लेख स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में जीता पहाड़ का दर्द December 3, 2025 / December 3, 2025 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment उत्तराखंड के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र में बसे लमचूला गाँव का दृश्यमान सौंदर्य किसी चित्र की तरह मन मोह लेता है। परंतु इन पहाड़ियों के भीतर एक ऐसी सच्चाई छिपी है जिसे देखना जितना ज़रूरी है उतना ही कष्टकारी भी। Read more » पहाड़ का दर्द
लेख जल-जंगल-जमीन: हमारे अस्तित्व की अंतिम लड़ाई December 2, 2025 / December 2, 2025 by शम्भू शरण सत्यार्थी | Leave a Comment मनुष्य ने जब पहली बार धरती का सीना चीरकर खेती शुरू की, जब उसने बीज बोकर जीवन को सम्भालना सीखा. उसने पेड़ों की छाया और नदियों के किनारे सभ्यताएँ बसाईं. Read more » and Land: The Final Battle for Our Survival Forest water जल-जंगल-जमीन
लेख विधि-कानून पूर्व सीजेआई बी.आर.गवई द्वारा एससी-एसटी कोटा से क्रीमी लेयर को बाहर रखने समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर तर्कसम्मत बातें रखने के सियासी मायने December 2, 2025 / December 18, 2025 by कमलेश पांडेय | Leave a Comment अपने आधिकारिक आवास पर राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों के जागरूक पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में 52वें प्रधान न्यायाधीश गवई ने कहा कि वह संस्था को ‘‘पूर्ण संतुष्टि और संतोष की भावना के साथ’’ छोड़ रहे हैं और सेवानिवृत्ति के बाद कोई भी कार्यभार स्वीकार नहीं करने के अपने संकल्प पर कायम रहेंगे। Read more » पूर्व सीजेआई बी.आर.गवई
कविता उसूलों के लिए मर जाना…. December 1, 2025 / December 1, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment धन-दौलत क्या दे पाएगी, जब अंतर्मन ही हार जाए। उसूलों पर जो खड़ा रहे, वो हर तूफ़ाँ पार जाए। Read more » उसूलों के लिए मर जाना….
कविता भजन: श्री कृष्णा रासलीला December 1, 2025 / December 1, 2025 by नन्द किशोर पौरुष | Leave a Comment मु: ऐसी बंसी बजाई थी श्याम ने, तीनो लोको में मधुरस बरसने लगा। ब्रज मंडल में छाई वो मस्ती, Read more » भजन: श्री कृष्णा रासलीला
कविता इत्मिनान November 29, 2025 / December 9, 2025 by मुनीष भाटिया | Leave a Comment उम्मीदें अब व्यर्थ सी हैं लगती, न कोई अपना न कोई गैर। मन शांत हो ग़र भीतर से न रहती शिकायत न कोई वैर। Read more »
खान-पान पर्यावरण लेख इथियोपिया में फटा ज्वालामुखी, दिल्ली तक पहुँची ‘साइलेंट किलर काँच वाली’ राख November 27, 2025 / November 27, 2025 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment रामस्वरूप रावतसरे अफ्रीका के इथियोपिया में एक बड़ा ज्वालामुखी फटा है। इस ज्वालामुखी का नाम है हायली गुब्बी। यह ज्वालामुखी करीब 10 से 12 हजार साल बाद फटा है। विस्फोट के बाद राख का एक बड़ा बादल उठा। यह राख लगभग 4000 किलोमीटर दूर भारत तक आ गया है। राख का यह बादल 130 किलोमीटर प्रति घंटे की बहुत तेज रफ्तार से आया। यह […] Read more » 'silent killer glass' ash reaches Delhi Volcano erupts in Ethiopia
लेख विधि-कानून सार्थक पहल न्याय के शिखर पर हिंदी: सीजेआई की शपथ से खुला नई दिशा का द्वार November 27, 2025 / November 27, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत हिंदी में शपथ लेने वाले पहले मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बन गए। वास्तव में, प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत द्वारा हिंदी में शपथ लेने के गहरे निहितार्थ हैं। Read more » जस्टिस सूर्यकांत हिंदी में शपथ लेने वाले पहले मुख्य न्यायाधीश
कविता आज गए धर्मेंद्र जी… November 25, 2025 / November 25, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment क-एक कर जा रहे हैं, कोई उन्हें रोक न पाए। आज धर्मेंद्र जी भी चले, जग को बिना बताए। Read more » आज गए धर्मेंद्र जी
लेख विधि-कानून भारत की महानता का प्रमाण है संविधान November 25, 2025 / November 27, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment हमारे समाज में माना जाता है कि बच्चा जन्म से ही अपनी मुट्ठी में तकदीर लेकर आता है पर भारतीय समाज की संरचना में यह धारणा सटीक नहीं बैठती। जातियों के जंजाल में फंसे समाज में बच्चे की तकदीर Read more » संविधान दिवस
महिला-जगत लेख महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना सामूहिक जिम्मेदारी November 25, 2025 / December 18, 2025 by डॉ वीरेन्द्र भाटी मंगल | Leave a Comment वर्तमान दौर की उपलब्धियों के बावजूद महिलाओं के सामने चुनौतियां कम नहीं हुई हैं। यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर शोषण, दहेज प्रताड़ना और सार्वजनिक स्थानों पर असुरक्षा ये समस्याएँ लगातार सामने आती रहती हैं। Read more » Day for the Elimination of Violence against Women - 25 November महिलाओं के खिलाफ हिंसा उन्मूलन दिवस- 25 नवम्बर
कविता मैं पर्यावरण November 20, 2025 / November 20, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment मैं पर्यावरण आज का प्रदूषण की चादर में लिपट गया हूँ मानव मन की लालसा में असहाय अब कराह उठा हूँ ! Read more » मैं पर्यावरण