मीडिया प्रसारण परंपरा पर कुछ प्रतिक्रिया February 29, 2016 by बी एन गोयल | 2 Comments on प्रसारण परंपरा पर कुछ प्रतिक्रिया बी एन गोयल इस माला की अगली कड़ी प्रारम्भ करने से पहले कुछ मित्र पाठकों की बात करना चाहता हूँ. इनमित्रों ने पिछली कड़ियों को लेकर कुछ प्रतिक्रियाएँ भेजी हैं.कुछ मित्रों ने प्रश्न भी किये हैं. इनसब ने ई- मेल से अपनी बात कही है.पूरी मित्र मंडली को मैं दो भागों में देखता हूँ – […] Read more » Featured प्रसारण परंपरा पर कुछ प्रतिक्रिया
मीडिया विविधा अंधेरे में लोकतंत्र का ‘चौथा स्तंभ’ ? February 29, 2016 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री देश के स्वयंभू ‘लोकतंत्र के चौथे स्तंभ’ में एक भूचाल सा आया दिखाई दे रहा है। जिस मीडिया से आम जनता यह अपेक्षा रखती है कि वह उसके सामने समाचारों को निष्पक्षता के साथ पेश करेगा और किसी समाचार या घटना की निष्पक्ष प्रस्तुति के पश्चात यह निर्णय जनता के विवेक पर छोड़ […] Read more » Featured fourth pillar of democracy is in darkness अंधेरे में लोकतंत्र का ‘चौथा स्तंभ’ ?
मीडिया विविधा परम्पराएँ प्रसारण की (2) – दोछोर February 20, 2016 / February 20, 2016 by बी एन गोयल | 2 Comments on परम्पराएँ प्रसारण की (2) – दोछोर बी एन गोयल मुझे श्री बी एस आनंद प्रायः याद आते हैं – उन के साथ कभी काम नहीं किया. वे जलंधर में थे और मैं अहमदाबाद में. लेकिनबहुत बार उन से उन के संस्मरण सुने. पहली भेंट उन से हुई जब वे रिटायर हो करस्टाफ ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में लेक्चर देने के लिए आये […] Read more » Featured परम्पराएँ प्रसारण की
मीडिया विविधा परम्पराएँ प्रसारण की (5) रोहतक केंद्र February 11, 2016 by बी एन गोयल | 1 Comment on परम्पराएँ प्रसारण की (5) रोहतक केंद्र बी एन गोयल आपात काल की एक और घटना- उस समय के देश के प्रमुख नेताश्री बंसी लाल रक्षा मंत्री हरियाणा से थे लेकिन हरियाणा का उस समय तक कोई क्षेत्रीय आकाशवाणी केंद्र नहीं था क्योंकि उस समय तक प्रदेश की राजधानी पर कोई निर्णय नहीं हुआ था. कुछ शहरों के नाम पर रस्साकशी चल […] Read more » Featured परम्पराएँ प्रसारण की रोहतक केंद्र
मीडिया राजनीति सवाल से कैसा डर कलक्टर साहिबा ?? February 11, 2016 by अनिल द्विवेदी | 1 Comment on सवाल से कैसा डर कलक्टर साहिबा ?? अनिल द्विवेदी प्रशासन का अहंकारी दुरूपयोग करके यदि कुछ लोग मीडिया पर नकेल कसना चाहते हैं तो उन्हें आपातकाल के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का हश्र याद रखना चाहिए। जवाबदेह प्रशासन की उम्मीद के बीच एक महिला आइएएस यदि सेल्फी लेने के आरोप में नौजवान को जेल भेज देती है तो इस पर जवाब […] Read more » Featured यूपी के बुलंदशहर की कलेक्टर बी. चंद्रकला
मीडिया विविधा परम्पराएँ प्रसारणकी (4) आपात काल February 9, 2016 by बी एन गोयल | 2 Comments on परम्पराएँ प्रसारणकी (4) आपात काल बी एन गोयल इस से पहली कड़ी में आपात काल के दौरान सह सचिव आर एन प्रसाद और चटर्जी साब कीबात चीत के अंश थे. आज बात करते हैं इस की पृष्ठ भूमि की – 25 जून 1975 को आपातकाल लागु होने से देश का एक तरह से नक्शा ही बदल गया था.सत्ता और सुरक्षा […] Read more » आपात काल परम्पराएँ प्रसारणकी
मीडिया विविधा शख्सियत परम्पराएँ प्रसारण की February 2, 2016 by बी एन गोयल | Leave a Comment बी एन गोयल एकसमय ऐसा था जब सामाजिक औरसांस्कृतिकदृष्टि से आकाशवाणी के स्टेशन डायरेक्टरकोएक सम्मानित उच्च पदासीन अधिकारी माना जाता था. इन का मान सम्मान था. प्रादेशिक केन्द्रों जैसे लखनऊ, अहमदाबाद, चेन्नई(मद्रास), मुंबई, पटनाआदि के निदेशक प्रदेश के सभी सरकारी (राज्यपाल अथवा मुख्य मंत्री द्वारा आयोजित) समारोह में एक नियम और प्रोटोकोल के अनुसार निमंत्रित […] Read more » Featured परम्पराएँ प्रसारण की
मीडिया विविधा देश में अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है ? January 24, 2016 by डा. अरविन्द कुमार सिंह | 7 Comments on देश में अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है ? डा. अरविन्द कुमार सिंह ऽ कश्मीर में भारत का झण्डा जलाया जाता है – अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है ? ऽ भारत विरोधी नारे लगाये जाते है – अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है ? ऽ भारत माता डायन है – आजम खान – अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है ? ऽ विधान सभा में नेताजी अश्लील […] Read more » Featured अभिव्यक्ति की आजादी देश में अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है ?\
मीडिया मन की बंद खिड़की January 18, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार मेरी सवालिया बेटी के आज एक और सवाल ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया। उसका मासूम सा सवाल था कि क्या चाय पीने से दिल की दूरियां खत्म हो जाती है? सवाल गहरा था और एकाएक जवाब देना मेरे लिए थोड़ा मुश्किल था लेकिन मेरा संकट यह था कि तत्काल जवाब नहीं […] Read more »
मीडिया विविधा भारत में ई-जर्नलिज्म का विकास January 17, 2016 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान भारत जैसे विकासशील देश में, बड़े शहरों और जिला स्तर तक तो इंटरनेट की सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन आज भी गांव-देहातों में रहने वाले करोड़ों लोग इससे वंचित हैं। भारत में तेजी से फैलते इंटरनेट के जाल के बावजूद भी ज्यादातर जनसंख्या इंटरनेट सुविधाओं से दूर है। सवा अरब की आबादी वाले भारत […] Read more » development of e journalism e journalism Featured rise of e journalism भारत में ई-जर्नलिज्म का विकास
जन-जागरण मीडिया विविधा साक्षात्कार नरेन्द्र यादव की तकनीकि एमटीएनएल के लिये नजीर बन गयी January 5, 2016 by अरूण पाण्डेय | 3 Comments on नरेन्द्र यादव की तकनीकि एमटीएनएल के लिये नजीर बन गयी ज्यादा समय नही कुछ महीनों पहले की बात है, हर कोई एमटीएनएल के लैंडलाइन टेलीफोन कनेक्शन से अपना पीछा छुडाने में लगा था । कारण था कि कभी फोन खराब है, तो कभी लाइन खराब है , कभी तार टूट गया है , बार बार जाने पर कहा जाता था कि अपना तार लेकर आओ […] Read more » Featured Narendra Yadav of MTNL एमटीएनएल नरेन्द्र यादव नरेन्द्र यादव की तकनीकि
मीडिया विविधा कर्तव्यों व जि़म्मेदारियों पर भारी पड़ती टीआरपी की होड़ January 3, 2016 / January 3, 2016 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on कर्तव्यों व जि़म्मेदारियों पर भारी पड़ती टीआरपी की होड़ तनवीर जाफ़री मीडिया को समाज का दर्पण माना जाता है। हमारे भारतीय लोकतंत्र मे तो इसे गैर संवैधानिक तरीक़े से ही सही परंतु इसकी विश्वसनीयता तथा जि़म्मेदारी के आधार पर इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की संज्ञा से नवाज़ा गया है। अख़बारों में छपने वाली खबरें अथवा रेडियो या टीवी पर प्रसारित होने वाले समाचार […] Read more » Featured कर्तव्यों व जि़म्मेदारियों पर भारी पड़ती टीआरपी की होड़