कविता इसी देश में August 13, 2024 / August 13, 2024 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment इसी देश में कृष्ण हुये हैं, इसी देश में राम। सबसे पहिले जाना जग ने, इसी देश का नाम। इसी देश में भीष्म सरीखे, दृढ़ प्रतिज्ञ भी आये। इसी देश में भागीरथजी, भू पर गंगा लाये। इसी […] Read more » poem on 15th August इसी देश में
कविता भाई-भाई के रिश्ते में सब कुछ सहा जाता है August 8, 2024 / August 8, 2024 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकभाई-भाई के रिश्ते में सब कुछ सहा जाता है,बिन कहे सुख-दुख में एक साथ रहा जाता है!अकेले राम को वन जाने की सजा मिली थी,अर्धांगिनी सीता भी बिन सजा साथ चली थी! अनुज लक्ष्मण को अहसास हुआ तत्क्षण ही,अग्रज के दोहरे दुख भाभी की सुरक्षा की भी!लखन ने तात मात के आदेश की […] Read more » Everything is tolerated in brotherly relationship
कविता ये सारी जीवात्मा न तो नर है और नहीं नारी है July 29, 2024 / July 29, 2024 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकइस प्रकृति प्रदत्त धरा धाम के पवित्र रंगमंच परये सारी जीवात्मा न तो नर है और नहीं नारी हैमगर इन सबकी अलग-अलग अपनी अदाकारी है! कोई माता पिता कोई पति पत्नी कोई बहन भाईकोई पुत्र पुत्री सभी एक दूसरे के पूरक जीवधारी हैये जल-थल-नभचर जीव त्रियर्क योनि चेतनाधारी है! ये नाते रिश्तेदार संगी […] Read more »
कविता मेरा प्यारा गांव है ये July 27, 2024 / July 27, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment गरिमा जोशीउत्तरोडा, उत्तराखंड मेरा प्यारा गांव है ये,सुंदर सुंदर गांव है ये ,बारिश की बूंदों से हरियाली आई,जगह जगह खुशहाली छाई,खेतों में चमचमाहट है,हवाओं में सनसनाहट है,बूंद-बूंद में मुस्कुराहट है,पहाड़ों पर जरा तुम देखो,कैसी खुशी हर तरफ है छाई,एक तरफ कोहरा उठाता हुआ,दूसरी तरफ चिड़ियों का शोर है,नदियों का पहाड़ से गिरना,दीवारों को तोड़ बाहर […] Read more » मेरा प्यारा गांव है ये
कविता स्त्री की प्यारी दुनिया July 15, 2024 / July 15, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment कल्पना जोशीकक्षा-9 ,उम्र-17गरुड़ , बागेश्वरउत्तराखंड स्त्री की प्यारी दुनिया,इतनी न्यारी होगी क्या?दर्द झेलती दुनिया से सारी,फिर भी न समझे कोई प्यारा,समाज से करते इसे हैं दूर,और फिर करते जीने को मजबूर,करते ना स्त्री का कोई सम्मान, कहते हैं, नहीं है उसका कोई काम, स्त्री का करोगे अगर तुम अपमान, नहीं होगा फिर जीवन कोई आसान। […] Read more » lovely world of woman स्त्री की प्यारी दुनिया
कविता हर वक्त एक ही सवाल July 15, 2024 / July 15, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment साक्षी देवरारीगरुड़, बागेश्वरउत्तराखंड हर वक्त एक ही सवाल मन में दौड़ता है,कैसे कोई पल में अच्छा और बुरा बन जाता है? बैठे-बैठे यही सोचती हूं, जवाब नही मिल पता है,जब वह अच्छा बनता है, तो तारीफें करता है,और जब बुरा बनता है तो बुराइयां करता है,हर बार अपना अलग रंग दिखलाता है,उसका रंग देखते-देखते जीवन […] Read more »
कविता मुझे भी तो चाहिए आजादी July 15, 2024 / July 15, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment दीपा लिंगढियागरुड़, बागेश्वरउत्तराखंड मुझे भी तो चाहिए आजादीहां, थी मैं अनजान की,दुनिया ऐसी भी होती है,बचपन की हर बात याद आती है,तुम किसी से बात नहीं कर सकती,लड़की हो, अपनी मर्यादा में रहो,तुम सिर्फ घर के ही काम करो,तुम ही घर की इज्जत हो,अपनी नजरें झुकाकर रखो,तुम्हें कल पराये घर जाना है,हर चीज को तरीके […] Read more » I also want freedom
कविता श्री राम प्रभु का नाम, जगत में सबसे प्यारा है July 15, 2024 / July 15, 2024 by नन्द किशोर पौरुष | Leave a Comment मेरे राम प्रभु का नाम, मेरे राघव जी का नामजगत में सबसे प्यरा है -4, मेरे राम प्रभु का नाम………. Read more » जगत में सबसे प्यारा है श्री राम प्रभु का नाम
कविता स्त्री की प्यारी दुनिया July 13, 2024 / July 13, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment कल्पना जोशीकक्षा-9 ,उम्र-17गरुड़ , बागेश्वरउत्तराखंड स्त्री की प्यारी दुनिया,इतनी न्यारी होगी क्या?दर्द झेलती दुनिया से सारी,फिर भी न समझे कोई प्यारा,समाज से करते इसे हैं दूर,और फिर करते जीने को मजबूर,करते ना स्त्री का कोई सम्मान,कहते हैं, नहीं है उसका कोई काम,स्त्री का करोगे अगर तुम अपमान,नहीं होगा फिर जीवन कोई आसान। Read more » lovely world of woman
कविता मुझे भी तो चाहिए आजादी July 13, 2024 / July 13, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment दीपा लिंगढियागरुड़, बागेश्वरउत्तराखंड मुझे भी तो चाहिए आजादीहां, थी मैं अनजान की,दुनिया ऐसी भी होती है,बचपन की हर बात याद आती है,तुम किसी से बात नहीं कर सकती,लड़की हो, अपनी मर्यादा में रहो,तुम सिर्फ घर के ही काम करो,तुम ही घर की इज्जत हो,अपनी नजरें झुकाकर रखो,तुम्हें कल पराये घर जाना है,हर चीज को तरीके […] Read more » I also want freedom
कविता बच्चों का पन्ना बातों का बाजार गरम है July 9, 2024 / July 9, 2024 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment पर्यावरण प्रदूषण की अब,बातों का बाजार गरम है। हम-तुम-सबको, बात पता हैपर्यावरण प्रदूषण फैला।जल- जंगल -जमीन अब मैली,वातावरण हुआ है मैला।बिना रुके फिर भी धरती परढाया जाता रोज सितम है। चौपहिया,दो पहिया वाहन,बने प्रदूषण के हरकारे।मिलें,कलें भी बाँट रहे हैं,नभ में जहरीले गुब्बारे।पर्यावरण प्रदूषण होगा,बोलो कब! क्या !कभी खतम है? विज्ञापन, अखवारों वाले,पर्यावरण बचाते दिखते।मिटे […] Read more » बातों का बाजार गरम है
कविता सब अपने हिस्से का कर्तव्य करें मनुज का उद्धार कर July 1, 2024 / July 1, 2024 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकहे भाई! उम्मीद नहीं कर उम्मीद नहीं करहे भाई! दूसरों से कुछ भी उम्मीद नहीं करबहुत अधिक दुख होता है उम्मीद टूटने पर,मगर दूसरों की उम्मीद पर सदा खरा उतर! हे भाई! उम्मीद नहीं कर उम्मीद नहीं करहे भाई! धोखा मिलता है उम्मीद पालने परदूसरों की उम्मीद पर जीवन जीना है दूभरमानव प्रयत्न […] Read more » Everyone should do their part and save Manuj.