मनोरंजन विधि-कानून न्याय होता हुआ दिखेः तारीख़ पर तारीख़ की संस्कृति बदले September 1, 2025 / September 1, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- देश के सर्वाेच्च न्यायालय ने अपने 75 वर्ष का गरिमामय सफर पूरा किया है। यह केवल एक ऐतिहासिक पड़ाव नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की आत्मा को परखने का अवसर भी है। न्यायपालिका ने इन आठ दशकों में अनेक युगांतरकारी फैसले दिये, जिन्होंने संविधान की मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की। किंतु आज […] Read more » Justice should be seen to be done: The culture of date after date should change तारीख़ पर तारीख़ की संस्कृति बदले
लेख विधि-कानून जब न्याय के प्रहरी ही अपराधी बन जाएँ, तो कानून की आस्था कैसे बचे? August 23, 2025 / August 23, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment झूठे मुकदमे केवल निर्दोषों को पीड़ा नहीं देते, बल्कि न्याय तंत्र की नींव को भी हिला देते हैं। जब वकील ही इस व्यापार में शामिल होते हैं तो वकालत की गरिमा और न्यायपालिका की विश्वसनीयता दोनों पर गहरा आघात होता है। ऐसे वकीलों पर आपराधिक मुकदमे चलना अनिवार्य है ताकि कानून का दुरुपयोग रोका जा […] Read more » झूठे मुकदमे
मनोरंजन विधि-कानून ऑनलाइन गेमिंग बिल : “मनोरंजन, रोजगार और सामाजिक ज़िम्मेदारी के बीच संतुलन की तलाश August 23, 2025 / August 23, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को लेकर गहन बहस हुई। सरकार ने इसे समाज में जुए और लत जैसी प्रवृत्तियों को रोकने के लिए आवश्यक बताया, जबकि विपक्ष ने इसे रोजगार और उद्योग पर चोट मानते हुए संशोधन की माँग रखी। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिल केवल रियल-मनी गेमिंग और सट्टेबाज़ी […] Read more »
मनोरंजन विधि-कानून विकराल होते आनलाइन गेम पर नियंत्रण का कानून सराहनीय August 22, 2025 / August 23, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग-इंटरनेट के विस्तार ने आधुनिक दौर में जीवन को अनेक सुविधाएं दी हैं, लेकिन इसके साथ ही कुछ नए गंभीर संकट भी पैदा किए हैं। इनमें सबसे गंभीर संकटों में से एक है ऑनलाइन गेमिंग या कहें तो मनी गेमिंग की बढ़ती लत। यह सच है कि गेमिंग मनोरंजन का साधन हो सकती है, […] Read more » The law to control the growing online games is commendable आनलाइन गेम पर नियंत्रण का कानून
लेख विधि-कानून सड़क के कुत्तों को डॉग शेल्टर होम में रखने के सुप्रीम आदेश के व्यवहारिक मायने दिलचस्प August 15, 2025 / August 15, 2025 by कमलेश पांडेय | Leave a Comment कमलेश पांडेय माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने गत सोमवार को दिल्ली-एनसीआर के इलाकों से सड़क के कुत्तों को पकड़ने और उन्हें डॉग शेल्टर में रखने का निर्देश दिया है, उसके व्यवहारिक मायने दिलचस्प हैं जबकि कतिपय नेताओं व पशु प्रेमियों ने इस सुप्रीम आदेश की सड़क छाप मुखालफत शुरू कर दी है। देखा जाए तो यह […] Read more » डॉग शेल्टर होम
मनोरंजन लेख विधि-कानून आखिर कितना उपयोगी साबित होगा ओपन बुक असेसमेंट ? August 12, 2025 / August 12, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment सुनील कुमार महला आज हम इक्कीसवीं सदी में सांस ले रहे हैं और इस सदी की आवश्यकताओं के मद्देनजर हमारे देश में नई शिक्षा नीति-2025 भी लागू की गई है, जो कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का ही एक उन्नत रूप या संस्करण है, लेकिन इसमें भारतीय शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी, लचीला और कौशल आधारित(स्किल […] Read more » After all how useful will open book assessment ओपन बुक असेसमेंट
राजनीति विधि-कानून क्या अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि रोहिंग्या- शरणार्थी हैं या घुसपैठिए’ August 4, 2025 / August 4, 2025 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment रामस्वरूप रावतसरे सुप्रीम कोर्ट ने 31 जुलाई 2025 को कहा कि वह यह तय करेगा कि भारत में रह रहे अवैध रोहिंग्या ‘शरणार्थी’ माने जाएँगे या ‘अवैध घुसपैठिए’। कोर्ट में रोहिंग्या से जुड़े कई मामलों की सुनवाई हो रही है। जस्टिस सूर्यकांत, दीपांकर दत्ता और एन. कोटिश्वर सिंह की तीन जजों की पीठ ने कहा कि यह मामला अब तीन दिनों […] Read more » रोहिंग्या- शरणार्थी हैं या घुसपैठिए
राजनीति विधि-कानून बिहार को लेकर ‘सुप्रीम’ निर्णय August 1, 2025 / August 8, 2025 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment बिहार विधानसभा का चुनाव के दृष्टिगत सभी के भीतर इस बात को लेकर कौतूहल है कि वहां सरकार का नेतृत्व कर रहे नीतीश कुमार अगली बार फिर सत्ता में लौटेंगे या नहीं ?दूसरे, यहां मोदी का जादू चलता है या नहीं? तीसरे, लालू की लालटेन यहां जलेगी या फिर राहुल गांधी कुछ विशेष कर पाएंगे […] Read more » 'Supreme' decision regarding Bihar
मनोरंजन विधि-कानून निरंकुश अभिव्यक्ति से जुड़े सुप्रीम फैसलों का स्वागत हो July 18, 2025 / July 18, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग-सुप्रीम कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आजादी एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एंटी सोशल अभिव्यक्ति की सुनवाई करते हुए समय-समय पर जो कहा, वह जहां संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिहाज से खासा अहम है वहीं एक संतुलित एवं आदर्श राष्ट्र एवं समाज व्यवस्था का आधार भी है। सोशल मीडिया मंचों पर एंटी सोशल अभिव्यक्ति […] Read more » निरंकुश अभिव्यक्ति से जुड़े सुप्रीम फैसलों का स्वागत
लेख विधि-कानून समाज यौन हिंसा पर सख्त कानून के बावजूद आखिर अपराधों में कमी क्यों नहीं आ रही ? July 18, 2025 / July 18, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment हाल ही में ओडिशा के बालेश्वर जिले के एक कॉलेज में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यौन उत्पीड़न से परेशान होकर बी.एड की एक छात्रा ने खुद को आग लगा ली थी और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे राज्य […] Read more »
राजनीति विधि-कानून भारतीय चुनावी लोकतंत्र की रीढ़ है-अनुच्छेद 326 July 15, 2025 / July 15, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment हाल ही में बिहार वोटर लिस्ट रिवीजन में एक बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वोटर लिस्ट में नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों के नाम पाए गए हैं। पाठकों को बताता चलूं कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान निर्वाचन आयोग में उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, […] Read more » अनुच्छेद 326
लेख विधि-कानून सुप्रीम कोर्ट -किशोरों के बीच सहमति के संबंधों में पोक्सो एक्ट के तहत जेल क्यों? May 29, 2025 / May 29, 2025 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment रामस्वरूप रावतसरे सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रकरण की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से कहा है कि किशोरों के बीच सहमति से बनने वाले प्रेम-संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और देश में यौन व प्रजनन स्वास्थ्य शिक्षा (सेक्स एजुकेशन) की नीति बनाने पर विचार करना चाहिए। ऐसा इसलिए ताकि किशोरों को प्रोटेक्शन […] Read more » Supreme Court- Why jail under POCSO Act in consensual relationships between teenagers