लेख विधि-कानून न्याय का अर्थ-समानता और निष्पक्षता January 28, 2026 / January 28, 2026 by पवन शुक्ला | Leave a Comment समानता का अर्थ यह कतई नहीं है कि सबको एक ही तराजू में तौल दिया जाए। वास्तविक समानता वह है जहाँ अवसर की उपलब्धता में कोई अवरोध न हो। Read more » समानता और निष्पक्षता
लेख आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का स्वैच्छिक योगदान January 27, 2026 / January 27, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment -डॉ. प्रियंका सौरभ भारत के ग्रामीण समाज में महिला सशक्तिकरण, पोषण और स्वास्थ्य काफी हद तक आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर निर्भर करता है। ये वे महिलाएं हैं जो घर-घर जाकर टीकाकरण करती हैं, बच्चों में कुपोषण का पता लगाती हैं, गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव में सहायता करती हैं और मातृ एवं शिशु मृत्यु […] Read more » आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
लेख भारतीय गणतंत्र की आधारशिला महिलाएं January 27, 2026 / January 27, 2026 by प्रमोद कुमार | Leave a Comment प्रमोद दीक्षित मलय गणतंत्र भारत के निवासी होने के कारण हमें कर्म और अभिव्यक्ति की आजादी प्राप्त है पर इस आजादी के लिए हमारे पुरखों ने मूल्य चुकाया है। अंग्रेजों के विरुद्ध आजादी की लड़ाई में पुरुषों के साथ ही महिलाओं ने भी सक्रिय भाग लिया और स्वतंत्रता की बलिवेदी पर अपने प्राणों की आहुति […] Read more » भारतीय गणतंत्र की आधारशिला महिलाएं
लेख भारत की पहली महिला जासूस नीरा आर्या जिसने देशहित में किया अपने पति का कत्ल , लेकिन सरकार से मिली बेरूखी January 27, 2026 / January 27, 2026 by भगवत कौशिक | Leave a Comment भारत की पहली महिला जासूस नीरा आर्या Read more » पहली महिला जासूस नीरा आर्या
लेख अयोध्या शाकद्वीपी राजाओं के पूर्वजों की जीवन यात्रा January 27, 2026 / January 27, 2026 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment आचार्य डा.राधे श्याम द्विवेदी वैसे अयोध्या के मुख्य राजवंश परिवार का इतिहास भगवान श्रीराम के पूर्वजों से जुड़ा माना जाता है। ऋषि कश्यप, सूर्य ,मनु, इच्छवाकु ,रघु ,दशरथ और भगवान राम की वंश परम्परा को प्रायः हर कोई भारतवासी जनता है। अयोध्या के शाकद्वीपीय राजाओं के पूर्वज मूल रूप से शाकद्वीप (ईरान/मध्य एशिया क्षेत्र) से […] Read more » अयोध्या शाकद्वीपी राजाओं के पूर्वजों की जीवन
मीडिया लेख भरोसे एवं भारत की आवाज थे विरल पत्रकार मार्क टुली January 27, 2026 / January 27, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- भारत की समकालीन इतिहास-यात्रा में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो केवल घटनाओं का वृत्तांत नहीं लिखते, बल्कि समय की चेतना में घुल-मिलकर स्वयं इतिहास का हिस्सा बन जाते हैं। सर विलियम मार्क टुली, जिन्हें दुनिया भर में स्नेह और सम्मान से ‘मार्क टुली’ कहा गया, ऐसे ही विरल पत्रकार थे। उनका निधन […] Read more » a rare journalist Mark Tully was the voice of trust and India. मार्क टुली
लेख गणतंत्र का गौरव और राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ January 26, 2026 / January 27, 2026 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment 77 वें गणतंत्र दिवस Read more » 77 वें गणतंत्र दिवस
लेख राष्ट्रीय संकट के समय राजपथ से संघ ने दिया एकजुटता का संदेश January 25, 2026 / January 27, 2026 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment आज भी हम 1962 के भारत-चीन युद्ध को भूल नहीं पाते हैं। चीन ने भारत के विश्वास का कत्ल किया था। ‘हिन्दी-चीनी, भाई-भाई’ के हमारे नारे को धुंए में Read more » Republic Day parade and the RSS गणतंत्र दिवस की परेड और आरएसएस
लेख भारतीय संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता January 25, 2026 / January 27, 2026 by विवेक रंजन श्रीवास्तव | Leave a Comment 26 जनवरी गणतंत्र दिवस विवेक रंजन श्रीवास्तव भारतीय संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संबंध लोकतंत्र की आत्मा से जुड़ा हुआ है। यह केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं बल्कि नागरिक‑जीवन, राजनीतिक विमर्श और सामाजिक परिवर्तन का मूल प्रेरक सिद्धांत है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना “विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, आस्था और उपासना की स्वतंत्रता” देने का संकल्प व्यक्त करती है जो अभिव्यक्ति […] Read more » 26 जनवरी गणतंत्र दिवस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
लेख संवैधानिक मूल्य : गणतंत्र की आत्मा और नागरिक दायित्व January 25, 2026 / January 27, 2026 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment 26 जनवरी गणतंत्र दिवस बाबूलाल नागा भारतीय संविधान केवल शासन चलाने का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक जीवंत दर्शन है जो देश की आत्मा, उसकी चेतना और दिशा—तीनों को परिभाषित करता है। संविधान की उद्देशिका में निहित स्वतंत्रता, समता, समानता, बंधुता, संप्रभुता, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र जैसे मूल्य पूरे संविधान की वैचारिक रीढ़ हैं। ये मूल्य “हम भारत के लोग” द्वारा स्वयं को दी गई वह सामूहिक प्रतिबद्धता हैं जो प्रत्येक नागरिक को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी निरंतर स्मरण कराती है। संविधान का सच्चा सम्मान केवल औपचारिक आयोजनों से नहीं, बल्कि इन मूल्यों को अपने व्यवहार और सार्वजनिक जीवन में उतारने से होता है। भारत 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की 77वीं वर्षगांठ मना रहा है। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को अंगीकार किया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे देश की शासन व्यवस्था के रूप में लागू किया गया। यह वही ऐतिहासिक क्षण था, जब भारत औपनिवेशिक शासन की छाया से बाहर निकलकर एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप […] Read more » 26 जनवरी गणतंत्र दिवस
लेख गणतंत्र के सामने चुनौतियाँ : हमारा दायित्व January 25, 2026 / January 27, 2026 by शम्भू शरण सत्यार्थी | Leave a Comment शम्भू शरण सत्यार्थी गणतंत्र केवल शासन-प्रणाली का नाम नहीं है, यह एक जीवित चेतना है जो नागरिकों के आचरण, सोच और साहस से जीवित रहती है। 26 जनवरी 1950 को भारत ने स्वयं को गणराज्य घोषित करते हुए यह संकल्प लिया था कि सत्ता किसी व्यक्ति, वंश या वर्ग की बपौती नहीं होगी, बल्कि जनता […] Read more » गणतंत्र के सामने चुनौतियाँ
लेख ज्ञान-परंपरा से लौटती प्राचीन भारतीय गणतंत्र की गरिमा January 25, 2026 / January 27, 2026 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भः गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर विशेष आलेख-प्रमोद भार्गवदुनिया के गणतंत्रों में भारत प्राचीन गणतंत्रों में से एक है। यहां के मथुरा, पद्मावती और त्रिपुरी जैसे अनेक हिंदू राष्ट्र दो से तीन हजार साल पहले तक केंद्रीय सत्ता से अनुशासित लोकतांत्रिक गणराज्य थे। केंद्रीय मुद्रा का भी इनमें चलन था। लेकिन भक्ति, अतिरिक्त उदारता, सहिश्णुता, […] Read more » गणतंत्र दिवस 26 जनवरी