खेत-खलिहान लेख खेती में हक़ की लड़ाई लड़ती महिलाएं April 13, 2023 / April 13, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment रूबी सरकार भोपाल, मप्र कृषि एक ऐसा क्षेत्र है, जहां 80 फीसदी काम महिलाएं करती हैं. बावजूद इसके सरकार महिला किसानों को केंद्र में रखकर कोई निर्णय नहीं लेती है. यहां तक कि उन्हें महिला किसान का दर्जा भी नहीं दिया जाता है. किसान के नाम पर सिर्फ पुरुष चेहरे ही उभर कर आते हैं. मीडिया भी महिला किसानों […] Read more » Women fighting for their rights in agriculture
लेख 21वीं सदी में पर्वतीय महिलाओं की व्यथा April 12, 2023 / April 12, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment नरेन्द्र सिंह बिष्टहल्द्वानी, उत्तराखंड दुनिया भर में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करने और उन्हें समाज के हर क्षेत्र में समान अधिकार व सम्मान दिलाने के लिए कई प्रकार से प्रयास किये जा रहे हैं. इसके लिए समाज को जागरूक करने के लिए से हर वर्ष 26 अगस्त को महिला समानता दिवस के रूप में […] Read more » The plight of mountain women in the 21st century
लेख ईर्ष्या से आगे बढ़ने का विचार कभी सुखद नहीं होता April 11, 2023 / April 11, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग- यह बड़ा सत्य है कि स्वार्थी एवं संकीर्ण समाज कभी सुखी नहीं बन सकता। इसलिए दूसरों का हित चिंतन करना भी आवश्यक होता है और उदार दृष्टिकोण भी जरूरी है। इसके लिए चेतना को बहुत उन्नत बनाना होता है। अपने हित के लिए तो चेतना स्वतः जागरूक बन जाती है, किन्तु दूसरों […] Read more »
लेख बेलगाम शिक्षा व्यवस्था: किताबों में कमीशन का खेल, अभिभावक रहे झेल April 10, 2023 / April 10, 2023 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment स्कूलों की मनमानी, किताबें बनी परेशानी। निजी स्कूल बने किताबों के डीलर तो दुकानदार बने रिटेलर। स्कूलों द्वारा तय निजी प्रकाशकों की किताबें एनसीईआरटी की किताबों से पांच गुना तक महंगी हैं। एनसीईआरटी की 256 पन्नों की एक किताब 65 रुपये की है जबकि निजी प्रकाशक की 167 पन्नों की किताब 305 रुपये में मिल रही है। कई किताबों में तो प्रिंट रेट के […] Read more » parents suffer Unbridled education system: game of commission in books
लेख सार्थक पहल ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के लिए एक उमंग –डॉ. रणजीत सिंह फुलिया April 10, 2023 / April 10, 2023 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment सन 2004 में नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर डॉ. रणजीत सिंह फुलिया ग्रामीण क्षेत्रों के, विशेषकर हरियाणा और आस -पास के छह राज्यों — राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश के 700 से अधिक सरकारी और निजी विद्यालयों के छात्रों को पढ़ाने और मार्गदर्शन देने का काम कर चुके हैं। डॉ. […] Read more » --Dr. Ranjit Singh Phulia An enthusiasm for the students of rural areas
महिला-जगत लेख सार्थक पहल लोहे को जीवन का आकार देती गड़िया लोहार महिलाएं April 10, 2023 / April 10, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment शेफाली मार्टिन्सराजस्थान कृषि हमारे देश का एक महत्वपूर्ण व्यवसाय है, भारत के पारंपरिक व्यवसायों में इसका उल्लेख किया गया है. इसीलिए कृतज्ञता के भाव में हम किसानों को अन्नदाता कहते हैं. लेकिन जिस चीज की अनदेखी की जाती है वह है लोहार का वह हाथ, जो किसानों को औज़ार प्रदान कर अनाज उगाने में मदद […] Read more »
लेख शख्सियत समाज इतिहास से विस्मृत प्रथम स्वातन्त्र्य समर की वीराङ्गना झलकारी बाई April 6, 2023 / April 6, 2023 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारतीय इतिहास के विस्मृत पन्नों में एक वीराङ्गना नारी – अपने अपूर्व तेज एवं राष्ट्रभक्ति की अभूतपूर्व चेतना के रूप में विद्यमान है। उसका समूचा जीवन स्वातन्त्र्य यज्ञ की बलिवेदी में समर्पित हो गया। इतिहास ने भले उसके साथ अन्याय किया। लेकिन उसकी वीरता की गाथा पीढ़ी- दर पीढ़ी किंवदन्तियों व लोकगाथा […] Read more » Jhalkari Bai
लेख नहीं बदली है माहवारी से जुड़ी अवधारणाएं April 6, 2023 / April 6, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment नैना सुहानी मुजफ्फरपुर, बिहार मासिक धर्म एक ऐसा विषय है जिस से ग्रामीण इलाकों में अनगिनत अंधविश्वास और पुरानी सोच जुड़ी हुई है. सामाजिक प्रतिबंध के कारण यहां ऐसे विषयों पर बात करना भी पाप माना जाता है. जिस वहज से महिलाएं सही जानकारी के अभाव में बीमारियों का शिकार हो जाती हैं और उन्हें कई […] Read more »
लेख स्वास्थ्य-योग डॉक्टर और दवाइयों की कमी से जूझता देश का स्वास्थ्य April 6, 2023 / April 6, 2023 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment प्रत्येक 10,000 लोगों के लिए केवल एक एलोपैथिक डॉक्टर उपलब्ध है और 90,000 लोगों के लिए एक सरकारी अस्पताल उपलब्ध है। मासूम और अनपढ़ मरीजों या उनके रिश्तेदारों का शोषण किया जाता है। अधिकांश केंद्र अकुशल या अर्ध-कुशल पैरामेडिक्स द्वारा चलाए जाते हैं और ग्रामीण सेटअप में डॉक्टर शायद ही कभी उपलब्ध होते हैं। मरीजों […] Read more »
लेख जान के दुश्मन बनते आवारा कुत्ते April 6, 2023 / April 6, 2023 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment भारत के मीडिया में लगातार ‘आवारा कुत्तों का खतरा’ सुर्खियों में रहता है। पिछले पांच वर्षों से, 300 से अधिक लोग – ज्यादातर गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चे – कुत्तों द्वारा मारे गए हैं। 2017 के एक अध्ययन से पता चला है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर कुत्ते भी वन्यजीवों के लिए विनाशकारी हो […] Read more »
लेख मूल्य आधारित शिक्षा है सुख की अनुभूति का आधार April 6, 2023 / April 6, 2023 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment -डॉ. सौरभ मालवीय हमारी प्राचीन गौरवशाली भारतीय संस्कृति समस्त विश्व के सुख, समृद्धि एवं शान्ति की कामना करती है। भारतीय चिन्तन में व्यष्टि से समष्टि तक का विचार किया गया है। भारतीय पर्व इस बात का प्रतीक हैं। यहां पर प्राय: प्रतिदिन कोई न कोई लोकपर्व, व्रत, पूजा एवं अनुष्ठान का दिवस होता है, जो इस बात का प्रतीक […] Read more » Value based education is the basis of feeling of happiness
लेख शख्सियत समाज मुख्यमंत्री का पद ठुकुराने वाली एक भारतीय आत्मा-पद्मभूषण डाॅ. माखनलाल चतुर्वेदी April 4, 2023 / April 4, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment 4 अप्रेल उनकी जयंती पर विशेष आत्माराम यादवआजादी के बाद सन् 1956 में मध्यप्रदेश राज्य गठन के पश्चात राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर किसे बिठाया जाये, इसे लेकर पण्डित माखनलाल चतुर्वेदी, पण्डित रविशंकर शुल्क एवं पण्डित द्वारकाप्रसाद मिश्रा में से किसी एक नाम को लेकर सहमति हेतु विचारविमर्श हुआ, सर्वसम्मति से तीन कागजों की […] Read more »