी में।दहेज लूटा मैं पाऊंगा।।कहते हैं सब, वह बेटी है।तो क्या उसका मान नहीं?जन्म से पराया बना के।क्या उसका आत्म सम्मान नहीं?क्या लिखी है उसकी किस्मत में?क्या वह माता-पिता की […] Read more » अब कोई सपना नहीं
कविता भगवान राम कृष्ण काल्पनिक नहीं थे June 17, 2024 / June 17, 2024 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकअक्सर लोग कहा करते कि राम कृष्ण ब्राह्मणी कल्पना प्रसूत थेफिर क्यों राम कृष्ण कृषक खत्ती-खत्तीय या क्षत्री-क्षत्रिय सपूत थे?क्यों नहीं याजक ब्राह्मणों ने उन्हें कहा है अपने ब्राह्मण वर्ण के?क्यों राम के श्वसुर और सीता के पिता जनक थे हलवाहा कर्म से? क्यों सीता की संज्ञा हल के फाल की जोत सीत […] Read more » भगवान राम कृष्ण काल्पनिक नहीं थ
कविता खोदी धरती बोई बीज June 15, 2024 / June 15, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment किरण दोसादगरुड़, उत्तराखंड खोदी धरती बोई बीज,ये मिट्टी है बड़े काम की चीज,इसने दिया भोजन हमको,सूरज ने दिया जब ताप,फूटा अंकुर उसमें जब,ऊपर आया अपने आप,ऊपर का संसार उसने पाया सुंदर,लिया जब रुप उसने नन्हे पौधे का,हरा रंग जब उसने पाया,फिर तो सबके मन को भाया,पत्तियों का हरा रंग,क्लोरोफिल कहलाता है,सूरज हवा पानी से मिलकर,वह […] Read more » खोदी धरती बोई बीज
कविता बरेदी June 15, 2024 / June 15, 2024 by श्लोक कुमार | Leave a Comment एक हैं जरिया, दिन दुपहरियासमंदर की भांति उर हैं दरियापशुओं को लेकर चल दिया बरेदीएक बेरा खेवत खलियान,पहने कपड़े आधदूजी बेरा चल दिया चरानेभैंस के पगही बांधओ! बरेदी क्या हयात में यही तुम्हारेकभी खुद को भी मुकुर में संवारेतुम्हारी चाल है गोपियों भांतिलगता , मर्दाना काम न आतीखफा न हो ये चाल भीसमाज को दीमक […] Read more » बरेदी
कविता आसान है अमृत पीकर देव बन जाना मगर जहर पीना है महादेव बनने की योग्यता May 28, 2024 / May 28, 2024 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकसदा से आसान है अमृत पीकर देव बन जानाअमृत पीने से वंचित होने पर दानव बनकर उत्पात मचानामगर सदा से बड़ा कठिन है जहर पीकर महादेव बननाया यूँ कहें अमृत पीकर हर कोई देव बन जातामगर महादेव बनने के लिए जहर पीना है एकमात्र योग्यता! ऐसा है अवसर नहीं मिले तो आसान है […] Read more »
कविता युवा संकल्प एवं प्रगति के पथ May 27, 2024 / May 27, 2024 by नन्द किशोर पौरुष | Leave a Comment क्या कर सकता है युवा वर्ग,हम अब करके दिखलायेंगे,प्रगति के पथ पर चल………… मात-पिता और गुरुजनों का सम्मान करेंगे,विद्या अध्यन में पूर्ण ध्यान धरेंगे,हम हर हाल में ही भारत माँ का मान बढ़ाएंगे,प्रगति के पथ पर चल………… क्या हम में ज्ञान और विज्ञानं की शक्ति नहीं,या हम में इसको पाने की कोई युक्ति नहीं,हम भी […] Read more » Youth determination and path of progress युवा संकल्प एवं प्रगति के पथ
कविता राष्ट्र सेवा एवं राष्ट्र एकता May 24, 2024 / May 24, 2024 by नन्द किशोर पौरुष | Leave a Comment राष्ट्र सेवा एवं राष्ट्र एकताराष्ट्र सेवा करने को ,हो जाओ तैयारबिन हित चाहे राष्ट्र का ,कवन विधि उद्धारकवन विधि उद्धार,सुनो ओ मेरे भ्राता,ऊँच नीच (जाती – पाती) को छोड़,करो आपस में नाता (प्रेम)कह ‘पौरुष’ समझाय,एकता सर्व शक्ति हैहोय राष्ट्र कल्याण,अगर सब व्यक्ति एक हैअगर हम आपस में टकरायेंगे,निश्चित सब दुश्मन लुट के खा जायेंगे………. Read more »