खेत-खलिहान स्वास्थ्य-योग प्रकृति और मानव की कीमत पर हरित क्रांति May 12, 2011 / December 13, 2011 by सरिता अरगरे | 4 Comments on प्रकृति और मानव की कीमत पर हरित क्रांति सरिता अरगरे सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में कीटनाशक एंडोसल्फान की बिक्री और उत्पादन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश देने संबंधी एक याचिका पर केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किए हैं। याचिकाकर्ता डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया ने न्यायालय से आग्रह किया कि वह केंद्र सरकार को मौजूदा रूप में एंडोसल्फान […] Read more » Green Revolution एंडोसल्फान
खेत-खलिहान कितने बलिदानों के बाद, चेतेगी भारत सरकार ? February 15, 2011 / December 15, 2011 by विश्वमोहन तिवारी | 3 Comments on कितने बलिदानों के बाद, चेतेगी भारत सरकार ? विश्वमोहन तिवारी (पूर्व एयर वाइस मार्शल) हम बड़े गर्व से कहते हैं कि हैं कि हम हरित क्रांति तथा दुग्ध क्रांति के युग में जी रहे हैं। हमें नहीं मालूम कि आज मानवों और कीटों के बीच भयंकर युद्ध हो रहा है। और चाहे हमारा अहंकार यह न मानने दे, किन्तु हम यह युद्ध उन […] Read more » Indian Government भारत सरकार
खेत-खलिहान रिकॉर्ड तोडेग़ा गेहूं ? February 13, 2011 / December 15, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment शादाब जफर ”शादाब” चालू सीजन वर्ष में गेंहू की अच्छी फसल को देखते हुए गेंहू की खरीद बढने की पूरी पूरी संभावना है। सरकार का इस बार गेंहू का खरीद लक्ष्य 260 लाख टन से अधिक रहने का अनुमान है। ऐसे में अनाज भंडारण को लेकर इस बार सरकार की हालत कुछ ज्यादा ही खराब […] Read more » Wheat गेहूं
आर्थिकी खेत-खलिहान देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण है जूट January 26, 2011 / December 16, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण है जूट राजेश मल्होत्रा जूट उद्योग का भारत की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है। यह पूर्वी क्षेत्र खासकर पश्चिम बंगाल के प्रमुख उद्योगों में एक है। स्वर्ण रेशा कहा जाने वाला जूट प्राकृतिक, नवीकरणीय, जैविक और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद होने के कारण सुरक्षित पैकेजिंग के सभी मानकों पर खरा उतरता है। ऐसा अनुमान है कि जूट […] Read more » Jute जूट
खेत-खलिहान जब कोई किसान आत्महत्या करता है January 22, 2011 / December 16, 2011 by संजय द्विवेदी | 6 Comments on जब कोई किसान आत्महत्या करता है अन्नदाता से को इस जाल से निकालने की जिम्मेदारी सत्ता और समाज दोनों की – संजय द्विवेदी यह सप्ताह दुखी कर देने वाली खबरों से भरा पड़ा है। मध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्याओं का सिलसिला चल रहा है। हर दिन एक न किसान की आत्महत्या की खबरों ने मन को कसैला कर दिया है। कर्ज […] Read more » Farmer Suicide आत्महत्या किसान
खेत-खलिहान किसान आत्महत्या: त्रासदी कहीं नियति न बन जाए January 21, 2011 / December 16, 2011 by के. एन. गोविंदाचार्य | 2 Comments on किसान आत्महत्या: त्रासदी कहीं नियति न बन जाए के. एन. गोविन्दाचार्य दिनांक 14 अक्टूबर, 2006 की दोपहर मैं ‘विदर्भ’ में कारेजा के निकट मनोरा तहसील के ‘इंजोरी’ गांव में गया। इस गांव के एक किसान ने आत्महत्या की थी। उसके परिवार से मिलना, सांत्वना देना मेरा मकसद था। शिवसेना के नेता श्री दिवाकर मेरे साथ थे। संत गजानन भी हमारे साथ चल रहे […] Read more » Farmers आत्महत्या किसान
खेत-खलिहान किसान बुद्ध का आह्नान! January 13, 2011 / December 16, 2011 by चैतन्य प्रकाश | 1 Comment on किसान बुद्ध का आह्नान! चैतन्य प्रकाश विराट सूना आकाश क्रीड़ांगन बन गया है। काले मेघों की चपल किल्लोल जारी है। जलभरे बादलों से पटा आकाश मनुष्यता के सौभाग्य का समर्थ प्रतीक बना है। सूरज और चांद भी छिप-छिप कर इस खेल का मजा ले रहे हैं। धरती मां का अखण्ड जलाभिषेक हो रहा है। धरत्रि उर्वरा है, पुनर्नवा है, […] Read more » Farmer किसान
खेत-खलिहान जिन्दा रहने के लिए किसान संगठित और रचनात्मक संघर्ष करे December 31, 2010 / December 18, 2011 by गौतम चौधरी | 3 Comments on जिन्दा रहने के लिए किसान संगठित और रचनात्मक संघर्ष करे गौतम चौधरी खेती कईली जीए-ला, बैल बिकागेल बीए-ला, यह लोकोक्ति मिथिला के ग्रामीण क्षेत्रों में खूब बोली जाती है। इसका अर्थ भी बताना चाहूंगा। किसान खेती करता है जीने के लिए लेकिन जब खेती करने के दौरान खेती का प्रधान औजार ही बिक जाये तो वैसी खेती करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। […] Read more » Farmer किसान
खेत-खलिहान मध्यप्रदेश में नहीं रुक रही किसान आत्महत्याएं December 30, 2010 / December 18, 2011 by रामबिहारी सिंह | Leave a Comment रामबिहारी सिंह मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार भले किसानों को खुशहाल और खेती को लाभ का धंधा बनाने की अपनी पुरानी रट दोहराते नहीं थकती, किन्तु यहां स्थिति इसके विपरीत है। मध्यप्रदेश के किसानों की हालत अन्य राज्य के किसानों की अपेक्षा अत्यंत दयनीय है। हालात यह हैं कि गरीबी और कर्ज के बोझ से […] Read more » Madhya pradesh किसान आत्महत्या मध्यप्रदेश
खेत-खलिहान किसानों के लिए लाभकारी आईसीटी परियोजना December 17, 2010 / December 18, 2011 by ऋचा कुलश्रेष्ठ | 2 Comments on किसानों के लिए लाभकारी आईसीटी परियोजना ऋचा कुलश्रेष्ठ मुरादाबाद में छजलैट के बैरमपुर गाँव निवासी हरबंस ने जब आईसीटी परियोजना के प्रशिक्षण में हिस्सा लिया था तब यह नहीं सोचा था कि यह प्रशिक्षण उनके जीवन का रुख ही बदल देगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें विकास खंड प्रभारी जितेंद्र कुमार ने धान का श्री पद्धति के बारे में बताया। हरबंस ने […] Read more » Dhan धान श्री पद्धति
खेत-खलिहान खेती में दूसरी हरित क्रान्ति December 17, 2010 / December 18, 2011 by डॉ. मनोज मिश्र | 1 Comment on खेती में दूसरी हरित क्रान्ति डॉ. मनोज मिश्र इस समय आबादी वृध्दि, औद्योगिकीकरण व अन्य कारणों से घटती जमीन, आर्थिक विकास तथा अन्तर्राष्ट्रीय चुनौतियों के कारण भारत की कृषि जबर्दश्त दबाब से गुजर रही है। सन् 1965 के आसपास गेहूं से लदे जहाज प्रतिदिन अमेरिका से भारत आ रहे थे तथा ‘सिप टू माऊथ’ की स्थिति के कारण हमारी दशा […] Read more » Green Revolution खेती हरित क्रांति
खेत-खलिहान राजनीति ममता का किसानों से पार्टटाइम प्रेम December 16, 2010 / December 18, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment जगदीश्वर चतुर्वेदी रेलमंत्री ममता बनर्जी का अशांत किसानप्रेम उन्हें अंधे गली में ले गया है। वे किसानहठ की शिकार हैं। किसानहठ राजनीतिक प्रतिगामिता को जन्म देता है। ममता का किसान से रोमैंटिक संबंध है। उसका किसान के हितों और भावबोध से कोई लेना-देना नहीं है। ममता के आंदोलन के कारण लालगढ़ और नंदीग्राम अशांति के […] Read more » mamta benerjee किसान ममता बनर्जी