कला-संस्कृति लेख क्या सचमुच सिमट रही है दामन की प्रतिष्ठा? March 28, 2025 / March 28, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment समय के साथ परिधान और समाज की सोच में बदलाव आया है। पहले “दामन” केवल वस्त्र का टुकड़ा नहीं, बल्कि मर्यादा और संस्कृति का प्रतीक माना जाता था। पारंपरिक वस्त्रों—साड़ी, घाघरा, अनारकली—को महिलाओं की गरिमा से जोड़ा जाता था। “दामन की प्रतिष्ठा” अब भी बनी हुई है, परंतु उसकी परिभाषा बदल चुकी है। परंपरा और […] Read more » Is Daman's reputation really shrinking? सिमट रही है दामन की प्रतिष्ठा
लेख “कुआँ सूखने पर ही पता चलता है पानी की कीमत” March 27, 2025 / March 27, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment कहावत “जब तक कुआँ सूख नहीं जाता, हमें पानी की कीमत का पता नहीं चलता” हमें इस बात की याद दिलाती है कि हमें अपने जीवन और संसाधनों के प्रति जागरूक और कृतज्ञ रहना चाहिए। चाहे वह जल हो, प्रेम हो, स्वतंत्रता हो या स्वास्थ्य, हमें इनका सम्मान और संरक्षण करना चाहिए ताकि आने वाली […] Read more » “The value of water is known only when the well dries up” पानी की कीमत
लेख समाज डिजिटल भारत में विचारों की बेड़ियां March 26, 2025 / March 26, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment सरकार द्वारा ओटीटी प्लेटफार्मों की निगरानी, सोशल मीडिया पर टेकडाउन आदेश और आईटी नियम 2021 ने डिजिटल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित किया है। सेंसरशिप और आत्म-नियमन से प्लेटफार्म अधिक सामग्री हटाने लगे हैं, जिससे विचारों की विविधता प्रभावित होती है। झूठी सूचनाओं और साइबर अपराधों को रोकने के लिए कुछ हद तक नियमन आवश्यक […] Read more »
लेख शख्सियत समाज साक्षात्कार समाज की उन्नति और विकास की आधारशिला रखता है साहित्य March 26, 2025 / March 26, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment कहते हैं कि साहित्य ही समाज का असली दर्पण होता है। समाज में जो भी घटित होता है, मतलब कि समाज में जो भी गतिविधियां होतीं हैं, लेखक उनसे कहीं न कहीं प्रभावित होता है और वह अक्सर उन्हीं चीजों, घटनाओं, गतिविधियों को अपने साहित्य में अपनी कलम के माध्यम से काग़ज़ के कैनवास पर […] Read more » प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल विनोद कुमार शुक्ल
पर्यावरण लेख भारत में गर्मी का जल्दी आना और लू का बढ़ना March 26, 2025 / March 26, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment बढ़ते तापमान से कृषि, जल संकट, सार्वजनिक स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। फरवरी में असामान्य रूप से अधिक गर्मी, रात के तापमान में वृद्धि, समुद्री तापमान का असर और शहरी हीट आइलैंड प्रभाव इस समस्या को और गंभीर बना रहे हैं। इसका असर शिक्षा, श्रम उत्पादकता और खाद्य सुरक्षा पर भी […] Read more » Early arrival of summer in India and increase in heatwaves जल संकट बढ़ते तापमान से कृषि सार्वजनिक स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव
पर्यावरण लेख बढ़ती गर्मी, बढ़ती AC की मांग: क्या ऊर्जा-कुशल AC भारत को बिजली संकट से बचा सकते हैं? March 26, 2025 / March 26, 2025 by निशान्त | Leave a Comment भारत में इस साल गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ने की ठान ली है। मार्च में ही तापमान 40°C के पार जा चुका है, और आने वाले महीनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। भीषण लू और उमस भरी गर्मी से बचने के लिए AC की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन यह बढ़ती मांग बिजली संकट को और गहरा सकती है। एक नई […] Read more » rising AC demand: Can energy-efficient ACs save India from power crisis? Rising heat
लेख किवाड़ खिड़कियाँ से होते है लड़के लड़कियां March 26, 2025 / March 26, 2025 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव जरा सोचिए जब मानव ने पहली झुग्गी- झोपड़ी, मकान या भवन की कल्पना की होगी तब उसके मस्तिष्क में कितना भूचाल आया होगा ओर तब जिसने भी पहला आवास बनाया होगा तब उसमें लगने वाला दरवाजा/द्वार दुनिया का पहला दरवाजा होगा जिसमें उसके द्वारा किवाड़ की कल्पना ओर उस आवास की दीवालों […] Read more » Boys and girls are born through doors and windows किवाड़ खिड़कियाँ
लेख मुआवजा तथा पुनर्वास को तरसते कोशी के बाढ़ पीड़ित March 26, 2025 / March 26, 2025 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment कुमार कृष्णन सितंबर 2024 के आखिरी दिनों में नेपाल और बिहार के कई इलाकों में भारी बारिश के बाद कोसी क्षेत्र में दशकों बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने लोंगों की ज़िन्दगी को तहस नहस कर डाला. इस बार तटबंध और बैराज बनने के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि कोशी नदी का पानी बैराज से ऊपर […] Read more » कोशी के बाढ़ पीड़ित
लेख किए का फल मिलना निश्चय March 25, 2025 / March 25, 2025 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment हर वृक्ष लता से पूछा मैंने,तुम किस कारण यहां खड़े ?किस कारण तुम भोग रहे हो,फल कर्मों के बहुत कड़े ? वृक्ष लता एक सुर से बोले –नियम भंग के दोषी हैं हम।कठोर मिली है कारा हमको,दूर-दूर तक छाया है तम।। पाप रहा होगा छोटा सा,फल भयंकर विषधर सा।डंसता है दिन रात विषैला,कठोर न्याय है […] Read more » Definitely get the result of your actions
Tech लेख टेक कंपनियों की भयावह दुनिया March 25, 2025 / March 25, 2025 by शिवानंद मिश्रा | Leave a Comment शिवानंद मिश्रा क्या आपको लगता है कि आपके मस्तिष्क में क्या चल रहा है, इसे कोई टेक कंपनी नहीं जान सकती? आप जो सोचते हैं,जो महसूस करते हैं,और यहां तक कि जो सपने देखते हैं—सब कुछ टेक कंपनियों के रडार पर है। आपको लगता होगा कि आपका मस्तिष्क अभेद्य किला है लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा […] Read more » टेक कंपनियों की भयावह दुनिया
आर्थिकी लेख पेंशन की लड़ाई: कर्मचारियों का हक़ या सरकारी बोझ?” March 25, 2025 / March 25, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment भारत में 2004 से पहले सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत पेंशन दी जाती थी। इसके तहत— सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन निश्चित पेंशन मिलती थी। अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में दिया जाता था। महंगाई भत्ता (DA) जुड़ा होता था, जिससे समय-समय पर पेंशन बढ़ती रहती थी। सरकार द्वारा पूरी […] Read more » पुरानी पेंशन योजना (OPS) पेंशन
लेख समकालीन भारत के प्रमुख राजवंशों में से एक था गुर्जर प्रतिहार वंश March 24, 2025 / March 24, 2025 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment डॉ राकेश कुमार आर्य स्वामी विवेकानंद और योगी अरविंद का मत रहा है कि भारत की शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य अपने देश की विरासत की आध्यात्मिक महानता पर बल देना और उसे बनाए रखने के लिए हमारे दायित्व के निर्वाह पर बल देना होना चाहिए, जिससे हम विश्व को प्रकाश का मार्ग दिखा सकें। यदि […] Read more » Gurjar Pratihara dynasty was one of the major dynasties of contemporary India गुर्जर प्रतिहार वंश