कविता धूप की हड़ताल January 17, 2022 / January 17, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment चल रही है आजकल धूप की हड़ताल,पड़ रहा है आजकल इसका भी अकाल।आजकल इसके दर्शन भी बड़े दुर्लभ है,बाजार में किसी कीमत पर न उपलब्ध है।। मजदूरों को तो हमने हड़ताल करते देखा,जाड़ों में इसको हमने हड़ताल करते देखा।गर्मियों में ये हड़ताल क्यो नही करती ?जाड़ों में ये दुबकी डुबकी क्यो फिरती ? कोई वैज्ञानिक […] Read more » धूप की हड़ताल
कविता जिसमें हो सबका हित साहित्य वही January 15, 2022 / January 15, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकजिसमें हो सबका हित साहित्य वही,जिसमें हो मानव गीत साहित्य वही,जिसमें हो संगीत प्रीत साहित्य वही,जिससे हो मनुज मीत साहित्य वही! साहित्य समाज का मन दर्पण होता,साहित्य मानवीय भाव समर्पण होता,साहित्य ईश्वरीय ज्ञान सम्पन्न होता,साहित्य में मनोभाव का अर्पण होता! साहित्य है मानवीय समस्या का हल,साहित्य सर्व ज्ञान का खिलता कमल,साहित्य है पराजित […] Read more » Literature in which everyone's interest is the same जिसमें हो सबका हित साहित्य वही
कविता हिन्दुत्व बचाना है तो जातिवाद को आईना दिखाना होता January 14, 2022 / January 14, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकवर्ण और जाति क्या है?यह प्रश्न हमेशा से पूछा जाताऔर हमेशा पूछा जाएगाक्योंकि हर हिन्दू चाहताअपनी जाति उत्पत्ति को जाननायह जानकर कि वर्ण जाति हैहिन्दुओं के पतन का मूल कारणहर हिन्दू जानता है वर्ण जाति सेकोई मनुष्य श्रेष्ठ नहीं होता ना होगासब जानता जाति की उत्पत्ति है विवादितविविध नस्ल वंश रक्त मिश्रण से […] Read more » If Hindutva is to be saved then casteism has to show the mirror. हिन्दुत्व बचाना है तो जातिवाद को आईना दिखाना होता
कविता धर्म नहीं पूजा नमाज धर्म है मानवतावाद January 14, 2022 / January 14, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकउठो हिन्दुओं शास्त्र के साथ शस्त्र उठाओ,कृष्ण ने कहा है शस्त्रधारियों में मैं राम हूं,रहस्य को समझो देव देवियों से प्रेरणा लो,शर में बसती शक्ति व सद्ज्ञान में भक्ति,शक्ति छोड़ भक्ति करना गुलाम की प्रवृत्ति! बुद्ध की करुणा जिन की अहिंसा ने छीनी,सनातन धर्म की शक्ति उपासना की रीति,धर्म युद्ध को बुद्ध ने […] Read more » धर्म नहीं पूजा नमाज धर्म है मानवतावाद
कविता आत्मा यात्री है देह आत्मा का वाहन January 13, 2022 / January 13, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकआत्मा अगर यात्री हैतो देह आत्मा का वाहन! आत्मा ना कभी मरतीना लेती है कभी जन्म! आत्मा वासना कामनाऔर कर्मफल के कारणकिसी जीव की कोख मेंकरती है देह को धारण! फिर देह लेती है जन्मयात्रा का होता है आरंभपहला पड़ाव है बचपन! आत्मा के लिए देह काधीरे-धीरे चाल में चलनफिर एक ठहराव यौवन! […] Read more » The soul is the traveler. The body is the vehicle of the soul. आत्मा यात्री है देह आत्मा का वाहन
कविता क्योंकि बेटी कभी भी बालिग व वृद्धा नही होती January 8, 2022 / January 8, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकबेटी जीवन का सबसे बड़ा उपहार हैमानो या ना मानो बेटी सिर्फ प्यार है! प्रेम का अगर कोई रुप होता होगातो वो बिल्कुल बेटी जैसा ही होगा! बेटी मां पिता की कोमल भावनाओं से निकलीमानो या ना मानो बेटी ईश्वर के दिल की कली! बेटी मानव जाति का सुन्दर संसार हैमानो या ना […] Read more » Because a daughter is never an adult and old age क्योंकि बेटी कभी भी बालिग व वृद्धा नही होती
कविता प्रभु से प्रार्थना January 8, 2022 / January 8, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment कर दी बड़ी बर्बादी,देश हुआ बड़ा बेहाल।कोरोना के जाल से प्रभु हमको निकाल।। चुनाव की रैलियां रोज है होती,भीड़ बिन मास्क इकठ्ठा है होती।नेता सभी सत्ता के लालची हो गए,कोरोना नियम सब बेकार हो गए।चलते है सब नेता अपनी ही चाल,नेताओ के जाल प्रभु हमे निकाल।कोरोना के श्राप से प्रभु हमे निकाल।। नेता सभी सत्ता […] Read more » prayer to the lord प्रभु से प्रार्थना
कविता पंच पवित्र नारियों में एक थी द्रौपदी January 4, 2022 / January 4, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकपंच पवित्र नारियों में एक थी द्रौपदी,ऐसा शास्त्र कथन इसमें क्यों आपत्ति,प्रेम कोई एक देह से जुड़ी चीज नहीं,प्रेम व्यक्ति विशेष तक सीमित नहीं! प्रेम मुट्ठी में कैद होते हवा हो जाती,खुली मुट्ठी में हवा, बंद होते सरकती,तुम पुष्प गंध चाहो तो उसे खिलने दे,नहीं तो कली रहेगी वो किस काम की! धूप […] Read more » Draupadi was one of the five holy women पंच पवित्र नारियों में एक थी द्रौपदी
कविता नए साल में January 4, 2022 / January 4, 2022 by पंडित विनय कुमार | Leave a Comment नए साल में बदलें हम अपने आपकोपूर्व के दोष- गुण–सोचें- समझें —तदनुरूप करें कार्य —जीवन को नई ऊर्जा से भरें–नई चेतना जगाएं–नए साल में बहुत- कुछ करने कासंकल्प लेना होगा–यह साल हर बार हमेंबहुत- कुछ सीखने को देगा।नए- नए अवसरनई-नई परिस्थितियाँजीवन के सुख-दुखहर्ष- विषादनए मार्गोंऔर नूतन लक्ष्यों कोसफलतापूर्वक पार करते हुएहमें जीवन- सत्य के साथ […] Read more » poem on new year नए साल में
कविता नववर्ष हो मंगलमय January 4, 2022 / January 4, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकनववर्ष हो मंगलमयनहीं किसी को कोई भय होनहीं हो कोई संशयनववर्ष में नव संकल्प करेंहर क्षेत्र में हो विजयपिछले वर्ष का भूलें पराजयनववर्ष हो मंगलमयउम्दा उम्मीदें सहेज लीजिएनववर्ष हो मंगलमयसबको खुशी के संदेश दीजिएनववर्ष हो मंगलमयजो रुठ गए उन्हें गले लगाइएअहंकार का हो क्षयसोए भाग्य को फिर से जगाइएहर मानव का हो जयपद […] Read more » have a happy new year नववर्ष हो मंगलमय
कविता आशा है नव साल की, सुखद बने पहचान ।। January 4, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment खिली-खिली हो जिंदगी, महक उठे अरमान । आशा है नव साल की, सुखद बने पहचान ।। ●●● दर्द दुखों का अंत हो, विपदाएं हो दूर । कोई भी न हो कहीं, रोने को मजबूर ।। ●●● छेड़ रही है प्यार की, मीठी-मीठी तान । नए साल के पँख पर, खुशबू भरे उड़ान ।। ●●● बीत […] Read more » आशा है नव साल की सुखद बने पहचान ।।
कविता नए साल पर एक विरहणी की वेदना January 3, 2022 / January 3, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment नया साल है ,बुरा हाल है,चारो तरफ फैला बबाल है।मिलने का मन करता है तुमसे,मेरा भी अब बुरा हाल है।। बाहर मै निकल नही सकती,तुमसे भी मैं मिल नही सकती।कैसा ये करोना काल आया है,अपनो से भी मैं मिल न सकती।। चल रही है अब ठंडी ठंडी हवाएंबैरन बन चुकी है मेरी ठंडी हवाएं।कैसे रोकूं […] Read more » New Year's pain नए साल पर एक विरहणी की वेदना