लेख शख्सियत जानिए अब तक के उपराष्ट्रपतियों के बारे में July 19, 2012 / July 19, 2012 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment यू.पीए. की ओर से सोनिया गांधी ने उपराष्ट्रपति पद के लिए निवर्तमान उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को ही अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। हामिद अंसारी का दूसरी बार इस पद के लिए उम्मीदवार बनना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वह राष्ट्रपति पद के कितने प्रबल दावेदार थे। उनकी पत्नी ने अजमेर की दरगाह […] Read more » b.d.jatti bhairon singh shekhawat dr. jakir hussain dr. r.k. narayan Dr. Shankar Dayal Sharma gopal swaroop pathak hamid ansari krishnakant md.hidaitullah r.venkatraman s.radhakrishnsn V. V. Giri vice presidents of India आर. वेंकटरमण उपराष्ट्रपति एस.राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी कृष्णकांत गोपालस्वरूप पाठक डा. के.आर. नारायण डा. जाकिर हुसैन डा. शंकर दयाल शर्मा न्यायमूर्ति मौहम्मद हिदायतुल्लाह बी.डी. जत्ती भैंरो सिंह शेखावत। वी.वी.गिरि
लेख शख्सियत भारत के नोबेल पुरस्कार विजेता : गुरूदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर May 19, 2012 / July 22, 2012 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on भारत के नोबेल पुरस्कार विजेता : गुरूदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर राकेश कुमार आर्य भारत की पावन धरती पर कितनी ही महान विभूतियों ने जन्म लिया है, कितने ही विदेशी महापुरूषों ने इस पावन धरती को अपनी कर्म स्थली बनाया है। प्राचीन काल से ही भारत की पावन धरा ने मातृवत मानवता को अपने पुनीत पयोधर से पावन पयपान कराकर उसे सत्कृत्यों के लिए प्रेरित किया […] Read more » amartya kumar sen amartya kumar sen in the field of economy Chandra shekhar venkat raman Chandra shekhar venkat raman in the field of physics dr. hargobind khurana dr. hargobind khurana in the field of medical Mother Teresa mother Teresa in the field of peace nobel prize winners from India prominent recipients of nobel prize from India Rabindranath Tagore v.s. naayyal vidyadhar surajprasad naayyal अमत्र्य कुमार सेन गुरूदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर चंद्रशेखर वेंकट रमण चंद्रशेखर वेंकट रमण भौतिकी के क्षेत्र में डा. हर गोविंद खुराना डा. हर गोविंद खुराना को चिकित्सा क्षेत्र भारत के नोबेल पुरस्कार विजेता भौतिकी के क्षेत्र में अमत्र्य कुमार सेन को 1998 में मदर टेरेसा मदर टेरेसा को शांति के क्षेत्र में विद्याधर सूरजप्रसाद नाययाल को 2001 में साहित्य के क्षेत्र में
लेख साहित्य नोबेल पुरस्कार की कहानी May 19, 2012 / May 19, 2012 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on नोबेल पुरस्कार की कहानी राकेश कुमार आर्य आज की दुनिया में नोबेल पुरस्कार सबसे बड़ा पुरस्कार है। इसे प्राप्त करना हर किसी के लिए संभव नहीं है। बड़े भागीरथ प्रयासों से ही किसी सौभाग्यशाली को यह पुरस्कार मिलता है। इस पुरस्कार को पाने की जितनी इच्छा लोगों में रहती है उतनी ही इच्छा इसके विषय में ये जानकारी लेने […] Read more » how nobel prize came into existence story of nobel prize नोबेल पुरस्कार की कहानी
लेख सम्बद्धता क्या है? May 14, 2012 / May 16, 2012 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on सम्बद्धता क्या है? – राकेश कुमार आर्य किसी मान्यता, सिद्धांत, वस्तु व्यक्ति आदि के प्रति सहज रूप में बिना किसी बाहरी दबाव के आपका जुड़ जाना उसके प्रति आपकी सम्बद्धता है। ऐसी मानसिकता के वशीभूत होकर आप पूर्ण मनोयोग और प्राणपण से कार्य करने के लिए तो सक्रिय रहेंगे ही साथ ही उस मान्यता, सिद्धांत, वस्तु, व्यक्ति आदि […] Read more » Rakesh Arya Relativity राकेश आर्या सम्बद्धता
महत्वपूर्ण लेख लेख अर्थवाही शब्द रचना-डॉ.मधुसूदन March 30, 2012 / July 22, 2012 by डॉ. मधुसूदन | 19 Comments on अर्थवाही शब्द रचना-डॉ.मधुसूदन सूचना: एकाग्रता बनाए रखे, और कुछ समझते समझते, धीरे धीरे पढें, मैं मेरी ओर से पूरा प्रयास करूंगा, विषय को सरल बनाने के लिए। –धन्यवाद। (१) अर्थवाही भारतीय शब्द तेल शब्द कहांसे आया? तो पढा हुआ समरण है, कि तेल शब्द का मूल ”तिल” है। अब तिल को निचोडने से जो द्रव निकला उसे ”तैल” […] Read more » formation of words अर्थवाही शब्द रचना
लेख सरकारी बैंकों के बढ़ते एनपीए की जमीनी हकीकत March 15, 2012 by सतीश सिंह | Leave a Comment सतीश सिंह वार्षिक लेखाबंदी के निकट आते ही खासकर के मार्च के महीने में सरकारी बैंकों में गैर निष्पादित परिसंपतित (एनपीए) के स्तर को कम करने की कवायद शुरू हो जाती है। अधिकारी गली, मोहल्ले व गांव की धूल फांकने लगते हैं। प्रशासनिक व प्रधान कार्यालयों में मीटिंगों का दौर आरंभ हो जाता है। एनपीए […] Read more » Govt. bank NPA एनपीए सरकारी बैंक
लेख भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों द्वारा ही संसार का कल्याण संभव March 12, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों द्वारा ही संसार का कल्याण संभव सुरेश गोयल धूप वाला भारतवर्ष को ऋषि-मुनियों की भूमि व देव भूमि कहा जाता है जिसके विशेष कारण है कि इस देव भूमि में लाखों हजारौं वर्षों में एक विशेष संस्कृति फलीफूली है और बढ़ी है। इसने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में एक सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। इन्हीं विशेष संस्कृति को हिन्दुत्व कहा जाता […] Read more » Indian Culture indian culture value भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों संसार का कल्याण
लेख यारो जग बौराया… March 11, 2012 / March 13, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment संजय बिन्नाणी साथियो! आप मानें या न मानें, समझें या न समझें, लेकिन यह सच है कि इन दिनों भारत और भारतीय मन-मिजाज वैसे ही बौराया हुआ है, जैसे आम का पेड़। कारण है, ऋतुवसन्त में फगुनई हवा; जिसके असर के चलते मन- मधुकर हुआ, मधु-पान की लालसा लिए डोलता फिर रहा है। रसपान की […] Read more » Holi vasant season ऋतुवसन्त फगुनई हवा
लेख सौतेलापन क्यों ? March 6, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on सौतेलापन क्यों ? आकाश भारत का संबंध जितना अच्छा नेपाल से है, उतना अच्छा पाकिस्तान से नहीं है. अभी भी भारतीय लड़की की शादी नेपाल में होती है और नेपाली लड़की की शादी भारत में. लेकिन, पाकिस्तान में नहीं. सानिया मिर्ज़ा और शोएब मलिक की शादी को छोड़ दिया जाए तो कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया है. […] Read more » Nepal pakistan नेपाल पाकिस्तान सौतेलापन
लेख समाज गरीबी का आधुनिकीकरण February 14, 2012 / February 14, 2012 by गंगानन्द झा | Leave a Comment ऐसा बताया जाता रहा है कि बढ़ते हुए परिवर्द्धन के साथ-साथ अभाव की स्थिति में कमी आती जाएगी तथा अन्त में विश्व के हर कोने से गरीबी समाप्त हो जाएगी। परिवर्द्धन (Development) और गरीबी के बीच विलोमानुपाती सम्बन्ध समझा जाता रहा है। पर यह परी-कथा ही निकली। अमीर और गरीब के बीच के फर्क के […] Read more » modernisation of poverty poverty आधुनिकीकरण गरीबी गरीबी का आधुनिकीकरण
लेख व्हॅलंटाइन डे विकृति February 14, 2012 / February 14, 2012 by डॉ. मधुसूदन | 12 Comments on व्हॅलंटाइन डे विकृति डॉ. मधुसूदन उवाच उत्सव-स्वीकृति की कसौटियां किसी उत्सव-स्वीकृति की (५) पांच कसौटियां सूझती है। (१) वह उत्सव समाज में समन्वयता, सामंजस्य, सुसंवादिता, या भाईचारा बढाने वाला हो। (२) ऊंच-नीच या अलगता का भाव प्रोत्साहित करनेवाला ना हो। (३) समाज के अधिकाधिक सदस्यों का उत्थान करने वाला हो। (४) समाज के सभी स्तरों को स्पर्श करने […] Read more » Valentine Day व्हॅलंटाइन डे
टॉप स्टोरी लेख कहीं पीपीपी की मदद तो नहीं कर रही पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ? February 13, 2012 / February 13, 2012 by जगमोहन फुटेला | Leave a Comment जगमोहन फुटेला पहले भी भारत, अमेरिका या इंग्लैण्ड की तरह इमानदार नहीं दिखती रही पाकिस्तानी न्यापालिका ने फिर अपनी प्रतिष्ठा दांव पे लगा दी है. राष्ट्रपति ज़रदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों वाली दस साल पुरानी वो फ़ाइल खोल के जिस के बहाने ‘टांगा’ प्रधानमंत्री गिलानी को जा रहा है. ऊपर से देखने पर लगता […] Read more » president yusuf raza gilani पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट पीपीपी की मदद