खेत-खलिहान

कहीं आपकी जन्म कुंडली में व्यभिचारी जीवनसाथी मिलने के योग तो नहीं?

यदि जन्म कुंड़ली मे सप्तम भाव में राहु होने पर जीवनसाथी धोखा देने वाला कई स्त्री-पुरुष से संबंध रखने वाला व्यभिचारी होता हैं व विवाह के बाद अवैध संबंध बनाता है। उक्त ग्रह दोष के कारण ऐसा जीवनसाथी मिलता हैं जिसके कई स्त्री-पुरुष के साथ अवैध संबंध होते हैं। जो अपने दांपत्य जीवन के प्रति अत्यंत लापरवाह होते हैं।

फसल की अनिश्चिन्तताओं को दूर करता प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

सुवर्णा सुषमेश्वरी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था पर आधारित होने के कारण कृषि के विकास के लिए

कि‍सानों की आत्‍महत्‍या रोकने का रामबाण उपाय: जीरो बजट आध्‍यात्‍मि‍क कृषि

आवि‍ष्‍कारक: कृषि‍ ऋषि‍ श्री सुभाष पालेकर कृषि वैज्ञानिक, किसान और लेखक कृषि‍ ऋषि‍ श्री सुभाष