राजनीति विकसित @2047 के लिए युवा January 16, 2026 / January 16, 2026 by डॉ.बालमुकुंद पांडेय | Leave a Comment डॉ. बालमुकुंद पांडे विकसित भारत की संकल्पना युवाओं के रचनात्मक कार्य क्षमता एवं रचनात्मक संरचनात्मक ऊर्जा से ही संभव है । भारतवर्ष वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक युवा आबादी वाला राष्ट्र हैं जिसमें देश की 28.2% यानी 40 करोड़ आबादी ‘ 15- 29’ आयु – वर्ग की हैं । यह आयु – वर्ग नवाचार ,विकास, ग्राहय एवं अधिगम के लिए सर्वाधिक उपर्युक्त आयु होती है। राष्ट्र के इस ऊर्जावान युवा वर्ग में राष्ट्र के उत्थान एवं प्रत्येक भारतीयों के जीवनस्तर को गुणात्मक बनाए रखने की क्षमता, धारिता, और योग्यता होती है। युवाओं के सक्रिय भागीदारी एवं ऊर्जावान दक्षता से राष्ट्र को सामाजिक ,आर्थिक, एवं राजनीतिक(राजनैतिक) समृद्धि के लिए उत्प्रेरित करने की अनंत ,असीमित ,अपार एवं असीम क्षमता होती है। युवाओं को बौद्धिक ईमानदारी, सामाजिक समावेशिता, राष्ट्रीय जिम्मेदारी एवं राष्ट्रीय मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए। इनके शिक्षा का उद्देश्य ‘ आत्मनिर्भर’ बनना है। युवाओं की संकल्प, संकल्पित क्षमता, ऊर्जा एवं नवाचार के द्वारा “विकसित भारत @2047” को प्राप्त कर लेंगे। भारत के युवाओं में इस संकल्प को साकार करने की असीमित क्षमता है। देश के युवाओं में सांस्कृतिक अभिव्यक्ति एवं बौद्धिक विमर्श का जीवंत क्षमता है। विकसित भारत के निर्माण के प्रति युवाओं की प्रतिबद्धता एवं समर्पण असाधारण हैं। नवीन विचारों को ग्राह्म करने की युवाओं में अपार संभावनाएं और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवा शक्ति समर्पित है। विश्वविद्यालयों,महाविद्यालयों, कॉलेजों, एवं स्कूलों में ‘ युवा संगम ‘,’ विमर्श संगोष्ठी’ ,’ व्याख्यान श्रृंखलाएं’ एवं ‘ नेतृत्व क्षमता अभ्यास कार्यक्रम ‘ होने से युवाओं में अभिप्रेरणा ,उनमें इन कार्यक्रमों के प्रति मनोबल, ऐसे व्याख्याताओं की तरह बनने की ललक एवं नेतृत्व क्षमता अभ्यास के द्वारा व्यक्तित्व- निर्माण के लिए अपार संभावनाएं होती हैं जो युवाओं के ऊर्जा को बौद्धिक क्षितिजीकरण करके चरित्र – निर्माण ,व्यक्ति – निर्माण एवं राष्ट्र- निर्माण में प्रेरित करते हैं। इन सकारात्मक प्रयासों के संकलित प्रभाव से युवाओं में विकास भावना को उन्नयन करने में सहयोग ली जा रही है जो भविष्य में एक प्रकार से सतत विकास की मानवीय पूंजी सृजित करता है। इन शैक्षणिक निकायों से ऊर्जावान उद्दीपक निकालकर समाज, राज्य ,एवं राष्ट्र में सकारात्मक योगदान करते हैं । भारत असीम, अपार, एवं असीमित संभावनाओं का राष्ट्र हैं,जिससे समय-समय पर ऊर्जावान नेतृत्व निकलते हैं, जो देश एवं काल में राष्ट्र में महनीय भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में युवा प्रतिभाओं को विकसित भारत के निर्माण में सहयोग के लिए प्रेरित करके उनके ऊर्जा का सदुपयोग किया जा सकता है। युवाओं की नेतृत्व एवं भागीदारी समाज के विकास व राष्ट्र – निर्माण में सक्रिय सहभागिता एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को उन्नयन करने के लिए अतिमहत्वपूर्ण होती है। युवा नवीनता एवं परिवर्तन की अत्यधिक ऊर्जा रखते हैं जिससे सामाजिक समस्याओं के समाधान, सामाजिक समस्याओं के समाधान के वाहक, सामाजिक परिवर्तन के चालक एवं प्रेरणादायक व प्रभावशाली भूमिका प्रदान करते हैं। भारत के युवा आबादी भारत की बड़ी मानवशक्ति हैं, जो समस्याओं के समाधान के प्रति नवोन्मेष दृष्टि अपनाते हैं। युवाओं के भीतर उत्साह व कार्य करने का जुनून होता है, उनके भीतर परिश्रम करने की क्षमता होती है, सपने साकार करने का मनोबल होता है। उनके कार्य के परिणाम से मिली सफलता देश की सफलता होती है। देश ने विगत 11 वर्षों से “विकसित भारत @2047″का संकल्प लिया है। इसकी संपूर्ति में सबसे ज्यादा योगदान युवाओं की है। युवाओं का सशक्तिकरण विकसित भारत की प्राथमिकता है। 2024 में देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 1213 हो गई है। यह विस्तार राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के बेहतर एवं गुणात्मक क्रियान्वयन के लिए हुआ है। उच्च शिक्षण संस्थानों की संख्या 59000 हो गई है जिससे अधिकांश युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए बेहतरीन संस्थाएं उपलब्ध हो रहे हैं। पिछले 11 वर्षों में चिकित्सा शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन हुआ है । मेडिकल कालेजों की संख्या 387 से बढ़कर 780 हो गई है और मेडिकल सीटों में 130% की वृद्धि हुई है। आईआईटी और आईआईएम की संख्या भी क्रमशः 23 एवं 20 हो गए हैं जिससे शीर्ष स्तर की शिक्षा तक पहुंच सरल हो गया है। इस तीव्र बदलाव का परिणाम हुआ है कि नूतन पीढ़ी के तकनीशियन ,प्रबंधन विशेषज्ञ और चिकित्सा विशेषज्ञ प्राप्त हुए हैं जो राष्ट्र की सेवा लगन से कर रहे हैं । भारतीय विश्वविद्यालय QS रैंकिंग में उच्च स्थान प्राप्त कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भारतीय युवा वैज्ञानिकों ने नवोन्मेष व विकास में नूतन योगदान दे रहे हैं। अद्यतन में कानपुर आईआईटी के युवा वैज्ञानिकों ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण की समस्या से निजात के लिए महत्वपूर्ण एवं ऊर्जावान प्रयास करके समस्या के समाधान की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं। अतीत से वर्तमान समय तक युवाओं ने सामाजिक जिम्मेदारी की भूमिका में सक्रिय सहयोग दिया है। युवा देश के विकास में ईमानदारी से कार्य कर रहे है जो देश के विकास में उनकी भूमिका का संकलन है। युवाओं का इस समाज व देश के प्रति संकल्पित सामाजिक जिम्मेदारी है, जिनको संपूरित करना उनका नैतिक कर्तव्य है। नूतन ऊर्जा से भरा सकारात्मक चिंतन एवं चरित्रवान अवयव से देश को ऊंचाइयों तक ले जा रहे है। भारत में संयुक्त राज्य अमेरिका की संपूर्ण आबादी से ज्यादा युवा आबादी रहती है। युवा देश के ईमानदार प्रत्याशी चुनकर सभ्य नागरिक समाज के निर्माण में रचनात्मक भूमिका निभा सकते है। राष्ट्र- निर्माण में युवाओं की भूमिका सराहनीय एवं मूल्यवान रहा है। युवाओं का योगदान रोजगार के अवसरों का सदुपयोग करके भारत को वैश्विक स्तर पर एक कुशल राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में है। नूतन सोच व भरपूर ऊर्जा के साथ सामाजिक समस्याओं को हल करना, नवोन्मेष,नवाचार एवं तकनीकी कौशल का अनुप्रयोग करके समस्याओं का समाधान करना सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय सहयोग करना है। लैंगिक विषमता को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाने एवं सामुदायिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से सहयोगी होना युवाओं के सामाजिक आभार का घटक है।भारत में नवाचार संस्कृति में गुणात्मक वृद्धि हुआ है। जुलाई, 2025 तक प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत लगभग 1.63 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिसमें 45% महिलाएं भी हैं। इसके अंतर्गत डिजिटल कौशल, हरित तकनीकी, AI ,एवं रोबोटिक्स जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों पर जोर दिया गया है। इसका लक्ष्य है कि 2026 तक 4 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देकर “आत्मनिर्भर भारत” निर्माण में सहयोग करना है। भारत के युवाओं ने अपने रचनात्मक ऊर्जा एवं कौशल से विकसित भारत के निर्माण में भूमिका निभा रहे हैं । इनकी भूमिका सामाजिक क्षेत्र ,राजनीतिक क्षेत्र,एवं अन्य क्षेत्रों में सराहनीय है। अपने शारीरिक परिश्रम एवं नवोन्मेषी सोच से विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका सिद्ध हो सकता है। लेखक सामयिक विषयों एवं इतिहास पर गंभीर पकड़ रखते हैं।इनका निम्न सुझाव है:- 1. युवाओं के भीतर नवोन्मेष,नवाचार एवं विकास के प्रति गंभीर अवधारणा होती है। 2. भारत में ‘ जेन जी’ अपने रचनात्मक ऊर्जा को संरचनात्मक पहलुओं में अनुप्रयोग कर रहे हैं। 3. युवा वर्ग अपने कार्यदाई क्षमता एवं पहलकारी कार्यों से भारत को नवीनता की ओर अग्रसर कर रहे हैं। 4. सामाजिक क्षेत्रों,आर्थिक क्षेत्रों एवं राजनीतिक क्षेत्रों में युवाओं का अवदान उच्चतर स्तर का है। डॉ. बालमुकुंद पांडे Read more » विकसित @2047 के लिए युवा
राजनीति व्यंग्य नंबर वन का ‘अमृत’ और नरक का ड्रेनेज January 16, 2026 / January 16, 2026 by विवेक रंजन श्रीवास्तव | Leave a Comment विवेक रंजन श्रीवास्तव इंदौर में इन दिनों गजब का द्वंद्व चल रहा है। एक तरफ आसमान से टपकती स्वच्छता की ‘नंबर वन’ की ट्राफियां हैं और दूसरी तरफ जमीन फाड़कर निकलता ‘भागीरथपुरा’ का सच। सूचना मिली है कि प्रशासन ने अपनी चिर-परिचित फुर्ती दिखाते हुए कुछ अधिकारियों का ‘स्थानांतरण’ कर दिया है। वाह! क्या गजब […] Read more » नरक का ड्रेनेज
राजनीति विश्ववार्ता ईरान की उथल-पुथल एवं अमेरिका से टकराव गंभीर चुनौती January 16, 2026 / January 16, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- ईरान में बार-बार उभरती उथल-पुथल केवल किसी एक घटना, किसी एक फैसले या किसी एक पीढ़ी का आक्रोश नहीं है, बल्कि यह उस ऐतिहासिक, वैचारिक और भू-राजनीतिक संरचना की परिणति है, जिसने 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से इस देश को आकार दिया है। आज जब सड़कों पर विरोध के दृश्य, सोशल […] Read more »
महत्वपूर्ण लेख राजनीति राष्ट्र की सुरक्षा, संप्रभुता और आत्मसम्मान की अडिग प्रहरी January 14, 2026 / January 14, 2026 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment भारतीय सेना देश की सीमाओं की रक्षा करने वाली सबसे विश्वसनीय और संगठित संस्थाओं में से एक है। उत्तर में हिमालय की बर्फीली चोटियों से लेकर पश्चिम के रेगिस्तानी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर के दुर्गम पहाड़ी इलाकों तक, भारतीय सैनिक कठिनतम परिस्थितियों में तैनात रहते हैं। अत्यधिक ठंड, भीषण गर्मी, दुर्गम भौगोलिक स्थिति Read more » 15 जनवरी: भारतीय सेना दिवस Indian Army Day January 15: Indian Army Day भारतीय सेना दिवस
राजनीति वंदे मातरम पर बवाल क्यों ? January 14, 2026 / January 14, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment वेद मनुष्य को शिक्षा देता है कि वह ' सामूहिक कल्याण' पर ध्यान केंद्रित करे। जब वेद ने अपना ' संगठन सूक्त' बनाकर हमको दिया तो उसमें संपूर्ण विश्व के मानव समाज से यह अपेक्षा की गई कि वह सब के कल्याण के लिए अर्थात सामूहिक कल्याण के लिए अपने आप को समर्पित करे। उसका चिंतन वैश्विक चिंतन हो। Read more » विश्व कल्याण और वंदेमातरम स्वराज्य
राजनीति वंदे मातरम पर बवाल क्यों ? January 14, 2026 / January 14, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment हमने अपनी मातृभूमि के प्रति भी श्रद्धा का भाव रखा। उस पर मर मिटने का भाव रखा। बलिदान देने का भाव रखा। क्योंकि हमारी मातृभूमि हमको जीवन देती है। जीने के सारे साधन देती है। उन साधनों से ही हमारी साधना पूर्ण होती है और उन साधनों के बल पर ही हमें मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस प्रकार मातृभूमि हमारे धर्म की Read more » वंदे मातरम पर बवाल
राजनीति ‘भजन-राज’ यानी ‘भरोसे के शासन’ में राजस्थान के नये आयाम January 14, 2026 / January 14, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment मुख्यमंत्री पद संभालते ही भजनलाल शर्मा ने यह साफ कर दिया कि वे सत्ता को साधन मानते हैं, साध्य नहीं। उनका एजेंडा कुर्सी बचाने का नहीं, बल्कि व्यवस्था बदलने का है। राजस्थान लंबे समय तक गुटीय राजनीति, शक्ति-संतुलन और पर्दे के पीछे चलने वाले समीकरणों से जूझता रहा है। सत्ता के भीतर ही सत्ता को चुनौती देने Read more » भजन-राज भजनलाल शर्मा
राजनीति विश्ववार्ता पाकिस्तान की राह पर जाता बांग्लादेश भारत के प्रति फैला रहा घृणा January 12, 2026 / January 12, 2026 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment भारत ने इन घटनाओं पर खुलकर चिता जरूर जताई है लेकिन क्या हम लाचार हैं वहां के हिंदू युवकों की हत्या होते देखने के लिए । आखिर क्या कारण है कि वहां अल्पसंख्यक समाज खासकर हिंदू एक से बढ़कर एक वीभत्स अत्याचार और दुर्दांत मौत का शिकार हो रहा है। बांग्लादेश में हिदू आबादी करीब 7 प्रतिशत है। Read more » पाकिस्तान की राह पर जाता बांग्लादेश बांग्लादेश
राजनीति भारत बनेगा ब्लू इकोनॉमी का पावर हाउस January 8, 2026 / January 8, 2026 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment वैश्विक स्तर पर जहाज निर्माण में चीन, दक्षिण कोरिया और जापान का दबदबा है और ये तीन देश मिलकर 95 प्रतिशत से ज्यादा जहाज बनाते हैं। भारत का हिस्सा सिर्फ 0.1 प्रतिशत से भी कम है और वैश्विक रैंकिंग में 20वें स्थान के आसपास है। Read more » भारत बनेगा ब्लू इकोनॉमी
राजनीति विश्ववार्ता अपने हितों के लिए पूरी दुनिया का चौधरी बनने की कोशिश में अमेरिका January 5, 2026 / January 5, 2026 by प्रवीण दुबे | Leave a Comment वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं। यही तथ्य उसे अमेरिका की नजर में रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है। 1999 में ह्यूगो चावेज़ के सत्ता में आने के बाद वेनेजुएला ने संसाधनों पर राज्य का नियंत्रण बढ़ाया और अमेरिकी प्रभाव से दूरी बनाई। यहीं से टकराव की शुरुआत हुई। Read more » वेनेजुएला
राजनीति विश्ववार्ता क्या सोमालीलैंड को मान्यता देकर इजरायल अपने हित साधने में सफल होगा ? January 5, 2026 / January 5, 2026 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment इज़राइल द्वारा 26 दिसंबर 2025 को सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में आधिकारिक मान्यता देने वाला पहला देश बन गया है। यह पहली बार है जब किसी देश ने सोमालीलैंड को उसकी 1991 की स्वतंत्रता घोषणा के बाद आधिकारिक रूप से मान्यता दी है। सोमालिया से 34 साल पहले इसने खुद को आजाद घोषित किया था। इजरायल का ये निर्णय न केवल अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र में कूटनीतिक समीकरणों को प्रभावित करेगा, बल्कि इजराइल की विदेश नीति में भी एक बड़े बदलाव को यह दर्शाता है। Read more » सोमालीलैंड को मान्यता
राजनीति विश्ववार्ता वेनेजुएला घटनाक्रम : हतप्रभ दुनिया, बेलगाम ट्रंप January 5, 2026 / January 5, 2026 by डॉ घनश्याम बादल | Leave a Comment डॉ घनश्याम बादल लोकतंत्र के स्वयं भू ठेकेदार और दुनियाभर में थानेदारी करने वाले अमेरिका ने जिस तरीके से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी सिलविया फ्लोरेस के साथ बेडरूम से घसीट कर, बंधक बनाकर हाथों में हथकड़ियां और पैरों में बेड़ियां डालकर डिटेंशन सेंटर में रखा है, वह एक तानाशाह, वैध या […] Read more » Trump unbridled Venezuelan events: World stunned वेनेजुएला घटनाक्रम